MLA Devendra Yadav Kurta Controversy Viral Video: छत्तीसगढ़ में ‘कुर्ता कांड’ पर सियासी घमासान: विधायक देवेंद्र यादव का कुर्ता फटा या खुद फाड़ा? वायरल वीडियो ने पलटी कहानी

MLA Devendra Yadav Kurta Controversy Viral Video: छत्तीसगढ़ की राजनीति में इन दिनों एक नया विवाद चर्चा के केंद्र में आ गया है। केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू के सरकारी आवास के घेराव के दौरान कांग्रेस विधायक देवेंद्र यादव के फटे कुर्ते को लेकर शुरू हुआ हंगामा अब एक नया मोड़ ले चुका है। नीट परीक्षा में हुई गड़बड़ी के खिलाफ कांग्रेस और एनएसयूआई के प्रदर्शन के दौरान आरोप लगा था कि पुलिस की धक्का-मुक्की में विधायक का कुर्ता फट गया। इंटरनेट मीडिया पर सामने आए एक नए वीडियो ने इस पूरे नैरेटिव को बदलकर रख दिया है, जिससे राज्य का सियासी पारा चढ़ गया है।

इंटरनेट पर वायरल फुटेज से मचा हड़कंप, खुद अपना कुर्ता खींचते दिखे कांग्रेस विधायक

बिलासपुर के नेहरू चौक पर हुए इस पूरे घटनाक्रम का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से प्रसारित हो रहा है। इस वीडियो को लेकर दावा किया जा रहा है कि प्रदर्शन के दौरान पुलिसिया बर्बरता दिखाने के लिए विधायक देवेंद्र यादव खुद ही अपने कुर्ते को फाड़ते हुए नजर आ रहे हैं। इस फुटेज के सामने आते ही राजनीतिक गलियारों से लेकर आम जनता के बीच तीखी बहस शुरू हो गई है। हालांकि, इस वायरल वीडियो की सत्यता की अभी तक कोई स्वतंत्र जांच या आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है।

पेपर लीक विरोध से शुरू हुआ था आंदोलन, पुलिस प्रशासन पर लगे थे बल प्रयोग के गंभीर आरोप

यह पूरा विवाद कुछ दिनों पहले नीट पेपर लीक के विरोध में एनएसयूआई के बैनर तले आयोजित एक बड़े प्रदर्शन से शुरू हुआ था। उस समय कांग्रेस नेताओं ने सरकार और पुलिस प्रशासन को आड़े हाथों लेते हुए आरोप लगाया था कि शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन कर रहे कार्यकर्ताओं पर बल प्रयोग किया गया। लाठीचार्ज और झूमाझटकी के दौरान पुलिस ने जनप्रतिनिधियों की गरिमा का भी ख्याल नहीं रखा, जिसके कारण विधायक देवेंद्र यादव का कुर्ता पूरी तरह फट गया। कांग्रेस ने इसे लोकतांत्रिक अधिकारों पर सीधा हमला करार दिया था।

वीडियो सामने आने के बाद दो धड़ों में बंटा सोशल मीडिया, सहानुभूति बटोरने के दावों पर उठे सवाल

नया वीडियो सार्वजनिक होने के बाद इंटरनेट पर लोग दो पक्षों में बंटे हुए नजर आ रहे हैं। विपक्षी दल और भाजपा समर्थक इसे कांग्रेस का एक सुनियोजित राजनीतिक ड्रामा बता रहे हैं, जिसका मकसद जनता के बीच जबरन सहानुभूति बटोरना था। वहीं दूसरी तरफ कांग्रेस से जुड़े लोग इस वीडियो को अधूरा और संदर्भ से बाहर बताकर इसका बचाव करने की कोशिश कर रहे हैं। इस विरोधाभास के कारण आम जनता के बीच इस घटना की असलियत को लेकर भ्रम की स्थिति बन गई है।

भाजपा का कांग्रेस पर सीधा हमला, ‘सहानुभूति की राजनीति’ करने का लगाया बड़ा आरोप

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेताओं ने इस नए वीडियो को एक बड़ा हथियार बना लिया है। भाजपा प्रवक्ताओं ने कांग्रेस पर तीखा तंज कसते हुए कहा है कि जमीन पर मुद्दे न होने के कारण विपक्षी दल अब मनगढ़ंत कहानियां गढ़ने का सहारा ले रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि अपनी राजनीति चमकाने के लिए खुद कपड़े फाड़ना और उसका दोष पुलिस के सिर मढ़ना कांग्रेस की पुरानी आदत रही है। भाजपा अब इस मामले को लेकर कांग्रेस नेतृत्व से नैतिकता के आधार पर माफी की मांग कर रही है।

कांग्रेस खेमे में छाई चुप्पी, समर्थकों ने पूरा वीडियो और सही संदर्भ दिखाने की उठाई मांग

इस पूरे विवाद और वीडियो के आने के बाद से कांग्रेस के शीर्ष संगठन की तरफ से अभी तक कोई भी विस्तृत या आधिकारिक स्पष्टीकरण सामने नहीं आया है। पार्टी के रणनीतिकार फिलहाल इस मामले पर सीधे कुछ भी बोलने से बच रहे हैं। हालांकि, पार्टी के स्थानीय कार्यकर्ताओं और समर्थकों का कहना है कि सोशल मीडिया पर चल रहा वीडियो आधा-अधूरा है। उन्होंने मांग की है कि घटना की पूरी सच्चाई जानने के लिए विरोध प्रदर्शन की शुरुआत से लेकर अंत तक का पूरा फुटेज देश के सामने रखा जाना चाहिए।

कानून-व्यवस्था और जांच के घेरे में आया मामला, पुलिस खंगाल रही है मौके के अन्य फुटेज

राजनीतिक बयानबाजी से इतर पुलिस प्रशासन भी इस मामले को लेकर सतर्क हो गया है। बिलासपुर पुलिस प्रदर्शन के दौरान मौके पर मौजूद रहे विभिन्न मीडिया कर्मियों के कैमरों और चौराहे पर लगे सरकारी सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगालने की तैयारी कर रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यदि वीडियो में किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ या एडिटिंग की बात सामने आती है, तो उस पर भी कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। जांच के बाद ही साफ होगा कि उस दिन वास्तव में क्या हुआ था।

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Ravi Pratap Pandey

रवि पिछले 7 वर्षों से छत्तीसगढ़ में सक्रिय पत्रकार हैं। उन्होंने राज्य के सामाजिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक पहलुओं पर गहराई से रिपोर्टिंग की है। जमीनी हकीकत को उजागर करने और आम जनता की आवाज़ को मंच देने के लिए वे लगातार लेखन और रिपोर्टिंग करते रहे हैं।

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