
Raipur Public Transport QR Code System Golden Book Of World Records: छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में सफर करने वाले यात्रियों की सुरक्षा को पुख्ता करने के लिए परिवहन विभाग ने एक बड़ा और आधुनिक फैसला लिया है. शहर की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को ज्यादा सुरक्षित और हाईटेक बनाने के लिए अब सभी ऑटो और ई-रिक्शा में अनिवार्य रूप से क्यूआर कोड लगाए जाएंगे. इस नई व्यवस्था की शुरुआत आज से जमीनी स्तर पर होने जा रही है. इस तकनीक के लागू होने के साथ ही रायपुर पूरे देश में यात्री वाहनों का इस तरह डिजिटल रजिस्ट्रेशन करने वाला पहला जिला बन गया है.
क्यूआर कोड स्कैन करते ही सामने आ जाएगी ड्राइवर की पूरी कुंडली
इस नई तकनीक की मदद से यात्रियों को किसी भी अनहोनी की स्थिति से बचने में बड़ी मदद मिलेगी. ऑटो या ई-रिक्शा में बैठने के बाद जैसे ही यात्री वहां लगे क्यूआर कोड को अपने मोबाइल से स्कैन करेंगे, उनके सामने वाहन चालक का नाम, उसका मोबाइल नंबर, गाड़ी का रजिस्ट्रेशन नंबर और अन्य जरूरी सरकारी दस्तावेज तुरंत खुलकर आ जाएंगे. परिवहन विभाग इस योजना के तहत अब तक शहर के करीब 15047 सार्वजनिक वाहनों का ऑनलाइन पंजीयन पूरा कर चुका है. इतनी बड़ी संख्या में रिकॉर्ड डिजिटल रजिस्ट्रेशन करने की वजह से रायपुर का नामकों गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में भी दर्ज किया गया है.
पुलिस और परिवहन विभाग मिलकर करेंगे चालकों का वेरिफिकेशन
परिवहन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि इस पूरी व्यवस्था को फुलप्रूफ बनाने के लिए केवल क्यूआर कोड लगाना ही काफी नहीं है. इसके साथ ही शहर में गाड़ी चलाने वाले सभी ऑटो और ई-रिक्शा चालकों का स्थानीय स्तर पर पुलिस और आरटीओ के जरिए पूरी तरह सत्यापन (वेरिफिकेशन) किया जा रहा है. जिन चालकों का रिकॉर्ड सही पाया जाएगा, उन्हें विभाग की तरफ से एक आधिकारिक पहचान पत्र जारी किया जाएगा जिसे गाड़ी के अंदर लगाना जरूरी होगा. इस कदम का मुख्य उद्देश्य शहर की परिवहन व्यवस्था को पारदर्शी बनाना और संदिग्ध चालकों पर लगाम लगाना है.



