
Bemetara News: छत्तीसगढ़ के बेमेतरा में गौवंश की मौत के मुद्दे पर शुरू हुआ राजनीतिक संग्राम अब कानूनी लड़ाई में तब्दील हो गया है। युवा कांग्रेस द्वारा निकाली गई प्रतीकात्मक शव यात्रा और विरोध प्रदर्शन के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। भिलाई विधायक देवेंद्र यादव, पूर्व विधायक गुरुदयाल और युवा कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष प्रांजल तिवारी समेत कुल 17 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। इस कार्रवाई के बाद जिले में सियासी पारा चढ़ गया है और सत्ता पक्ष व विपक्ष के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है।
भाजपा नेत्री की शिकायत पर दर्ज हुआ मुकदमा
यह पूरा कानूनी मामला भाजपा नेता और जिला पंचायत सदस्य अंजू बघेल की लिखित शिकायत के बाद शुरू हुआ। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन के दौरान तय नियमों और मर्यादाओं का उल्लंघन किया। भाजपा का कहना है कि शव यात्रा के जरिए सामाजिक माहौल बिगाड़ने की कोशिश की गई। पुलिस ने शिकायत को आधार मानते हुए विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि प्रदर्शन के दौरान हुई धक्का-मुक्की और हंगामे के वीडियो फुटेज भी खंगाले जा रहे हैं।

300 गौवंशों की मौत ने पकड़ा तूल
विवाद की जड़ बेमेतरा में हुई गौवंशों की मौत से जुड़ी है। कांग्रेस का आरोप है कि जिले में प्रशासनिक लापरवाही और उचित चारे-पानी की व्यवस्था न होने के कारण लगभग 300 गायों की मौत हुई है। युवा कांग्रेस इस मुद्दे को लेकर पिछले कई दिनों से आंदोलनरत है। कांग्रेसी नेताओं का दावा है कि सरकार ने बार-बार चेतावनी देने के बावजूद कोई ठोस कदम नहीं उठाया, जिसके चलते उन्हें सड़क पर उतरकर सरकार को जगाने के लिए प्रतीकात्मक शव यात्रा निकालने पर मजबूर होना पड़ा।
जब आमने-सामने आए कांग्रेस और भाजपा कार्यकर्ता
बेमेतरा की सड़कों पर उस समय स्थिति तनावपूर्ण हो गई जब युवा कांग्रेस ने भाजपा के वरिष्ठ नेताओं और गौ सेवा आयोग के प्रदेश अध्यक्ष की प्रतीकात्मक शव यात्रा निकाली। जैसे ही प्रदर्शनकारी शहर के मुख्य चौक पर पहुंचे, वहां मौजूद भाजपा कार्यकर्ता विरोध करने लगे। देखते ही देखते दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस शुरू हो गई और नौबत हाथापाई तक पहुंच गई। पुलिस को स्थिति संभालने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ी। इसी विवाद के बाद भाजपा ने प्रदर्शन के तरीके को लेकर आपत्ति जताई और थाने का घेराव किया।
विधायक देवेंद्र यादव का सरकार पर पलटवार
एफआईआर दर्ज होने के बाद विधायक देवेंद्र यादव ने कड़ा रुख अपनाते हुए सरकार को आड़े हाथों लिया है। उन्होंने कहा कि गौवंशों की मौत शासन की सबसे बड़ी विफलता है और विपक्ष के नाते जनता की आवाज उठाना हमारा कर्तव्य है। यादव ने आरोप लगाया कि जब सरकार अपनी नाकामी नहीं छिपा पा रही है, तो वह एफआईआर और पुलिस के जरिए कांग्रेसी कार्यकर्ताओं की आवाज दबाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने साफ किया कि इस तरह की कानूनी कार्रवाई से वे डरने वाले नहीं हैं और गौ माता के संरक्षण के लिए सड़क से सदन तक लड़ाई जारी रहेगी।
भाजपा बनाम कांग्रेस: गौवंश संरक्षण पर जुबानी जंग
इस घटना के बाद प्रदेश की राजनीति दो धड़ों में बंट गई है। भाजपा का आरोप है कि कांग्रेस केवल राजनीतिक लाभ लेने के लिए इस तरह के आपत्तिजनक प्रदर्शन कर रही है और जनता को गुमराह कर रही है। भाजपा नेताओं का कहना है कि गौवंश की सुरक्षा के लिए सरकार पूरी संवेदनशीलता से काम कर रही है। वहीं, कांग्रेस का कहना है कि भाजपा केवल चुनाव के समय गाय के नाम पर वोट मांगती है और हकीकत में गौशालाओं की स्थिति बदहाल है। बेमेतरा की यह घटना अब प्रदेश स्तर पर चर्चा का विषय बन गई है।
कानून व्यवस्था और सियासी मर्यादा पर उठे सवाल
इस विवाद ने एक बार फिर राजनीतिक मर्यादाओं और प्रदर्शन के तरीकों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। जहां प्रशासन इस मामले में शांति व्यवस्था बनाए रखने की अपील कर रहा है, वहीं दोनों दल इस मुद्दे को आने वाले चुनावों के मद्देनजर भुनाने में जुटे हैं। बेमेतरा पुलिस का कहना है कि कानून अपना काम कर रहा है और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पूरे क्षेत्र में पुलिस बल तैनात है और राजनीतिक दलों की गतिविधियों पर पैनी नजर रखी जा रही है।



