CG Top 10 News Today: छत्तीसगढ़ की 10 बड़ी खबरें तहसीलदारों की हड़ताल खत्म और 4 जून से काम पर वापसी, अभनपुर में पानी की किल्लत पर महिलाओं ने फोड़े मटके, जिंदल स्टील को 153 करोड़ के रिकवरी नोटिस पर हाई कोर्ट से राहत, जगदलपुर जेल में महिला बंदी की संदिग्ध मौत से हड़कंप, रायपुर में सफाई ठेकेदारों की हड़ताल से कचरा उठान ठप, अवैध रेत खनन पर राज्यपाल सख्त, दुर्ग में रिश्वतखोर दो सब इंस्पेक्टर सस्पेंड, राजधानी में बनेगा विश्वस्तरीय वेलनेस सेंटर, बलौदाबाजार में महिलाओं के नाम रजिस्ट्री में 70 फीसदी की बढ़ोतरी और बलरामपुर डीईओ पर कलेक्टर के नाम से फर्जी आदेश जारी करने का आरोप समेत पढ़ें छत्तीसगढ़ की बड़ी खबरें…

CG Top 10 News Today: छत्तीसगढ़ की सभी बड़ी और छोटी खबरें रोजाना हमारी नजर में रहती हैं। दक्षिण कोसल के विशेष सेगमेंट ‘CG की 10 बड़ी खबरें’ में हम आपको समाचार जगत की हर गतिविधि का अपडेट सरल और सहज भाषा में प्रदान करेंगे। तो आइए, पत्रकारिता की इस दुनिया में बने रहें और छत्तीसगढ़ की हर ताजातरीन खबर से अपनी जानकारी को और विस्तृत करे
छत्तीसगढ़ में तहसीलदारों की हड़ताल खत्म, 4 जून से काम पर लौटेंगे अधिकारी
छत्तीसगढ़ में तहसीलदारों और नायब तहसीलदारों का सामूहिक अवकाश आंदोलन टल गया है। शासन से मिले ठोस आश्वासन और आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू होने के बाद छत्तीसगढ़ कनिष्ठ प्रशासनिक सेवा संघ ने यह फैसला लिया। इसके बाद 4 जून से प्रदेशभर में राजस्व और अदालती कामकाज फिर से सामान्य हो जाएंगे। सरगुजा जिले के मैनपाट तहसील के राजापुर उप तहसील में पदस्थ नायब तहसीलदार तुषार मानिक के साथ शासकीय कार्य के दौरान मारपीट और अभद्रता की घटना हुई थी। इसके विरोध में अधिकारियों ने सामूहिक अवकाश पर जाने का फैसला किया था। इस मामले में पुलिस ने सीतापुर थाने में भारतीय न्याय संहिता के तहत केस दर्ज किया है। नामजद आरोपी नाजिम रजा और पंकज गुप्ता को हिरासत में लेकर वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी गई है। संघ ने इस कार्रवाई का स्वागत किया है और बाकी आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग की है। प्रशासनिक सेवा संघ ने साफ किया है कि शासन को फिलहाल 15 दिनों का समय दिया गया है। इस अवधि में यदि बाकी बचे आरोपियों की गिरफ्तारी और सुरक्षा से जुड़ी मांगों पर ठोस प्रगति नहीं दिखी, तो संघ आगे की रणनीति पर दोबारा विचार करने के लिए मजबूर होगा।
अभनपुर में सुशासन तिहार के दौरान हंगामा, महिलाओं ने मटके फोड़कर जताया विरोध
अभनपुर के गोबरा नवापारा नगर में जनसमस्याओं को लेकर स्थानीय नागरिकों और कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जमकर प्रदर्शन किया। नगर के हरिहर स्कूल में आयोजित सुशासन तिहार कार्यक्रम के दौरान बड़ी संख्या में महिलाएं खाली मटके और तख्तियां लेकर पहुंच गईं। महिलाओं ने पेयजल संकट को लेकर गहरा रोष जताया और आयोजन स्थल पर ही मटके फोड़कर विरोध दर्ज कराया। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि क्षेत्र में अवैध रेत और खनिजों का परिवहन बेधड़क चल रहा है। इसके साथ ही अवैध शराब की बिक्री, समय पर पेंशन न मिलना, किसानों को खाद की किल्लत और लगातार हो रही बिजली कटौती से आम जनता परेशान है। हंगामे की सूचना मिलने पर अभनपुर एसडीएम मौके पर पहुंचे। उन्होंने प्रदर्शनकारियों से चर्चा की और सभी समस्याओं के जल्द निराकरण का भरोसा दिलाया। एसडीएम के लिखित और मौखिक आश्वासन के बाद ही नागरिक शांत हुए और प्रदर्शन समाप्त हुआ।
जिंदल स्टील को हाई कोर्ट से बड़ी राहत, 153 करोड़ रुपये के रिकवरी नोटिस पर रोक
बिलासपुर हाई कोर्ट ने जिंदल स्टील लिमिटेड को एक बड़े मामले में राहत दी है। कोर्ट की डिवीजन बेंच ने कंपनी को जारी किए गए 153.55 करोड़ रुपये के वसूली नोटिस पर रोक लगा दी है। चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस बीडी गुरु की खंडपीठ ने मामले की सुनवाई करते हुए कहा कि बिना किसी पक्ष को सुने उस पर वित्तीय बोझ नहीं डाला जा सकता। यह पूरा मामला वित्तीय वर्ष 2011-12 और 2012-13 के दौरान बिजली आपूर्ति से जुड़ा है। छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत नियामक आयोग ने बाद में इस बिजली को ‘नॉन-फर्म पावर’ मानते हुए दरें घटा दी थीं, जिसके आधार पर बिजली कंपनी ने जिंदल स्टील को करोड़ों रुपये लौटाने का नोटिस थमा दिया था। जिंदल स्टील ने अदालत में दलील दी कि इस पूरी प्रक्रिया में उन्हें अपनी बात रखने का मौका ही नहीं मिला। हाई कोर्ट ने कंपनी की दलील को सही माना और कहा कि जब किसी फैसले का सीधा असर किसी संस्थान के आर्थिक पक्ष पर पड़ता है, तो वहां व्यक्तिगत सुनवाई बहुत जरूरी हो जाती है। कोर्ट ने नियामक आयोग को निर्देश दिया है कि वह दो महीने के भीतर जिंदल स्टील को सुनवाई का पूरा अवसर दे और नए सिरे से इस पर फैसला करे।
जगदलपुर केंद्रीय जेल में महिला बंदी की मौत, सुरक्षा और निगरानी पर खड़े हुए सवाल
जगदलपुर की केंद्रीय जेल में एक महिला बंदी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के बाद हड़कंप मच गया है। दरभा क्षेत्र की रहने वाली बंदी जयमती बघेल ने बैरक के भीतर कथित तौर पर फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली। इस घटना के बाद से जेल की सुरक्षा व्यवस्था और कैदियों की निगरानी प्रणाली पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। मृतक महिला करीब दो महीने पहले अपने ही रिश्तेदार की हत्या के आरोप में जेल लाई गई थी। बताया जा रहा है कि वह पिछले कुछ समय से मानसिक रूप से काफी परेशान थी। उसके तीन छोटे बच्चे हैं और जेल में रहने के दौरान परिवार का कोई सदस्य उससे मिलने नहीं आ रहा था। इसी अकेलेपन और तनाव की वजह से उसने यह आत्मघाती कदम उठाया। जगदलपुर कोतवाली पुलिस इस पूरे मामले की गहनता से जांच कर रही है। शव का पोस्टमार्टम कराया गया है, जिसकी रिपोर्ट आने के बाद मौत के सही कारणों का पता चलेगा। पुलिस इस बात की भी पड़ताल कर रही है कि इतनी कड़ी सुरक्षा वाले बैरक में महिला को यह कदम उठाने का मौका कैसे मिला।
रायपुर में सफाई ठेकेदारों की हड़ताल, शहर के सभी 70 वार्डों में कचरा उठान ठप
राजधानी रायपुर की सफाई व्यवस्था बुधवार सुबह से पूरी तरह चरमरा गई है। पिछले चार महीने से भुगतान न मिलने से नाराज सफाई ठेकेदारों ने काम बंद कर हड़ताल शुरू कर दी है। इसके चलते नगर निगम के सभी 70 वार्डों में कचरा उठाने और साफ-सफाई का काम पूरी तरह रुक गया है। ठेकेदारों का कहना है कि शहर के सभी वार्डों को मिलाकर हर महीने करीब 4 करोड़ रुपये का भुगतान होता है। पिछले चार महीनों से उन्हें एक भी रुपया नहीं मिला है, जबकि उन्हें खुद सफाई कर्मचारियों को वेतन देना होता है। अधिकारियों से केवल आश्वासन मिलने के कारण अब उन्होंने काम पूरी तरह ठप करने का निर्णय लिया है। इससे पहले ठेकेदारों ने नगर निगम प्रशासन और नेता प्रतिपक्ष को अपनी मांगों का ज्ञापन सौंपा था। शहर में पहले ही कुछ सफाई कर्मचारियों के आंदोलन के कारण व्यवस्था प्रभावित थी, अब ठेकेदारों की इस हड़ताल से आने वाले दिनों में गंदगी की समस्या और गंभीर हो सकती है।
अवैध रेत खनन पर राज्यपाल सख्त, खनिज सचिव को चौबीसों घंटे निगरानी के निर्देश
छत्तीसगढ़ के राज्यपाल रमेन डेका ने राज्य की नदियों और नालों में हो रहे अवैध और अंधाधुंध रेत खनन पर कड़ी नाराजगी जताई है। उन्होंने पर्यावरण सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए इस पर तुरंत रोक लगाने के निर्देश दिए हैं। राज्यपाल ने कहा कि विकास कार्यों के लिए रेत जरूरी है, लेकिन नदियों के अस्तित्व को दांव पर लगाकर खनन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। राजभवन में हुई एक उच्च स्तरीय बैठक में राज्यपाल ने खनिज विभाग के सचिव पी. दयानंद को बुलाकर इस मुद्दे पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि अनियंत्रित खुदाई के कारण नदियों की जलधारण क्षमता कम हो रही है, जिससे ग्रामीण इलाकों में जलस्तर लगातार गिर रहा है। राज्यपाल ने निर्देश दिया है कि रेत खनन के सटीक आकलन और वैज्ञानिक अध्ययन के लिए आईआईटी जैसे देश के प्रतिष्ठित संस्थानों की मदद ली जाए। इसके साथ ही उन्होंने खनिज विभाग को अवैध परिवहन पर चौबीसों घंटे कड़ी नजर रखने और पूरी व्यवस्था को पारदर्शी बनाने के आदेश दिए हैं।
दुर्ग में 50 हजार रुपये की रिश्वत मांगने वाले दो सब इंस्पेक्टर सस्पेंड, ऑडियो हुआ था वायरल
दुर्ग जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए एसएसपी ने दो सब इंस्पेक्टरों को निलंबित कर दिया है। पुरानी भिलाई थाने में पदस्थ सब इंस्पेक्टर तुलसीराम साहू और खुर्सीपार थाने में पदस्थ देव लाल साहू को सस्पेंड कर रक्षित केंद्र अटैच किया गया है। इन दोनों पर एक मामले में आरोपी पक्ष से पैसे मांगने का आरोप है। पुलिस के अनुसार, पुरानी भिलाई थाने में दर्ज नशीले पदार्थों की तस्करी (NDPS) के एक मामले में सब इंस्पेक्टर तुलसीराम साहू ने एक महिला को छोड़ने के बदले उसकी बेटी से 50 हजार रुपये की मांग की थी। इस बातचीत का एक ऑडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। एसएसपी विजय अग्रवाल ने वायरल ऑडियो की शुरुआती जांच कराई, जिसमें दोनों अधिकारियों की मिलीभगत सामने आई। विभागीय नियमों के खिलाफ काम करने और पुलिस की छवि धूमिल करने के आरोप में दोनों के खिलाफ तत्काल निलंबन की कार्रवाई की गई है।
रायपुर के क्वींस क्लब का होगा कायाकल्प, पीपीपी मॉडल पर बनेगा वेलनेस सेंटर
राजधानी रायपुर के वीआईपी रोड स्थित क्वींस क्लब ऑफ इंडिया को अब विश्वस्तरीय हॉस्पिटैलिटी और वेलनेस सेंटर के रूप में विकसित किया जाएगा। छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल इस परियोजना को पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल के तहत संचालित करने जा रहा है। इसके लिए निजी एजेंसी की नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इस परियोजना के तहत क्लब परिसर में टेनिस कोर्ट, स्क्वैश कोर्ट, आधुनिक जिम, स्विमिंग पूल और बैडमिंटन हॉल जैसी खेल सुविधाएं तैयार की जाएंगी। इसके साथ ही खाली पड़ी जमीन पर लगभग 61 कमरों का एक आधुनिक आवासीय ब्लॉक भी बनाया जाएगा। योजना में करीब 25 करोड़ रुपये का निवेश होना तय हुआ है। वित्त और आवास मंत्री ओपी चौधरी ने बताया कि इस फैसले से रायपुर में आधुनिक शहरी अधोसंरचना को मजबूती मिलेगी और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। उन्होंने साफ किया कि क्लब के मौजूदा सदस्यों, जिनमें सांसद और विधायक शामिल हैं, उनकी सदस्यता और सुविधाएं पहले की तरह ही सुरक्षित रहेंगी।
बलौदाबाजार में महिलाओं के नाम पर जमीनों की रजिस्ट्री बढ़ी, सरकारी छूट का दिखा असर
बलौदाबाजार जिले में महिलाओं के नाम पर संपत्ति की खरीद और पंजीयन में भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। राज्य सरकार द्वारा महिलाओं के नाम पर होने वाली रजिस्ट्री में शुल्क की दर आधी करने और 12 प्रतिशत उपकर को पूरी तरह समाप्त करने के फैसले का यह सीधा असर है। ग्रामीण क्षेत्रों के मुकाबले शहरी इलाकों में महिलाएं अधिक संपत्ति अपने नाम करा रही हैं। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, अप्रैल 2026 में जिले के पांच उप पंजीयक कार्यालयों में महिलाओं के पक्ष में 309 संपत्तियों का पंजीकरण हुआ था। मई 2026 में यह संख्या बढ़कर 445 तक पहुंच गई, जो सीधे तौर पर लगभग 70 प्रतिशत की बढ़ोतरी को दर्शाती है। बलौदाबाजार और भाटापारा जैसे शहरी केंद्रों में यह बदलाव सबसे ज्यादा देखा जा रहा है। जिला पंजीयक कार्यालय के अधिकारियों का कहना है कि रजिस्ट्री की लागत कम होने से परिवार अब महिलाओं के नाम पर जमीन और मकान खरीदने को प्राथमिकता दे रहे हैं। इससे महिलाओं को न केवल आर्थिक सुरक्षा मिल रही है बल्कि संपत्ति में उनका कानूनी अधिकार भी मजबूत हो रहा है।
बलरामपुर डीईओ की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल, कलेक्टर के नाम से आदेश जारी करने का आरोप
बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) मनीराम यादव एक बार फिर प्रशासनिक विवादों में घिर गए हैं। शिक्षा विभाग के कर्मचारियों और स्थानीय अधिकारियों ने डीईओ की कार्यप्रणाली पर गंभीर आपत्ति जताई है। उन पर विभागीय नियमों की अनदेखी करने और मनमाने ढंग से दफ्तर चलाने के आरोप लगे हैं। शिकायत के अनुसार, जिला शिक्षा अधिकारी अपने दफ्तर के आधिकारिक लेटरपैड का इस्तेमाल करने के बजाय कई महत्वपूर्ण मामलों में सीधे कलेक्टर कार्यालय के नाम से आदेश जारी कर रहे हैं। इस बात को लेकर जिले के प्रशासनिक हल्कों में अधिकार क्षेत्र के उल्लंघन की चर्चाएं तेज हो गई हैं। इसके अलावा डीईओ पर यह भी आरोप है कि वे दफ्तर के नियमित कर्मचारियों को छोड़कर बाहरी लोगों से शासकीय कार्य करा रहे हैं। स्कूलों से मंगाए गए जरूरी सरकारी दस्तावेजों को कार्यालय के रिकॉर्ड रूम में रखने के बजाय अपने निजी आवास पर ले जा रहे हैं, जिससे आरटीआई आवेदनों के निराकरण और दफ्तर के रोजमर्रा के कामों में रुकावट आ रही है।



