Gas Cylinder Crisis: गैस सिलेंडर के लिए हाहाकार: महीने भर से नहीं मिल रही डिलीवरी, कहीं ताला बंद तो कहीं लंबी कतारें

Gas Cylinder Crisis: राजधानी रायपुर में रसोई गैस का संकट गहराता जा रहा है। उपभोक्ताओं को एक महीने से अधिक समय बीतने के बाद भी सिलेंडर की डिलीवरी नहीं मिल पा रही है। स्थिति यह है कि कई गैस एजेंसियों पर ताले लटके हुए हैं और लोग अपनी शिकायतों को लेकर इधर-उधर भटकने को मजबूर हैं। शहर की विभिन्न गैस एजेंसियों के बाहर लोगों की भारी भीड़ देखी जा सकती है जो केवल यह जानने की कोशिश कर रहे हैं कि उनकी बुकिंग आखिर कब तक पूरी होगी।

सरकारी दावों और जमीनी हकीकत में बड़ा अंतर

LPG Gas Cylinder: एक ओर जहां खाद्य विभाग के अधिकारी जिले में गैस का पर्याप्त स्टॉक होने का दावा कर रहे हैं वहीं दूसरी ओर एजेंसियां गैस की कमी का रोना रो रही हैं। जमीनी पड़ताल में यह बात सामने आई है कि कई इलाकों में उपभोक्ताओं की बुकिंग ही नहीं हो पा रही है। प्रशासन की ओर से दावा किया गया है कि आपूर्ति में कोई कमी नहीं है लेकिन धरातल पर लोग खाली सिलेंडर लेकर गैस एजेंसियों के चक्कर काट रहे हैं और उनकी सुनने वाला कोई नहीं है।

महावीर नगर में बुकिंग के बाद भी नहीं पहुंचा सिलेंडर

महावीर नगर स्थित एचपी की शांति गैस एजेंसी पर हालात काफी खराब दिखे। यहाँ पहुँचे उपभोक्ता लक्ष्मण ने बताया कि उन्होंने कई दिनों की कोशिश के बाद 8 अप्रैल को बुकिंग कराई थी। बुकिंग हुए एक सप्ताह से ज्यादा का समय बीत चुका है लेकिन अभी तक घर पर सिलेंडर नहीं पहुँचा है। वे आए दिन एजेंसी में फोन कर रहे हैं और वहाँ जाकर पूछताछ कर रहे हैं पर कोई ठोस जवाब मिलने के बजाय उन्हें केवल आश्वासन दिया जा रहा है।

40 हजार से ज्यादा बुकिंग पेंडिंग, कतार हुई लंबी

आंकड़ों के मुताबिक जिले में 40 हजार से अधिक बुकिंग अभी भी लंबित पड़ी है। शहरी क्षेत्रों में 25 दिन और ग्रामीण इलाकों में 45 दिन के अंतराल पर बुकिंग करने का नियम बनाया गया है। इसके बावजूद लोगों को 10 से 15 दिन अतिरिक्त इंतजार करना पड़ रहा है। वितरण की दर इतनी धीमी है कि हर दिन की कुल डिलीवरी 20 प्रतिशत से भी कम दर्ज की जा रही है जिससे वेटिंग लिस्ट लगातार बढ़ती जा रही है।

फाफाडीह में हंगामा और एजेंसी पर लटका ताला

सोमवार को रायपुर के फाफाडीह इलाके में स्थित रायपुर गैस कंपनी के बाहर उपभोक्ताओं ने जमकर हंगामा किया। बिगड़ते हालात को देखते हुए एजेंसी पर ताला लटका दिया गया। प्रशासन ने उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए दो नई एजेंसियों के माध्यम से वितरण शुरू करने का निर्देश दिया था लेकिन मंगलवार को भी वहां अव्यवस्था का माहौल रहा। पुरानी एजेंसी बंद होने से लोग इस बात को लेकर परेशान रहे कि अब उनका नया सिलेंडर कहाँ से आएगा।

नई व्यवस्था में भी उपभोक्ताओं को नहीं मिल रही राहत

फिलहाल राजेंद्र एचपी गैस के काउंटर पर लोगों की भारी भीड़ देखी गई। यहाँ लोग अपने कार्ड और खाली सिलेंडर लेकर कतार में खड़े नजर आए ताकि उनकी पर्ची कट सके। हालांकि दूसरी प्रस्तावित एजेंसी के काउंटर का कोई अता-पता नहीं था जिससे भ्रम की स्थिति बनी हुई है। प्रशासन की ओर से सूचना बोर्ड न लगाए जाने के कारण नागरिकों को सही जानकारी नहीं मिल पा रही है और वे भारी धूप में परेशान हो रहे हैं।

प्रशासन का पक्ष: पर्याप्त स्टॉक होने के बावजूद होगी जांच

पूरे मामले पर खाद्य नियंत्रक भूपेंद्र मिश्रा ने कहा कि शहर और ग्रामीण क्षेत्रों के लिए बुकिंग के स्पष्ट नियम तय हैं। उन्होंने आश्वासन दिया कि अगर नियम के मुताबिक बुकिंग नहीं हो रही है तो इसकी पूरी जानकारी मंगवाई जाएगी। उनका कहना है कि जिले में गैस का स्टॉक भरपूर है और एजेंसियां समय पर डिलीवरी क्यों नहीं दे रही हैं इस पर विस्तृत जांच की जाएगी। दोषी पाए जाने वाले संचालकों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे।

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Ravi Pratap Pandey

रवि पिछले 7 वर्षों से छत्तीसगढ़ में सक्रिय पत्रकार हैं। उन्होंने राज्य के सामाजिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक पहलुओं पर गहराई से रिपोर्टिंग की है। जमीनी हकीकत को उजागर करने और आम जनता की आवाज़ को मंच देने के लिए वे लगातार लेखन और रिपोर्टिंग करते रहे हैं।

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