
Simplex Casting Director Sangeeta Shah Case: छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में करोड़ों रुपये की जमीन से जुड़े कथित धोखाधड़ी के मामले में सिम्पलेक्स कास्टिंग्स लिमिटेड की मैनेजिंग डायरेक्टर (एमडी) संगीता केतन शाह और उनके पति चेयरमैन केतन शाह के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। गिरफ्तारी की आशंका के बीच संगीता शाह ने अब पुलिस विभाग के एक बड़े अधिकारी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। उन्होंने वर्तमान में दंतेवाड़ा जिले में पदस्थ डीएसपी विशाल सोन पर ब्लैकमेलिंग करने और साजिश के तहत कंपनी की चल-अचल संपत्तियों को हड़पने के बेहद संगीन आरोप लगाए हैं। संगीता शाह द्वारा सार्वजनिक रूप से जारी की गई इस सूचना के बाद प्रशासनिक और राजनीतिक गलियारों में खलबली मच गई है।
दुर्ग में पोस्टिंग के दौरान हुई थी जान-पहचान, विधानसभा टिकट दिलाने का दिया था झांसा
संगीता शाह ने बताया कि साल 2013-14 में जब विशाल सोन दुर्ग जिले में थाना प्रभारी के पद पर तैनात थे, तब औद्योगिक क्षेत्र होने के कारण उनका कंपनी में आना-जाना शुरू हुआ था। इसी दौरान दोनों पक्षों के बीच जान-पहचान बढ़ी। आरोप है कि विशाल सोन ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के शीर्ष नेताओं से अपने मजबूत पारिवारिक और व्यक्तिगत संबंधों का हवाला दिया। उन्होंने संगीता शाह को वैशाली नगर विधानसभा क्षेत्र से भाजपा का टिकट दिलाने का पूरा भरोसा दिया और राजनीतिक रसूख का इस्तेमाल करने का झांसा देकर अपने जाल में फंसा लिया।

नेताओं से मुलाकात के नाम पर की वसूली, फर्जी मेडिकल लीव लेकर किया चुनाव प्रचार
संगीता शाह का आरोप है कि डीएसपी ने दिल्ली और राज्य के बड़े नेताओं से मुलाकात कराने और पैरवी करने के नाम पर उनसे कई बार मोटी रकम वसूली। उन्होंने अधिकारी की निष्ठा पर भरोसा किया क्योंकि विशाल सोन ने चुनाव के दौरान बकायदा फर्जी मेडिकल लीव (बीमारी की छुट्टी) ली थी। एक जिम्मेदार पुलिस अधिकारी के पद पर होने के बावजूद उन्होंने न केवल पर्दे के पीछे से पूरी चुनावी रणनीति और रैलियों का संचालन किया, बल्कि वे सार्वजनिक रूप से चुनाव प्रचार में भी शामिल रहे। इस तरह उन्होंने कंपनी प्रबंधन का पूरा विश्वास जीत लिया था।
अंदरूनी विवादों का उठाया फायदा, रसूखदारों के साथ मिलकर की संपत्ति हड़पने की साजिश
लगातार संपर्क में रहने के कारण विशाल सोन को सिम्पलेक्स कंपनी के भीतर चल रहे कुछ व्यापारिक और पारिवारिक विवादों की गहरी जानकारी हो गई थी। संगीता शाह ने आरोप लगाया कि इन कमजोरियों का फायदा उठाते हुए डीएसपी ने पहले तो मामलों को सुलझाने का झांसा दिया, लेकिन बाद में खुद ही जमीन कारोबारियों, सिविल ठेकेदारों और कुछ अन्य पुलिस अधिकारियों के साथ मिलकर एक बड़ा सिंडिकेट बना लिया। इस गुट ने मिलकर कंपनी की पुलगांव स्थित कीमती जमीन, कोहका जुनवानी की जमीन, कमर्शियल कॉम्प्लेक्स और कंपनी की गाड़ियों को अवैध रूप से अपने कब्जे में लेने के लिए उन्हें विवादित बनाना शुरू कर दिया।

बड़े मंत्रियों की धौंस देकर मिल रही कंपनी बंद करने की धमकी, एसपी से शिकायत बेअसर
संगीता शाह ने अपनी व्यथा बताते हुए कहा कि विशाल सोन अब शासन-प्रशासन के रसूखदार मंत्रियों और आला अफसरों से अपनी नजदीकी का डर दिखा रहा है। वह कंपनी को पूरी तरह बंद कराने और उन्हें सड़क पर लाने की धमकी देकर लगातार ब्लैकमेल कर रहा है। इस मानसिक प्रताड़ना के कारण वे गहरे तनाव में हैं और अपनी सुरक्षा को देखते हुए घर-परिवार से अलग रहने को मजबूर हैं। उन्होंने साफ किया कि इस पूरे घटनाक्रम की शिकायत उन्होंने 6 फरवरी 2026 को लिखित रूप से पुलिस अधीक्षक (SP) से की थी, लेकिन रसूख के दबाव में अब तक आरोपी अधिकारी के खिलाफ कोई ठोस विभागीय जांच या कानूनी कार्रवाई शुरू नहीं की गई है।



