
बिलासपुर शहर में बोर्ड परीक्षाओं के मद्देनजर पुलिस प्रशासन ने शोर-शराबे के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। हाई कोर्ट की सख्ती और छात्रों की पढ़ाई में खलल न पड़े, इसे देखते हुए एसएसपी के आदेश पर विशेष चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है। आरटीओ को भी निर्देश दिए गए हैं कि सड़क पर दौड़ रहे उन मॉडिफाइड वाहनों पर नजर रखें जिनमें नियमों के खिलाफ जाकर बड़े-बड़े साउंड सिस्टम लगाए गए हैं। प्रशासन का लक्ष्य परीक्षा के दौरान शांत माहौल सुनिश्चित करना है।
12 से ज्यादा डीजे वाहन पुलिस के कब्जे में
बीते कुछ दिनों में पुलिस ने शहर के विभिन्न इलाकों में छापेमारी कर 12 से अधिक ऐसे डीजे वाहनों को जब्त किया है जिनमें क्षमता से कहीं ज्यादा तेज आवाज वाले स्पीकर फिट किए गए थे। पुलिस ने स्पष्ट कर दिया है कि केवल जुर्माना भरकर काम नहीं चलेगा, बल्कि नियमों को ताक पर रखने वाले संचालकों के वाहन राजसात भी किए जा सकते हैं। रात 10 बजे के बाद डीजे बजाने पर अब पूरी तरह पाबंदी लगा दी गई है।

छात्रों की एकाग्रता के लिए सख्त हुए नियम
छत्तीसगढ़ बोर्ड की परीक्षाएं फरवरी और मार्च महीने में आयोजित होनी हैं। 10वीं की परीक्षा 21 फरवरी से 13 मार्च तक और 12वीं की परीक्षा 20 फरवरी से 18 मार्च 2026 तक चलेगी। पुलिस विभाग का कहना है कि यह समय विद्यार्थियों के लिए बेहद संवेदनशील है, इसलिए किसी भी प्रकार का शोर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। रिहायशी इलाकों में ध्वनि विस्तारक यंत्रों के उपयोग पर विशेष निगरानी रखी जा रही है।
डीजे संचालकों और मैरिज हॉल को चेतावनी
प्रशासन ने डीजे संचालकों और मैरिज गार्डन के मालिकों को नोटिस जारी कर सख्त हिदायत दी है। नियमों के मुताबिक निर्धारित डेसिबल से अधिक आवाज होने पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने आम जनता से भी अपील की है कि अगर उनके आसपास रात 10 बजे के बाद नियमों का उल्लंघन होता है, तो वे तुरंत कंट्रोल रूम को सूचना दें। कार्रवाई के दौरान पकड़े गए वाहनों को लंबे समय तक पुलिस थानों में खड़ा रखा जा रहा है ताकि भविष्य में ऐसी गलती न हो।
अभियान को मिल रहा जनता का समर्थन
पुलिस की इस कार्रवाई से अभिभावकों और छात्रों ने राहत की सांस ली है। देर रात तक बजने वाले डीजे के कारण न केवल पढ़ाई प्रभावित होती थी, बल्कि बुजुर्गों के स्वास्थ्य पर भी बुरा असर पड़ता था। एसएसपी ने बताया कि यह अभियान केवल कुछ दिनों के लिए नहीं है, बल्कि पूरी परीक्षा अवधि के दौरान पुलिस टीमें सक्रिय रहेंगी। ध्वनि प्रदूषण के मानकों का पालन न करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।
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