
बिलासपुर स्थित छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के लिए न्यायपालिका से जुड़ी एक बड़ी खबर सामने आई है। सुप्रीम कोर्ट के कॉलेजियम ने छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय में कार्यरत पांच अतिरिक्त न्यायाधीशों (एडिशनल जज) को स्थायी न्यायाधीश बनाने के प्रस्ताव पर अपनी सहमति दे दी है। 24 मार्च 2026 को हुई कॉलेजियम की अहम बैठक में यह महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया। इस फैसले के बाद अब ये पांचों जज स्थायी तौर पर अपनी सेवाएं देंगे जिससे हाईकोर्ट में कामकाज की गति और बेहतर होने की उम्मीद है।
इन पांच जजों के नामों पर मिली हरी झंडी
स्थायी किए गए जजों की सूची में जस्टिस सचिन सिंह राजपूत, जस्टिस राधाकिशन अग्रवाल, जस्टिस संजय कुमार जायसवाल, जस्टिस बिभु दत्त गुरु और जस्टिस अमितेंद्र किशोर प्रसाद के नाम शामिल हैं। ये सभी न्यायाधीश अब तक अतिरिक्त प्रभार के रूप में अपनी जिम्मेदारियां निभा रहे थे। कॉलेजियम की सिफारिश के बाद अब केंद्र सरकार की ओर से औपचारिक अधिसूचना जारी की जाएगी। इन जजों के स्थायी होने से छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट की न्यायदान प्रक्रिया में और अधिक मजबूती आएगी।
बार और बेंच कोटे का रखा गया है संतुलन
पदोन्नत हुए इन पांच न्यायाधीशों में अनुभव का अच्छा तालमेल देखने को मिलता है। इनमें से जस्टिस राधाकिशन अग्रवाल और जस्टिस संजय कुमार जायसवाल न्यायिक सेवा (बेंच कोटे) से पदोन्नत होकर यहां तक पहुंचे हैं। वहीं दूसरी ओर जस्टिस सचिन सिंह राजपूत, जस्टिस बिभु दत्त गुरु और जस्टिस अमितेंद्र किशोर प्रसाद ने अधिवक्ता (बार कोटे) के रूप में एक लंबा समय बिताया है और सीधे न्यायाधीश नियुक्त हुए थे। अनुभवी वकीलों और निचले न्यायालयों के वरिष्ठ जजों के इस मिश्रण से हाईकोर्ट के निर्णयों में विविधता और गहराई बनी रहेगी।



