
Petrol Diesel Limit Collector Order: छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में पेट्रोल और डीजल की कमी को लेकर सोशल मीडिया पर चल रही अफवाहों के बाद प्रशासन एक्शन मोड में आ गया है। गरियाबंद के कलेक्टर भगवान सिंह उइके ने जिले में शांति व्यवस्था बनाए रखने और कृत्रिम किल्लत को रोकने के लिए ईंधन वितरण की अधिकतम सीमा तय करने का बड़ा आदेश जारी किया है। नए सरकारी आदेश के मुताबिक, अब किसी भी पेट्रोल पंप पर दोपहिया वाहनों को एक बार में अधिकतम 300 रुपये और चारपहिया वाहनों को केवल 1000 रुपये तक का ही पेट्रोल या डीजल दिया जाएगा। यह नियम तत्काल प्रभाव से पूरे जिले में लागू कर दिया गया है।
सोशल मीडिया पर ईंधन खत्म होने की भ्रामक खबरों से बढ़ी पैनिक बाइंग
पिछले कुछ दिनों से गरियाबंद जिला मुख्यालय सहित राजिम और आसपास के ग्रामीण इलाकों में ईंधन का स्टॉक खत्म होने की भ्रामक खबरें तेजी से फैल रही थीं। इन अफवाहों के कारण आम उपभोक्ताओं में घबराहट फैल गई और पेट्रोल पंपों पर अचानक भारी भीड़ उमड़ पड़ी। लोग अपनी गाड़ियों की टंकियां फुल कराने के साथ-साथ ड्रम, जेरीकेन, प्लास्टिक के डिब्बों और बोतलों में बड़ी मात्रा में पेट्रोल-डीजल भरकर घरों में जमा करने लगे थे। इस पैनिक बाइंग की वजह से पंपों पर सचमुच का संकट खड़ा होने लगा था, जिसे देखते हुए जिला प्रशासन को यह दखल देना पड़ा।

खुले बर्तनों और बोतलों में पेट्रोल देने पर पूरी तरह रोक, सुरक्षा का हवाला
कलेक्टर द्वारा जारी निर्देश में खुले बर्तनों, गैलन या कांच-प्लास्टिक की बोतलों में पेट्रोल या डीजल बेचने पर पूरी तरह से पाबंदी लगा दी गई है। प्रशासन का मानना है कि घरों में असुरक्षित तरीके से ज्वलनशील पदार्थों का भंडारण करने से कभी भी बड़ी आगजनी या अप्रिय दुर्घटना हो सकती है। इसके अलावा, बोतलों में ईंधन ले जाकर कुछ असामाजिक तत्व इसे ऊंचे दामों पर ब्लैक में भी बेच सकते हैं। अब केवल वाहनों की टंकी में ही निर्धारित लिमिट के तहत सीधे नोजल से ईंधन डाला जाएगा।
नियमों का उल्लंघन करने वाले पेट्रोल पंपों का सीधे सील होगा लाइसेंस
कलेक्टर भगवान सिंह उइके ने जिले के सभी अनुविभागीय दण्डाधिकारियों (एसडीएम), तहसीलदारों और खाद्य विभाग के निरीक्षकों को फील्ड पर उतरकर पेट्रोल पंपों की लगातार कड़ाई से निगरानी करने को कहा है। आदेश में साफ चेतावनी दी गई है कि जो भी पेट्रोल पंप संचालक तय सीमा से अधिक ईंधन बेचता पाया जाएगा या बोतलों में पेट्रोल देते हुए पकड़ा जाएगा, उसके खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत तत्काल मुकदमा दर्ज किया जाएगा। नियमों की अनदेखी करने वाले डीलरों का पेट्रोलियम लाइसेंस सीधे निरस्त कर पंप को हमेशा के लिए सील कर दिया जाएगा।



