
छत्तीसगढ़ में सूरज के तेवर तल्ख होते ही ठंडे पानी की मांग बढ़ गई है। इसी का फायदा उठाकर कुछ कारोबारी लोगों की सेहत को दांव पर लगाकर अपनी जेबें भरने में जुट गए हैं। धमतरी जिले में धड़ल्ले से बिना एक्सपायरी डेट और बैच नंबर वाले पानी के पाउच बेचे जा रहे थे। इस गंभीर लापरवाही को देखते हुए प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है।
‘ओशिनो’ ब्रांड की बिक्री और स्टोरेज पर रोक
खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग ने जनता की शिकायतों और बाजार में मिल रहे संदिग्ध पानी के नमूनों के आधार पर ‘ओशिनो’ ब्रांड के खिलाफ सख्त कदम उठाया है। विभाग ने इस ब्रांड के पानी पाउच और बोतलों की बिक्री के साथ-साथ उनके भंडारण पर भी तुरंत प्रभाव से रोक लगा दी है। अब किसी भी दुकान या गोदाम में यह स्टॉक पाया गया तो सख्त कानूनी कार्रवाई होगी।
जांच में खुले नियमों की अनदेखी के राज
खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने जब ओशिनो ब्रांड के निर्माता मेसर्स एसकेएस इंडस्ट्रीज (गुरूर, जिला बालोद) के प्लांट और सैंपल्स की जांच की, तो स्थिति काफी चौंकाने वाली निकली। बाजार में सप्लाई हो रहे पानी के पैकेटों पर यह तक नहीं लिखा था कि पानी कब पैक किया गया है और इसे कब तक इस्तेमाल करना सुरक्षित है। यह खाद्य सुरक्षा और मानक विनियम 2020 का सीधा उल्लंघन है।
बिना लाइसेंस के ही बना रहे थे पानी पाउच
इस पूरे मामले में सबसे बड़ी गड़बड़ी यह सामने आई कि संबंधित फर्म के पास पानी के पाउच बनाने का अधिकृत लाइसेंस ही नहीं था। बिना किसी सरकारी अनुमति और गुणवत्ता जांच के ही यह कंपनी बड़े पैमाने पर धमतरी जिले में अपनी सप्लाई फैला रही थी। प्रशासन ने मौके से लगभग 400 पैकेट पानी जब्त कर लिया है ताकि इन्हें लोगों तक पहुंचने से रोका जा सके।
सेहत को लेकर विभाग ने दी कड़ी चेतावनी
विभाग के अधिकारियों ने साफ किया है कि भीषण गर्मी के दौरान लोग पानी खरीदते समय बोतल या पाउच पर आईएसआई मार्क, निर्माण तिथि और एक्सपायरी डेट जरूर देखें। बिना लाइसेंस वाले ऐसे अवैध ठिकानों पर विभाग की पैनी नजर है और आने वाले दिनों में अन्य संदिग्ध ब्रांड्स पर भी गाज गिर सकती है। प्रशासन का मकसद मुनाफे के लिए लोगों की जान जोखिम में डालने वाले गिरोह को खत्म करना है।



