
PM Modi Address to the Nation LIVE: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश को संबोधित कर रहे है। यह संबोधन राजनीतिक रूप से बेहद संवेदनशील समय पर हो रहा है। शुक्रवार को ही लोकसभा में 131वां संविधान संशोधन बिल (महिला आरक्षण) जरूरी बहुमत न मिलने की वजह से गिर गया था। प्रधानमंत्री ने तमिलनाडु के कोयंबटूर में एक चुनावी सभा के दौरान संकेत दिया कि उनका संबोधन इसी विषय पर केंद्रित होगा। उन्होंने साफ किया कि महिला सशक्तिकरण के लिए उनकी लड़ाई अभी खत्म नहीं हुई है और वे इस मुद्दे पर देश की जनता के साथ सीधा संवाद करना चाहते हैं।
विपक्ष के विरोध पर प्रहार और राजनीतिक श्रेय की बात
प्रधानमंत्री ने अपने शुरुआती बयानों में यह स्पष्ट कर दिया है कि उन्हें इस बिल का कोई व्यक्तिगत या राजनीतिक श्रेय नहीं चाहिए। उन्होंने बताया कि इस ऐतिहासिक कानून को पास कराने के लिए उन्होंने खुद सभी दलों के नेताओं से संपर्क किया था। इसके बावजूद विपक्ष के कड़े रुख और जादुई आंकड़े तक न पहुंच पाने के कारण बिल पास नहीं हो सका। माना जा रहा है कि आज रात के संबोधन में पीएम मोदी विपक्ष के इस नकारात्मक रवैये को जनता के सामने रखेंगे और बताएंगे कि कैसे महिलाओं के अधिकारों की राह में रोड़े अटकाए गए हैं।
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क्या अध्यादेश या किसी वैकल्पिक रास्ते पर होगा विचार?
संसद में बिल गिरने के बाद अब सरकार के पास क्या विकल्प बचे हैं, इसकी चर्चा पूरे देश में है। राजनीतिक गलियारों में यह सुगबुगाहट तेज है कि क्या सरकार 2029 के चुनावों से पहले महिला आरक्षण लागू करने के लिए किसी अध्यादेश (Ordinance) का सहारा लेगी। प्रधानमंत्री आज रात अपने संबोधन में सरकार की अगली रणनीति का खुलासा कर सकते हैं। कैबिनेट की बैठकों के बाद यह माना जा रहा है कि सरकार इस मुद्दे को ठंडे बस्ते में डालने के बजाय किसी वैकल्पिक कानूनी रास्ते पर विचार कर रही है ताकि नारी शक्ति को उनका हक मिल सके।
देश की नजरें रात 8:30 बजे के संबोधन पर
जब भी प्रधानमंत्री रात के समय देश के सामने आते हैं, तो किसी बड़े फैसले की उम्मीद की जाती है। इस बार मामला सीधे तौर पर देश की आधी आबादी के प्रतिनिधित्व से जुड़ा है। सरकार यह संदेश देने की कोशिश कर रही है कि वह महिलाओं को संसद में जगह देने के लिए प्रतिबद्ध है, चाहे विधायी चुनौतियां कितनी भी बड़ी क्यों न हों। रात के इस संबोधन के बाद देश की राजनीति में एक नई बहस छिड़ना तय माना जा रहा है, विशेषकर आगामी चुनावों के मद्देनजर यह बयान काफी प्रभावी साबित हो सकता है।



