CG Employee Federation Protest: सुशासन तिहार में नेताओं की फटकार से छत्तीसगढ़ के कर्मचारी नाराज: 5 लाख सरकारी अधिकारियों-कर्मचारियों ने दी आंदोलन की चेतावनी, कहा- रील्स के लिए हमें बनाया जा रहा निशाना

CG Employee Federation Protest: छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा चलाए जा रहे ‘सुशासन तिहार’ शिविरों में जनप्रतिनिधियों और सरकारी अमले के बीच का टकराव अब एक बड़े विवाद में बदल गया है. मंत्रियों, सांसदों और विधायकों द्वारा सरेआम अधिकारियों-कर्मचारियों को फटकार लगाने और सस्पेंड करने की धमकियों पर कर्मचारी संगठनों ने कड़ा ऐतराज जताया है. छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन ने इस तरह के बर्ताव को पूरी तरह से अनुचित बताते हुए सरकार को आगाह किया है कि अगर प्रशासनिक अमले को इस तरह सार्वजनिक मंचों पर बेइज्जत करने का सिलसिला नहीं थमा, तो पूरे प्रदेश में सरकारी कामकाज ठप कर आंदोलन शुरू कर दिया जाएगा.

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पांच लाख कर्मचारियों के सम्मान की बात, सोशल मीडिया पर फेमस होने के लिए टारगेट करने का आरोप

कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन के महासचिव चंद्रशेखर तिवारी ने दो टूक शब्दों में कहा है कि इस संगठन से प्रदेश के लगभग 5 लाख शासकीय सेवक जुड़े हुए हैं. उन्होंने कहा कि हर एक छोटे-बड़े कर्मचारी की समाज में अपनी एक पारिवारिक पृष्ठभूमि और मानवीय गरिमा होती है. सरेआम बदसलूकी कर उनके आत्मसम्मान को ठेस पहुंचाई जा रही है. फेडरेशन के पदाधिकारियों ने यह गंभीर आरोप भी लगाया कि आजकल सोशल मीडिया पर वीडियो और रील्स के जरिए सस्ती लोकप्रियता हासिल करने के लिए ही सोची-समझी रणनीति के तहत अधिकारियों को जनता के सामने निशाना बनाया जा रहा है.

आरंग में नायब तहसीलदार पर भड़के सांसद बृजमोहन अग्रवाल, पूछा- आपका अभिनंदन करें या क्या करें

सुशासन तिहार के दौरान पहला बड़ा विवाद रायपुर के आरंग अंतर्गत नगर पंचायत समोदा में देखने को मिला. वहां आयोजित शिविर में लोगों की शिकायतें सुनते ही रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल स्थानीय नायब तहसीलदार गजानंद सिदार पर बुरी तरह उखड़ गए. सांसद ने मंच से ही कड़े लहजे में अधिकारी से कहा कि आपका अभिनंदन करें कि क्या करें आप ही बताओ. वायरल वीडियो के अनुसार उन्होंने अधिकारी पर भ्रष्टाचार के सीधे आरोप लगाते हुए जनता के सामने पूछा कि आप लोगों से क्या काम कराने का कितना पैसा मांगते हो. इस तीखी डांट को देखकर वहां मौजूद ग्रामीण तालियां बजाने लगे थे.

तिल्दा में राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा ने दिखाई सख्ती, छोटे किसान को परेशान करने पर पटवारी को किया सस्पेंड

दूसरा मामला रायपुर जिले के ही तिल्दा-नेवरा क्षेत्र का है, जहां समाधान शिविर में सूबे के राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा पहुंचे थे. यहां बिलाड़ी गांव के एक छोटे किसान ने शिकायत की कि उसे अपनी ही जमीन के रिकॉर्ड को सुधरवाने के लिए दफ्तरों के चक्कर काटने पड़ रहे हैं और पटवारी ने उसकी भूमि को रिकॉर्ड में शून्य यानी निरंक दर्ज कर दिया है. पीड़ित किसान की व्यथा सुनते ही राजस्व मंत्री ने मंच से ही नाराजगी व्यक्त की और बिना देर किए संबंधित पटवारी को एक घंटे के भीतर निलंबित करने के सख्त निर्देश जारी कर दिए.

राजिम विधायक रोहित साहू बोले- रिश्वतखोर पटवारी को जूता मारूंगा, पटवारी संघ ने किया शिविरों का बहिष्कार

गरियाबंद जिले के छुरा ब्लॉक के ग्राम पाटसिवनी में आयोजित जनसभा में विवाद और ज्यादा बढ़ गया. राजिम से भाजपा विधायक रोहित साहू ने भ्रष्टाचार की एक शिकायत पर आपा खो दिया और भरे मंच से कह दिया कि रिश्वत लेने वाले पटवारी को वह जूता मारेंगे. विधायक के इस अमर्यादित शब्द का वीडियो इंटरनेट पर वायरल होते ही पटवारी संघ भड़क गया. संघ ने विधायक के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए पूरे ब्लॉक में सुशासन तिहार के सभी कार्यक्रमों का पूरी तरह से बहिष्कार करने का फैसला ले लिया है.

खाली कुर्सियां देख भड़के पूर्व संसदीय सचिव गोवर्धन मांझी, मंच पर बैठे कलेक्टर को मोबाइल न उठाने पर टोका

इसी कड़ी में अमलीपदर तहसील मुख्यालय में आयोजित सुशासन शिविर का नजारा बिल्कुल अलग था. यहां टेंट के नीचे जनता के बैठने के लिए लगाई गई कुर्सियां खाली देखकर भाजपा नेता और पूर्व संसदीय सचिव गोवर्धन मांझी का पारा चढ़ गया. उन्होंने तैयारियों में लापरवाही का ठीकरा प्रशासनिक अधिकारियों पर फोड़ा. नेताजी ने मंच पर मौजूद गरियाबंद कलेक्टर भगवान सिंह उईके की तरफ इशारा करते हुए सार्वजनिक रूप से कह दिया कि कलेक्टर साहब कम से कम आप तो हमारा फोन उठा लिया करें.

दुर्ग में जनपद सीईओ और भाजपा नेता के बीच तीखी नोकझोंक, विवाद के बाद राज्य सरकार ने अधिकारी को थमाया निलंबन

दुर्ग जिले के सुशासन शिविर में तो बात सीधे बहसबाजी तक पहुंच गई. यहां जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) रूपेश कुमार पांडेय और भाजपा के ग्रामीण महामंत्री पुराण देशमुख के बीच किसी काम को लेकर तीखी नोकझोंक हो गई. विधायक ललित चंद्राकर की मौजूदगी में हुए इस विवाद का वीडियो सामने आया था, जिसमें अधिकारी यह कहते सुने गए कि आपको जो करना है कर लो. इस तल्ख रवैये को अनुशासनहीनता मानते हुए राज्य सरकार ने मामले को तूल पकड़ता देख सीईओ रूपेश पांडेय को तुरंत प्रभाव से निलंबित कर दिया है.

मंदिर हसौद में कांग्रेस नपा अध्यक्ष और एडीएम के बीच प्रोटोकॉल को लेकर तकरार, मंच से उतरने को कहा

रायपुर के मंदिर हसौद में आयोजित सरकारी शिविर में राजनीतिक और प्रशासनिक खींचतान साफ देखने को मिली. यहां कांग्रेस समर्थित नगर पालिका अध्यक्ष गोपाल चतुर्वेदी ने ड्यूटी पर तैनात एडीएम उमाशंकर बंदे से प्रोटोकॉल का पालन न करने की बात कहते हुए सवाल दागे. इस पर एडीएम ने कहा कि सभी नियमों का ध्यान रखा गया है और उन्होंने नपा अध्यक्ष को मंच से नीचे जाने के लिए कह दिया. इसके बाद नपा अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि वे जब जनता की समस्याओं से जुड़े जरूरी मुद्दे उठा रहे थे, तब अधिकारी ने अपनी कमियां छुपाने के लिए उन्हें मंच से जबरन हटाने का प्रयास किया.

गोबरा नवापारा में वन विभाग की अड़चन पर बरसे सांसद, कहा- रेंजर यहां क्यों नहीं है, तुरंत कारण बताओ नोटिस जारी करो

रायपुर के ही गोबरा नवापारा में कुलेश्वर महादेव शासकीय महाविद्यालय की बाउंड्री वॉल के निर्माण कार्य को लेकर वन विभाग द्वारा आपत्ति जताई गई थी. जब सुशासन शिविर में यह शिकायत सांसद बृजमोहन अग्रवाल के पास पहुंची और उन्होंने देखा कि संबंधित रेंजर मौके से नदारद हैं, तो वे बेहद नाराज हो गए. सांसद ने जिम्मेदार अधिकारी की अनुपस्थिति पर गहरी आपत्ति जताते हुए वहां मौजूद आला अफसरों को निर्देश दिया कि रेंजर को तत्काल कारण बताओ नोटिस जारी किया जाए और उसे सस्पेंड करने की कार्रवाई शुरू की जाए.

विभागीय जांच की व्यवस्था पहले से है मौजूद, सरेआम बेइज्जत करना प्रशासनिक परंपराओं के खिलाफ

कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन के आला नेताओं ने सरकार की इस कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा है कि यदि कोई कर्मचारी अपने दायित्वों को निभाने में लापरवाही बरतता है या उससे काम में कोई बड़ी चूक होती है, तो उसके खिलाफ कार्रवाई करने के लिए सेवा नियमों के तहत विभागीय जांच और सस्पेंशन की कानूनी व्यवस्था पहले से ही बनी हुई है. इसके बावजूद सरेआम भीड़ के सामने किसी अधिकारी को डांटना या उसके लिए अपशब्दों का प्रयोग करना किसी भी स्वस्थ प्रशासनिक व्यवस्था या लोकतांत्रिक परंपरा का हिस्सा नहीं हो सकता.

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Ravi Pratap Pandey

रवि पिछले 7 वर्षों से छत्तीसगढ़ में सक्रिय पत्रकार हैं। उन्होंने राज्य के सामाजिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक पहलुओं पर गहराई से रिपोर्टिंग की है। जमीनी हकीकत को उजागर करने और आम जनता की आवाज़ को मंच देने के लिए वे लगातार लेखन और रिपोर्टिंग करते रहे हैं।

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