
CG Cabinet Meeting: छत्तीसगढ़ के राजनीतिक गलियारों से इस वक्त की बड़ी खबर सामने आ रही है. मुख्यमंत्री साय की अध्यक्षता में राज्य मंत्रिपरिषद की एक बेहद महत्वपूर्ण बैठक आगामी मंगलवार, 9 जून को आयोजित होने जा रही है. यह बैठक नवा रायपुर अटल नगर स्थित मंत्रालय (महानदी भवन) में सुबह 11 बजे से शुरू होगी. प्रदेश में चल रहा सुशासन तिहार 10 जून को समाप्त होने जा रहा है और इसके ठीक एक दिन पहले बुलाई गई इस कैबिनेट बैठक को प्रशासनिक और रणनीतिक लिहाज से काफी अहम माना जा रहा है. इस बैठक में राज्य के विकास और किसानों से जुड़े कई बड़े प्रस्तावों पर मुहर लगने की संभावना है.
नीति आयोग की बैठक की तैयारी और जन समस्या निवारण शिविरों के आवेदनों की होगी समीक्षा
इस कैबिनेट बैठक के एजेंडे में केंद्र और राज्य के समन्वय से जुड़े कई गंभीर विषय शामिल किए गए हैं. बैठक के दौरान आने वाले दिनों में दिल्ली में आयोजित होने वाली नीति आयोग की बैठक को लेकर विशेष रणनीति बनाई जाएगी और केंद्र सरकार के सामने रखी जाने वाली राज्य की मांगों के प्रस्ताव पर विस्तृत चर्चा होगी. इसके साथ ही, पिछले 1 मई से 10 जून 2026 तक पूरे प्रदेश में लगाए गए जन समस्या निवारण शिविरों में आम जनता से मिले लाखों आवेदनों की समीक्षा की जाएगी. सरकार यह आकलन करेगी कि जनसमस्याओं के निपटारे में प्रशासनिक अधिकारियों का प्रदर्शन कैसा रहा और जमीनी स्तर पर सरकारी योजनाओं का क्रियान्वयन कितना प्रभावी ढंग से हुआ है.
तबादला नीति, निकायों में एल्डरमैन की नियुक्ति और मानसून व खरीफ सीजन पर केंद्रित रहेगा एजेंडा
बैठक के दौरान राज्य की प्रशासनिक व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त करने के लिए शीर्ष पदों पर फेरबदल और नई तबादला नीति को लेकर भी विचार-विमर्श होने के पूरे आसार हैं. इसके अतिरिक्त, प्रदेश के नगरीय निकायों में एल्डरमैन की नियुक्ति के लंबित मामले पर भी कैबिनेट में चर्चा हो सकती है. चूंकि राज्य में मानसून का आगमन होने वाला है, इसलिए खरीफ सीजन 2026-27 की तैयारियों को देखते हुए किसानों को समय पर खाद और बीज उपलब्ध कराने के लिए उर्वरक वितरण नीति को लेकर सरकार कोई बड़ा और महत्वपूर्ण फैसला ले सकती है.
पिछली कैबिनेट बैठक में भी लिए गए थे कर्मचारियों और ठेकेदारों के हित में बड़े फैसले
इससे पहले 26 मई को मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अगुवाई में हुई कैबिनेट बैठक में भी राज्य सरकार ने कई बड़े और दूरगामी निर्णय लिए थे. उस बैठक में युवाओं के हित को ध्यान में रखते हुए छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मंडल को सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) के अधीन लाने की मंजूरी दी गई थी. इसके साथ ही, बाजार में डामर की कीमतों में अचानक हुई बढ़ोतरी के कारण वित्तीय नुकसान झेल रहे अनुबंधित ठेकेदारों को राहत देते हुए उन्हें सरकार की तरफ से क्षतिपूर्ति राशि प्रदान करने का एक संवेदनशील और बड़ा फैसला भी लिया गया था.



