
Free Health Camp: छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र की गहमागहमी के बीच अब विधायकों और अधिकारियों की सेहत का ख्याल रखने के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज विधानसभा परिसर में तीन दिवसीय नि:शुल्क स्वास्थ्य शिविर का विधिवत शुभारंभ किया। इस मौके पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के दिग्गज नेता एक साथ नजर आए। मुख्यमंत्री ने न केवल रिबन काटकर शिविर की शुरुआत की, बल्कि खुद अपनी स्वास्थ्य जांच कराकर प्रदेश के नागरिकों को यह संदेश दिया कि व्यस्तता के बीच शरीर का ध्यान रखना सबसे पहली प्राथमिकता होनी चाहिए।
खुद चेकअप कराकर सीएम ने दिया जागरूकता का मंत्र
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने शिविर में पहुंचकर अपना ब्लड प्रेशर और अन्य बुनियादी स्वास्थ्य परीक्षण कराए। उन्होंने कहा कि आज की भागदौड़ भरी जिंदगी और बदलती जीवनशैली में शारीरिक सक्रियता कम हो गई है, जिससे बीमारियां दबे पांव शरीर में घर कर रही हैं। सीएम ने जोर देते हुए कहा कि नियमित जांच से हम गंभीर बीमारियों को शुरुआती दौर में ही पहचान सकते हैं और सही समय पर इलाज शुरू कर बचाव मुमकिन है। उनका यह कदम उन लोगों के लिए प्रेरणा है जो अक्सर समय की कमी का बहाना बनाकर अपनी जांच टाल देते हैं।
पक्ष-विपक्ष एक साथ: महंत और जायसवाल की मौजूदगी
स्वास्थ्य शिविर के उद्घाटन के दौरान राजनीति से हटकर एक सुखद तस्वीर सामने आई। मुख्यमंत्री के साथ नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत और स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल भी मौजूद रहे। स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ डॉक्टरों और कर्मचारियों की मौजूदगी में मंत्रियों ने विभाग की तैयारियों का जायजा लिया। इस पहल का उद्देश्य विधानसभा के सत्र के दौरान तनावपूर्ण माहौल में काम कर रहे सदस्यों और कर्मचारियों को तुरंत चिकित्सा परामर्श और जांच की सुविधा मुहैया कराना है।
विधानसभा अध्यक्ष की पहल की चौतरफा सराहना
मुख्यमंत्री साय ने इस स्वास्थ्य शिविर के आयोजन के लिए विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह की विशेष रूप से प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि डॉ. रमन सिंह की यह सोच सराहनीय है कि सदन की कार्यवाही के साथ-साथ सदस्यों के स्वास्थ्य की भी चिंता की जा रही है। ऐसे शिविर न केवल शारीरिक स्वास्थ्य के लिए जरूरी हैं, बल्कि यह समाज में एक सकारात्मक संदेश भी भेजते हैं कि स्वस्थ नागरिक ही एक समृद्ध और सशक्त छत्तीसगढ़ की असली नींव हैं।
3 दिनों तक मिलेंगी हाईटेक जांच की सुविधाएं
विधानसभा परिसर में लगा यह कैंप अगले तीन दिनों तक चलेगा। इसमें केवल सामान्य बुखार या बीपी की जांच ही नहीं, बल्कि हृदय रोग, मधुमेह (डायबिटीज) और अन्य विशेषज्ञ डॉक्टरों के परामर्श की भी सुविधा है। विधानसभा के सदस्यों, सुरक्षाकर्मियों और वहां कार्यरत कर्मचारियों के लिए अलग-अलग स्टॉल लगाए गए हैं। स्वास्थ्य विभाग ने सुनिश्चित किया है कि यहां आने वाले हर व्यक्ति को न केवल जांच बल्कि जरूरी दवाइयां और स्वास्थ्य संबंधी डाइट चार्ट भी उपलब्ध कराया जाए।
बदलती लाइफस्टाइल में ‘हेल्थ चेकअप’ है जरूरी
सीएम साय ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि सेमिनार और भाषणों से ज्यादा जरूरी है कि हम धरातल पर स्वास्थ्य के प्रति जवाबदेह बनें। उन्होंने अपील की कि प्रदेश के हर नागरिक को साल में कम से कम एक बार अपना फुल बॉडी चेकअप जरूर कराना चाहिए। विधानसभा में आयोजित इस तीन दिवसीय शिविर को एक मॉडल के तौर पर देखा जा रहा है, ताकि अन्य सरकारी दफ्तरों और सार्वजनिक स्थानों पर भी इसी तरह के जागरूकता अभियानों को गति दी जा सके।



