
छत्तीसगढ़ एक बार फिर खेल जगत के बड़े मंच पर अपनी चमक बिखेरने के लिए तैयार है। देश के पहले ‘खेलो इंडिया नेशनल ट्राइबल गेम्स’ (KITG) की मेजबानी का गौरव इस बार छत्तीसगढ़ को मिला है। यह भव्य आयोजन 25 मार्च से 3 अप्रैल 2026 तक राज्य के तीन प्रमुख केंद्रों रायपुर, जगदलपुर और अंबिकापुर में होगा। इस खेल महोत्सव का मुख्य उद्देश्य जनजातीय क्षेत्रों की छिपी हुई प्रतिभाओं को पहचान दिलाना और उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर अपनी ताकत दिखाने का मौका देना है। प्रशासन ने इस बड़े आयोजन को सफल बनाने के लिए कमर कस ली है और खिलाड़ियों का आगमन भी शुरू हो चुका है।
32 राज्यों के एथलीटों का जमावड़ा: रायपुर में जुटी देश की खेल प्रतिभा
इस प्रतियोगिता में भारत के 32 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से लगभग 2,300 एथलीट हिस्सा ले रहे हैं। कोच और अधिकारियों को मिलाकर कुल प्रतिभागियों की संख्या 3,700 से अधिक पहुंच गई है। मेजबान छत्तीसगढ़ की ओर से 164 खिलाड़ी मैदान में उतरेंगे, जिनमें 86 पुरुष और 78 महिला खिलाड़ी अलग-अलग खेलों में पदक के लिए अपनी दावेदारी पेश करेंगे। खिलाड़ियों के ठहरने के लिए रायपुर के वीआईपी रोड स्थित प्रमुख होटलों में विशेष इंतजाम किए गए हैं ताकि उन्हें किसी भी तरह की असुविधा न हो।
पारंपरिक और आधुनिक खेलों का संगम: 9 विधाओं में होगी भिड़ंत
इस खेल महाकुंभ में कुल 9 तरह की खेल स्पर्धाएं आयोजित की जाएंगी। इन खेलों को दो अलग-अलग श्रेणियों में रखा गया है। मुख्य खेलों में तीरंदाजी (Archery), एथलेटिक्स, फुटबॉल, हॉकी, तैराकी, वेटलिफ्टिंग और कुश्ती शामिल हैं। जनजातीय परंपराओं और संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए कबड्डी और मल्लखंभ को ‘प्रदर्शन खेलों’ के तौर पर जोड़ा गया है। इन खेलों के जरिए आधुनिक और पारंपरिक खेल शैलियों का एक अनूठा संगम देखने को मिलेगा, जो दर्शकों के लिए काफी रोमांचक होने वाला है।
रायपुर से बस्तर तक खेल के मैदान: शहरों के बीच बंटे मुकाबले
प्रतियोगिता को व्यापक रूप देने के लिए इसे राज्य के अलग-अलग संभागों में बांटा गया है। हॉकी के सभी मैच रायपुर के सरदार वल्लभभाई पटेल इंटरनेशनल स्टेडियम में खेले जाएंगे। तैराकी और वेटलिफ्टिंग की स्पर्धाएं भी राजधानी में ही होंगी। वहीं, एथलेटिक्स के रोमांचक मुकाबले बस्तर के धरमपुरा स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में आयोजित किए जाएंगे। कुश्ती और मल्लखंभ के दांव-पेंच देखने के लिए सरगुजा का गांधी स्टेडियम पूरी तरह तैयार है। इस विकेंद्रीकरण से पूरे प्रदेश में खेल के प्रति एक नया उत्साह पैदा होगा।
पहली बार लद्दाख की भागीदारी: अरुणाचल की टीम भी पहुंची रायपुर
इस बार के ट्राइबल गेम्स में कुछ खास बातें भी चर्चा का विषय बनी हुई हैं। केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख की टीम पहली बार रायपुर पहुंचकर इन खेलों का हिस्सा बन रही है, जो इस आयोजन की बढ़ती लोकप्रियता का प्रमाण है। इसके अलावा, अरुणाचल प्रदेश की वेटलिफ्टिंग टीम ने रायपुर पहुंचकर अभ्यास भी शुरू कर दिया है। उत्तर-पूर्व और हिमालयी क्षेत्रों के खिलाड़ियों की मौजूदगी से इस प्रतियोगिता का स्तर और अधिक प्रतिस्पर्धी होने की उम्मीद जताई जा रही है।
भव्य उद्घाटन और समापन: सरगुजा में सजेगी आखिरी शाम
10 दिनों तक चलने वाले इस मेगा इवेंट का रंगारंग उद्घाटन 25 मार्च को रायपुर में आयोजित होगा। उद्घाटन समारोह में छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति और जनजातीय कलाओं की झलक देखने को मिलेगी। वहीं, खेल महाकुंभ का समापन समारोह अंबिकापुर में होने की संभावना है। समापन के लिए सरगुजा संभाग का चयन इसलिए किया गया है ताकि उस क्षेत्र के युवाओं में भी खेलों के प्रति रुचि बढ़े और उन्हें राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ियों को करीब से देखने का अवसर मिल सके।



