
राजधानी रायपुर में राष्ट्रीय स्तर की ग्रेजुएट एप्टीट्यूड टेस्ट इन इंजीनियरिंग (GATE) परीक्षा में हाईटेक नकल कराने वाले एक बड़े गिरोह का भंडाफोड़ हुआ है। पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि सरोना स्थित ‘आयन डिजिटल ज़ोन’ (Ion Digital Zone) परीक्षा केंद्र में कुछ लोग परीक्षार्थियों को इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के जरिए अनुचित लाभ दिलाने की फिराक में हैं। सूचना मिलते ही पुलिस की संयुक्त टीम ने घेराबंदी की और सरोना परीक्षा केंद्र के पास से संदिग्धों को दबोच लिया। इनके पास से ब्लूटूथ और कई अत्याधुनिक डिवाइस बरामद किए गए हैं।

ब्लूटूथ और गूगल सर्च का घातक नेटवर्क
पुलिस की पूछताछ में इस गिरोह के काम करने का चौंकाने वाला तरीका सामने आया है। आरोपियों ने परीक्षा केंद्र के भीतर बैठे अभ्यर्थियों को बेहद सूक्ष्म ब्लूटूथ डिवाइस उपलब्ध कराए थे। अभ्यर्थी प्रश्न पढ़कर बाहर बैठे अपने साथियों तक पहुंचाते थे, जिसके बाद बाहर बैठे ये ‘मास्टरमाइंड’ गूगल सर्च के जरिए तुरंत उत्तर निकालकर वापस ब्लूटूथ पर भेज देते थे। इस पूरी साजिश के बदले परीक्षार्थियों से मोटी रकम का सौदा किया गया था। पुलिस ने अभ्यर्थियों की तलाशी ली तो उनके पास से भी डिवाइस बरामद हुए।
हरियाणा से जुड़े गिरोह के तार
गिरफ्तार किए गए सभी 6 आरोपी हरियाणा के अलग-अलग जिलों के रहने वाले हैं। पकड़े गए आरोपियों में दर्शन सहवाग, सुमित सहवाग, लक्ष्मीनारायण उर्फ लक्की, अमर, नरेंद्र कुमार और बंटी कुमार शामिल हैं। ये सभी झज्जर, फतेहाबाद और हिसार जिले के निवासी हैं। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि इस गिरोह ने छत्तीसगढ़ के अलावा अन्य राज्यों में भी ऐसी कितनी परीक्षाओं में सेंध लगाई है। आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।
पुलिस की छापेमारी में बरामद जखीरा
कार्रवाई के दौरान पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से भारी मात्रा में इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त किए हैं। बरामद सामग्री की सूची इस प्रकार है:
कठोर धाराओं में मामला दर्ज
रायपुर पुलिस ने डीडी नगर थाने में आरोपियों के खिलाफ अपराध क्रमांक 112/2026 के तहत गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया है। इसमें भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(2), 61(2) के साथ-साथ आईटी एक्ट की धारा 66 और ‘लोक परीक्षा अनुचित साधनों का निवारण अधिनियम’ की धारा 10(1) शामिल की गई है। पुलिस अब इस मामले के मास्टरमाइंड और अन्य संलिप्त व्यक्तियों की तलाश में जुटी है ताकि इस संगठित अपराध की पूरी चेन को तोड़ा जा सके।



