
Nakti Village Stone Pelting VIDEO: छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के नकटी गांव में सोमवार को सरकारी अमले की बड़ी कार्रवाई के दौरान जमकर हंगामा और बवाल हो गया. प्रस्तावित विधायक कॉलोनी के निर्माण के लिए प्रशासन की टीम सुबह-सुबह भारी लाव-लश्कर के साथ अतिक्रमण हटाने पहुंची थी. इस दौरान जैसे ही मकानों को ढहाने की प्रक्रिया शुरू हुई, स्थानीय निवासियों का गुस्सा फूट पड़ा. देखते ही देखते स्थिति इतनी ज्यादा तनावपूर्ण हो गई कि आक्रोशित ग्रामीणों ने मौके पर तैनात पुलिस बल और जेसीबी मशीनों पर पथराव शुरू कर दिया. इस अप्रिय घटना के बाद प्रशासन ने सुरक्षा घेरा और मजबूत करते हुए अपनी कार्रवाई को आगे बढ़ाया.
सुबह पहुंचते ही बुलडोजरों के सामने अड़ गए ग्रामीण, पुलिस के साथ हुई तीखी धक्का-मुक्की
इस बड़ी कार्रवाई को अंजाम देने के लिए प्रशासनिक अधिकारियों ने पूरी तैयारी कर रखी थी. रविवार की देर रात से ही गांव के भीतर और बाहरी रास्तों पर करीब 1000 से अधिक पुलिस जवानों को तैनात कर दिया गया था. सोमवार की सुबह जैसे ही प्रशासन की टीम भारी मशीनों को लेकर गांव की सीमा में दाखिल हुई, महिलाएं और बुजुर्ग घरों से बाहर निकलकर बुलडोजरों के सामने आड़े आ गए. लोगों को रोकने के लिए जब पुलिस बल आगे बढ़ा तो दोनों पक्षों के बीच काफी देर तक तीखी बहस और धक्का-मुक्की होती रही.
अब तक 80 से अधिक मकान जमींदोज, सरकारी योजना के तहत बने पक्के घर भी तोड़े गए
भारी विरोध और हंगामे के बीच प्रशासन ने अपनी कार्रवाई जारी रखी और अब तक 80 से अधिक मकानों को पूरी तरह से मलबे में तब्दील कर दिया गया है. ग्रामीणों का कहना है कि जमींदोज किए गए इन आशियानों में प्रधानमंत्री आवास योजना और पुरानी इंदिरा आवास योजना के तहत बने 32 पक्के मकान भी शामिल थे. लोगों में इस बात को लेकर बेहद नाराजगी है कि एक तरफ शासन ने खुद उन्हें सिर छुपाने के लिए पैसे देकर ये मकान बनवाए थे और आज उन्हीं वैधानिक घरों को अवैध बताकर बुलडोजर से ढहा दिया गया.
मलबे के ढेर पर बैठकर आंसू बहाते दिखे लोग, आनन-फानन में बाहर निकाला गृहस्थी का सामान
कार्रवाई के दौरान नकटी गांव से बेहद भावुक और परेशान करने वाले दृश्य सामने आए. जैसे ही लोगों को समझ आया कि अब उनके मकान नहीं बचेंगे, वे आनन-फानन में अपने घरों से टीवी, फ्रिज, बिस्तर और अनाज के बोरे बाहर निकालने में जुट गए. कई बेघर हुए परिवार अपने टूटे हुए आशियानों के मलबे के ढेर पर बैठकर रोते-बिलखते नजर आए. बरसों की मेहनत से बनाई गई गृहस्थी को अपनी आंखों के सामने बिखरता देख बुजुर्गों और बच्चों के चेहरों पर साफ तौर पर मायूसी और लाचारी दिखाई दे रही थी.
नया रायपुर के सेक्टर-30 में प्रभावित परिवारों को फ्लैट आवंटित करने का प्रशासन का दावा
इधर पूरे मामले को लेकर जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि वे नियमानुसार ही पूरी कार्रवाई कर रहे हैं. इसके साथ ही प्रभावित और विस्थापित होने वाले परिवारों के लिए पुनर्वास की उचित व्यवस्था भी की जा रही है. अधिकारियों के मुताबिक नया रायपुर के सेक्टर-30 में स्थित ईडब्ल्यूएस (EWS) बहुमंजिला आवासों में इन पीड़ित परिवारों को बसाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है. पात्र लोगों को फ्लैट आवंटित करने के लिए कागजी कार्रवाई को तेजी से निपटाया जा रहा है.
भारी सुरक्षा बल की तैनाती के बीच गांव में तोड़फोड़ जारी, चप्पे-चप्पे पर रखी जा रही नजर
पथराव की घटना के बाद से प्रशासन ने पूरे नकटी गांव को एक तरह से छावनी में बदल दिया है. वरिष्ठ पुलिस अधिकारी खुद मौके पर मौजूद रहकर स्थिति को नियंत्रित कर रहे हैं. ड्रोन कैमरों और अतिरिक्त पुलिस बल की मदद से गांव के चप्पे-चप्पे पर पैनी नजर रखी जा रही है ताकि दोबारा कोई हिंसक झड़प या हंगामा न हो सके. तनावपूर्ण माहौल के बीच भी प्रशासन की जेसीबी और पोकलेन मशीनें लगातार अवैध निर्माणों को ढहाने के काम में लगी हुई हैं.



