
छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में विश्व हिंदू परिषद (वीएचपी) द्वारा ‘जनसंख्या असंतुलन एवं समाधान’ विषय पर एक विशेष संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष आलोक कुमार ने देश की बदलती जनसांख्यिकी पर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि हिंदू समाज ने सदियों के संघर्ष के बाद अपनी संख्या को सुरक्षित रखा है, लेकिन मौजूदा समय में जनसंख्या के अनुपात में असंतुलन देखा जा रहा है। उनके अनुसार, देश में ईसाई और मुस्लिम समुदायों की संख्या में इजाफा हुआ है, जबकि हिंदुओं की आबादी का प्रतिशत तुलनात्मक रूप से कम हुआ है।
मुस्लिम आबादी में बढ़ोत्तरी के पीछे गिनाए तीन प्रमुख कारण
संगोष्ठी को संबोधित करते हुए आलोक कुमार ने मुस्लिम आबादी बढ़ने के लिए तीन मुख्य वजहों को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि पहला कारण उच्च जन्म दर है। दूसरा कारण उन्होंने पड़ोसी देश बांग्लादेश से होने वाली कथित घुसपैठ को बताया। तीसरा कारण उन्होंने धर्मांतरण को माना। उन्होंने पश्चिम बंगाल की सरकार पर हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि वहां घुसपैठियों को संरक्षण दिया जाता है, जिससे उनके आधार कार्ड और वोटर आईडी आसानी से बन जाते हैं। उनके मुताबिक, इस वजह से सीमावर्ती इलाकों की जनसंख्या संरचना में बड़ा बदलाव आ रहा है।
पश्चिम बंगाल चुनाव और घुसपैठ पर बड़ा दावा
आलोक कुमार ने पश्चिम बंगाल के राजनीतिक हालातों पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि 4 मई 2026 तक स्थिति पूरी तरह साफ हो जाएगी और कयास बता रहे हैं कि वहां सत्ता परिवर्तन संभव है। उन्होंने दावा किया कि यदि बंगाल में सरकार बदलती है, तो घुसपैठ पर लगाम लगेगी और बाहरी लोगों का वहां बसना लगभग नामुमकिन हो जाएगा। उनके अनुसार, सीमा सुरक्षा और घुसपैठ को रोकने के लिए प्रशासनिक इच्छाशक्ति का होना बेहद जरूरी है, जो केवल नई व्यवस्था में ही संभव दिखती है।
छत्तीसगढ़ में धर्मांतरण कानून और UCC पर रुख साफ
छत्तीसगढ़ में लागू होने वाले नए धर्म स्वातंत्र्य कानून को लेकर वीएचपी अध्यक्ष ने राज्य सरकार की सराहना की। उन्होंने बताया कि इस सिलसिले में उन्होंने आज सुबह मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से मुलाकात कर उन्हें बधाई भी दी है। आलोक कुमार ने कहा कि नए कानून में धर्मांतरण की सूचना देना अनिवार्य होगा और ऐसा न करने पर लंबी जेल का प्रावधान है। उन्होंने जोर देकर कहा कि कानून का डर होना जरूरी है ताकि अवैध धर्मांतरण पर रोक लग सके। साथ ही उन्होंने उम्मीद जताई कि जल्द ही छत्तीसगढ़ में समान नागरिक संहिता (UCC) लागू होगी, जिससे बहुविवाह जैसी प्रथाओं पर रोक लग जाएगी।
जनसांख्यिकीय सुरक्षा के लिए कानून को बताया जरूरी
आलोक कुमार ने अंत में कहा कि जनसंख्या असंतुलन केवल सामाजिक मुद्दा नहीं बल्कि देश की सुरक्षा से जुड़ा विषय है। उन्होंने छत्तीसगढ़ में सख्त कानूनों की वकालत करते हुए कहा कि एक मजबूत कानूनी ढांचा ही धर्मांतरण और घुसपैठ जैसी चुनौतियों का सामना कर सकता है। संगोष्ठी में मौजूद अन्य वक्ताओं ने भी जनसंख्या नियंत्रण और संतुलन बनाए रखने के लिए ठोस राष्ट्रीय नीति की आवश्यकता पर बल दिया। वीएचपी का मानना है कि आने वाले समय में ये कानून पूरे देश के लिए एक उदाहरण साबित होंगे।



