
Raipur Online Betting Syndicate: राजधानी रायपुर में ऑनलाइन सट्टे के फैलते जाल पर शिकंजा कसते हुए पुलिस ने एक बड़े सिंडिकेट का भंडाफोड़ किया है। पुलिस की विशेष टीम ने इस अवैध कारोबार से जुड़े 14 लोगों को हिरासत में लिया है जिसमें नमन और आयुष नाम के दो मुख्य आरोपी शामिल हैं। पुलिस के अनुसार यह गिरोह तीन अलग-अलग वेबसाइटों के माध्यम से सट्टे का काला कारोबार चला रहा था। पकड़े गए आरोपियों से पूछताछ के आधार पर पुलिस अब इस नेटवर्क की पूरी कुंडली खंगालने में जुटी है।
पुलिस की बड़ी कार्रवाई: मास्टरमाइंड सहित 14 सट्टेबाज गिरफ्तार
रायपुर पुलिस ने राजधानी में सक्रिय सट्टा माफियाओं के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत यह सफलता हासिल की है। सबसे पहले पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर नमन और आयुष को दबोचा जिनकी निशानदेही पर सिंडिकेट के अन्य 12 सदस्यों को गिरफ्तार किया गया। यह आरोपी शहर के अलग-अलग ठिकानों से बैठकर डिजिटल माध्यमों के जरिए लोगों से दांव लगवाते थे। रायपुर पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी जल्द ही इस पूरे मामले में शामिल अन्य चेहरों और नेटवर्क की कार्यप्रणाली पर औपचारिक खुलासा करेंगे।
मास्टर आईडी और 777 पैनल से संचालित हो रहा था अवैध धंधा
जांच में यह बात सामने आई है कि आरोपी एक बेहद संगठित तरीके से इस सिंडिकेट को चला रहे थे। सट्टे के इस खेल में खिलाड़ियों को जोड़ने के लिए मास्टर आईडी और अलग-अलग पैनल का सहारा लिया जाता था। पुलिस को जानकारी मिली है कि ‘777’ नाम के तीन मुख्य पैनल के माध्यम से यह पूरा खेल खेला जा रहा था। गिरोह के सदस्य अलग-अलग यूजर आईडी तैयार करते थे और मोबाइल ऐप के जरिए लोगों को इस जुए की लत में झोंक रहे थे।
करोड़ों के लेनदेन का खुलासा, लैपटॉप और मोबाइल जब्त
छापेमारी के दौरान पुलिस को आरोपियों के कब्जे से बड़ी मात्रा में इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद हुए हैं। जब्त किए गए सामान में कई मोबाइल फोन, लैपटॉप और सट्टा-पट्टी के साथ करोड़ों रुपये के लेनदेन से जुड़े महत्वपूर्ण दस्तावेज शामिल हैं। इन दस्तावेजों की प्रारंभिक जांच से पता चला है कि इस सिंडिकेट के तार काफी गहरे हैं और इसमें बड़ी रकम का हेरफेर किया गया है। डिजिटल साक्ष्यों को खंगालने के लिए पुलिस अब फॉरेंसिक विशेषज्ञों की भी मदद ले रही है।
शहर के रसूखदार कारोबारियों और सर्राफा व्यापारियों पर गहराया शक
इस मामले में सबसे चौंकाने वाला खुलासा शहर के कुछ रसूखदार व्यापारियों के शामिल होने की आशंका को लेकर हुआ है। पुलिस की जांच में ऐसे संकेत मिले हैं कि इस सट्टा सिंडिकेट को चलाने के पीछे रायपुर के कुछ बड़े कारोबारियों और सर्राफा व्यापारियों का भी हाथ हो सकता है। पुलिस अब उन संदिग्ध बैंक खातों और वित्तीय लेनदेन की बारीकी से जांच कर रही है जिनका संबंध इन व्यापारियों से बताया जा रहा है ताकि सिंडिकेट के असली वित्तपोषकों तक पहुंचा जा सके।
सोशल मीडिया पर पुलिस की नजर, जल्द हो सकती हैं और गिरफ्तारियां
सट्टे के इस अवैध कारोबार को फैलाने के लिए आरोपी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और मैसेजिंग ऐप्स का इस्तेमाल कर रहे थे। पुलिस को लंबे समय से इन संदिग्ध गतिविधियों की सूचना मिल रही थी जिसके बाद तकनीकी निगरानी के जरिए इन आरोपियों को पकड़ा गया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह केवल शुरुआत है और आने वाले दिनों में कुछ और प्रभावशाली लोगों की गिरफ्तारी की प्रबल संभावना है। पुलिस ने साफ किया है कि शहर में शांति और कानून व्यवस्था बिगाड़ने वाले ऐसे किसी भी सिंडिकेट को बख्शा नहीं जाएगा।



