
छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र की कार्यवाही शुक्रवार को अपने 15वें दिन में प्रवेश कर गई है। आज का दिन विधायी कामकाज के लिहाज से काफी व्यस्त रहने वाला है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय खुद सदन में दो महत्वपूर्ण विधेयक पेश करने जा रहे हैं। इसके साथ ही प्रश्नकाल के दौरान वित्त मंत्री ओपी चौधरी, पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल और कृषि मंत्री रामविचार नेताम अपने विभागों से जुड़े विधायकों के तीखे सवालों का सामना करेंगे। सदन की शुरुआत होते ही विपक्ष ने विभिन्न मुद्दों पर सरकार को घेरने की रणनीति तैयार कर ली है जिससे आज भी सदन में गरमागरम बहस होने के आसार हैं।
मुख्यमंत्री साय की नई पहल: सदन में आएंगे दो अहम कानून
आज की कार्यसूची में सबसे प्रमुख हिस्सा मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय द्वारा पेश किए जाने वाले दो नए विधेयक हैं। सरकार इन कानूनों के जरिए प्रदेश की प्रशासनिक और सामाजिक व्यवस्था में कुछ बड़े बदलाव लाने की तैयारी में है। इनके अलावा वित्त मंत्री ओपी चौधरी ‘छत्तीसगढ़ उपकर (संशोधन) विधेयक’ को भी पटल पर रखेंगे। इन विधेयकों पर चर्चा के दौरान पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोंकझोंक देखने को मिल सकती है। सरकार की कोशिश होगी कि इन प्रस्तावों को आज ही सदन से हरी झंडी मिल जाए ताकि इन्हें जल्द लागू किया जा सके।
71 ध्यानाकर्षण प्रस्ताव: जनहित के मुद्दों पर होगा सरकार का घेराव
आज सदन में जनहित से जुड़े मुद्दों की बाढ़ आने वाली है क्योंकि विधायकों ने कुल 71 ध्यानाकर्षण प्रस्ताव लगाए हैं। इनमें प्रदेश की सड़कों की हालत, बिजली कटौती, स्वास्थ्य सुविधाओं में कमी और किसानों की समस्याओं जैसे विषयों को प्राथमिकता दी गई है। विधायक पुन्नूलाल मोहले भी अपनी रिपोर्ट सदन के सामने रखेंगे। वहीं भाजपा विधायक अजय चंद्राकर और सुशांत शुक्ला दो अशासकीय संकल्प पेश करेंगे। इन प्रस्तावों के जरिए विधायक अपने क्षेत्रों की समस्याओं को सीधे सरकार के संज्ञान में लाएंगे और उन पर जवाब मांगेंगे।
मंत्रियों की अग्निपरीक्षा: वित्त, पर्यटन और कृषि पर पूछे जाएंगे सवाल
प्रश्नकाल के दौरान तीन बड़े विभागों के मंत्रियों की घेराबंदी होगी। वित्त मंत्री ओपी चौधरी से राज्य की आर्थिक सेहत और बजट आवंटन को लेकर सवाल पूछे जाएंगे। पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल को प्रदेश में पर्यटन केंद्रों के विकास और वहां हो रही कथित अनियमितताओं पर सफाई देनी होगी। वहीं कृषि मंत्री रामविचार नेताम किसानों को मिलने वाली खाद-बीज की उपलब्धता और कृषि योजनाओं के क्रियान्वयन पर जवाब देंगे। विपक्ष ने इन तीनों ही विभागों में कमियां गिनाते हुए मंत्रियों को कटघरे में खड़ा करने की पूरी तैयारी कर ली है।
हंगामेदार रहने के आसार: सरकार और विपक्ष के बीच कड़ा मुकाबला
विधानसभा के गलियारों में चर्चा है कि आज की कार्यवाही काफी शोर-शराबे वाली हो सकती है। पिछले कुछ दिनों से जारी विवादों और नए विधेयकों के प्रावधानों को लेकर विपक्ष पहले से ही हमलावर है। ध्यानाकर्षण प्रस्तावों की बड़ी संख्या यह बताती है कि विधायक अपने क्षेत्र के मुद्दों पर पीछे हटने को तैयार नहीं हैं। सत्र के अंतिम चरण में होने के कारण सरकार भी रक्षात्मक होने के बजाय आक्रामक तरीके से अपने फैसलों का बचाव कर रही है। अब देखना होगा कि मुख्यमंत्री द्वारा लाए जा रहे नए विधेयकों पर विपक्ष का क्या रुख रहता है।



