
Kawardha News: कवर्धा जिले में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। यहाँ के स्थानीय व्यापारी योगेश जैन ने अपनी पत्नी और दो मासूम बच्चों के साथ जहर खाकर जान देने की कोशिश की। घटना की जानकारी मिलते ही व्यापारी के भाई ने आनन-फानन में सभी को अस्पताल पहुँचाया जहाँ उनकी हालत फिलहाल नाजुक बनी हुई है। पुलिस ने घटनास्थल को सील कर दिया है और मामले की सघन छानबीन शुरू कर दी है। एक ही परिवार के चार सदस्यों द्वारा उठाए गए इस आत्मघाती कदम से पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई है।
तीन पन्नों के सुसाइड नोट में खुला दुखों का पिटारा
पुलिस को मौके से तीन पन्नों का एक सुसाइड नोट मिला है जिसमें व्यापारी ने अपनी मजबूरियों का विस्तार से विवरण दिया है। पत्र में लिखा है कि व्यापार के सिलसिले में उनके ऊपर करीब 4 करोड़ रुपये का भारी-भरकम कर्ज चढ़ गया था। योगेश ने सुसाइड नोट में इस बात का जिक्र किया है कि वह कर्ज चुकाने की हर संभव कोशिश कर रहे थे लेकिन व्यापार में लगातार हो रहे घाटे के चलते परिस्थितियां उनके नियंत्रण से बाहर हो गईं। इस नोट के आधार पर पुलिस अब उन लोगों की सूची तैयार कर रही है जिनसे व्यापारी ने पैसे उधार लिए थे।
लेनदारों के दबाव और धमकियों से टूटा परिवार का हौसला
सुसाइड नोट में यह गंभीर आरोप लगाया गया है कि पैसे वापस मांगने वाले लोग पिछले काफी समय से योगेश और उनके परिवार को मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रहे थे। व्यापारी ने लिखा है कि उसे न केवल समाज में अपमानित किया गया बल्कि पैसे समय पर न लौटाने पर जान से मारने की धमकी भी दी जा रही थी। लेनदारों के बढ़ते दबाव और आए दिन मिलने वाली धमकियों के कारण पूरा परिवार गहरे तनाव और दहशत में जी रहा था। इसी हताशा के चलते व्यापारी ने पूरे परिवार के साथ जीवन लीला समाप्त करने का फैसला कर लिया।
पुलिस को पीड़ितों के होश में आने का इंतजार
कवर्धा थाना प्रभारी के मुताबिक फिलहाल सभी पीड़ितों का सघन उपचार जारी है और डॉक्टरों की टीम उनकी स्थिति पर लगातार नजर रख रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जब तक योगेश जैन और उनकी पत्नी बयान देने की स्थिति में नहीं आ जाते तब तक जांच को अंतिम रूप देना मुश्किल है। होश में आने के बाद पुलिस उनका विस्तृत बयान दर्ज करेगी जिसके आधार पर प्रताड़ित करने और धमकी देने वाले लोगों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस इस मामले के हर पहलू को बारीकी से खंगाल रही है ताकि दोषियों को सजा मिल सके।



