
Mahatari Vandana Yojana New Registration: छत्तीसगढ़ सरकार राज्य की विवाहित महिलाओं को आर्थिक मदद देने वाली अपनी सबसे लोकप्रिय योजना का दायरा बढ़ाने जा रही है। महतारी वंदन योजना के तहत नए हितग्राहियों को जोड़ने के लिए आवेदन पोर्टल को दोबारा खोलने की तैयारी कर ली गई है। शासन स्तर पर इसके लिए जरूरी तकनीकी बदलाव किए जा रहे हैं। इस निर्णय से राज्य की वे सभी पात्र महिलाएं लाभ उठा सकेंगी जो किसी कारणवश पहले चरण के दौरान अपना फॉर्म जमा करने से वंचित रह गई थीं।
छूटे हुए हितग्राहियों को मिलेगा हर महीने एक हजार रुपये का लाभ
योजना का पोर्टल दोबारा सक्रिय होने से पात्र महिलाओं को सीधे तौर पर वित्तीय सहायता मिलने का रास्ता साफ हो जाएगा। इस योजना के जरिए सरकार का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना है। जो महिलाएं पहले चरण में छूट गई थीं, वे इस बार आवेदन करके हर महीने मिलने वाली 1,000 रुपये की राशि के लिए अपनी दावेदारी पेश कर सकेंगी। विभागीय स्तर पर इसकी रूपरेखा तय की जा चुकी है ताकि प्रक्रिया में कोई बाधा न आए।
ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों की महिलाओं पर रहेगा प्रशासन का मुख्य फोकस
विभागीय अधिकारियों के अनुसार इस बार नए पंजीयन के दौरान ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। पहले चरण में यह देखा गया था कि जानकारी के अभाव में अंदरूनी इलाकों की कई महिलाएं आवेदन नहीं कर पाई थीं। इस समस्या को दूर करने के लिए प्रशासन इस बार पंचायत स्तर पर सक्रिय भूमिका निभाएगा ताकि कोई भी जरूरतमंद महिला इस योजना के लाभ से वंचित न रह सके।
बस्तर संभाग के आदिवासी इलाकों से की जाएगी पंजीकरण की शुरुआत
सरकारी सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक नए रजिस्ट्रेशन के अभियान की शुरुआत बस्तर संभाग के आदिवासी और पिछड़े क्षेत्रों से की जाएगी। भौगोलिक रूप से कठिन और पहुंचविहीन क्षेत्रों में रहने वाली बड़ी आबादी पहले चरण का हिस्सा नहीं बन पाई थी। इस कमी को पूरा करने के लिए सरकार बस्तर के अंदरूनी गांवों में विशेष शिविर (कैंप) लगाने जा रही है ताकि वहां की महिलाओं का पंजीकरण प्राथमिकता के आधार पर किया जा सके।
21 वर्ष से अधिक आयु की विवाहित महिलाएं ही होंगी आवेदन के लिए पात्र
विष्णुदेव साय सरकार की इस योजना में शामिल होने के लिए आयु सीमा और पात्रता के कड़े नियम तय किए गए हैं। योजना का लाभ लेने के लिए आवेदक महिला की न्यूनतम उम्र 21 वर्ष होनी अनिवार्य है। इस दायरे में विवाहित महिलाओं के साथ-साथ राज्य की विधवा, परित्यक्ता और अनाथ महिलाओं को भी शामिल किया गया है। इन सभी श्रेणी की महिलाओं को सालाना कुल 12,000 रुपये सीधे उनके बैंक खातों में ट्रांसफर किए जाते हैं।
आगामी दो सप्ताह के भीतर घोषित की जा सकती हैं आधिकारिक तारीखें
पंजीयन प्रक्रिया को दोबारा शुरू करने के लिए महिला एवं बाल विकास विभाग अंतिम तैयारियों में जुटा हुआ है। माना जा रहा है कि अगले दो सप्ताह के भीतर नए पंजीयन की आधिकारिक तारीखों और विस्तृत दिशानिर्देशों की घोषणा कर दी जाएगी। सरकार की कोशिश है कि इस बार आवेदन की समय-सीमा पर्याप्त रखी जाए ताकि स्थानीय स्तर पर भीड़ या सर्वर डाउन होने जैसी दिक्कतों का सामना न करना पड़े।
आवेदन फॉर्म भरने के लिए इन जरूरी दस्तावेजों को अभी से रखें तैयार
अगर आप भी इस योजना के नियमों के तहत पात्रता रखती हैं तो पोर्टल खुलने से पहले अपने सभी आवश्यक दस्तावेज दुरुस्त करवा लें। आवेदन के समय पहचान पत्र, बैंक खाता विवरण जिसमें डीबीटी सुविधा चालू हो, राशन कार्ड, निवास प्रमाण पत्र और हाल ही की पासपोर्ट साइज फोटो की आवश्यकता होगी। इन कागजातों के तैयार रहने से पोर्टल खुलते ही बिना किसी परेशानी के तुरंत ऑनलाइन फॉर्म भरा जा सकेगा।
आंगनवाड़ी केंद्रों और चॉइस सेंटरों के माध्यम से जमा होंगे ऑनलाइन फॉर्म
प्रशासन ने आवेदन की प्रक्रिया को बेहद सरल और सुलभ बनाने की योजना तैयार की है। जब योजना का पोर्टल और आधिकारिक मोबाइल ऐप दोबारा चालू हो जाएगा, तब महिलाएं अपने नजदीकी आंगनवाड़ी केंद्रों, चॉइस सेंटरों या ग्राम पंचायत सचिवालय में जाकर अपना फॉर्म जमा करवा सकेंगी। इसके अलावा जो महिलाएं स्वयं मोबाइल ऐप का उपयोग करना जानती हैं, वे घर बैठे भी अपनी जानकारियां अपलोड कर सकेंगी।



