
Raipur Nakti Village Allotment of EWS Houses: छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के नकटी (सम्मानपुर) गांव में प्रशासन द्वारा सरकारी जमीन से अतिक्रमण हटाने के बाद विस्थापित हुए परिवारों की दिक्कतें बढ़ गई हैं. सोमवार को बड़े पैमाने पर चले बुलडोजर के बाद कई प्रभावित परिवारों को खुले आसमान के नीचे वक्त गुजारना पड़ा जिसमें छोटे बच्चे, बुजुर्ग और महिलाएं भी शामिल थीं. हालांकि इस पूरे विवाद के बीच जिला प्रशासन ने दावा किया है कि शासकीय भूमि से हटाए गए पात्र 60 परिवारों को नया रायपुर के सेक्टर 30 में सुरक्षित आवास उपलब्ध करा दिए गए हैं और उनके पुनर्वास की पूरी जिम्मेदारी निभाई जा रही है.

तड़के चार बजे अचानक बिजली काटकर शुरू हुई तोड़फोड़ की कार्रवाई, ग्रामीणों ने लगाए आरोप
प्रभावित ग्रामीणों का आरोप है कि सोमवार की अलसुबह करीब 4 बजे बिना किसी पूर्व सूचना के अचानक पूरे इलाके की बिजली काट दी गई. इसके तुरंत बाद प्रशासनिक अमला भारी मशीनों और बुलडोजरों के साथ गांव में दाखिल हुआ और घरों को ढहाना शुरू कर दिया. अचानक हुई इस कार्रवाई से लोगों को संभलने का मौका भी नहीं मिला. ग्रामीण इस बात से बेहद नाराज हैं कि उन्हें अपने घरों से रोजमर्रा का जरूरी सामान और गृहस्थी व्यवस्थित तरीके से बाहर निकालने का पर्याप्त समय भी नहीं दिया गया.
नया रायपुर के सेक्टर तीस में EWS मकानों का आवंटन जारी, बुनियादी सुविधाएं देने का दावा
दूसरी तरफ बढ़ते विवाद और स्थानीय लोगों के गुस्से को देखते हुए जिला प्रशासन ने विस्थापितों को बसाने के काम में तेजी ला दी है. प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि प्रभावित परिवारों को नया रायपुर के सेक्टर 30 में स्थित ईडब्ल्यूएस (आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग) बहुमंजिला इमारतों में पक्के मकान दिए जा रहे हैं. आवंटन की कागजी प्रक्रिया को मौके पर ही पूरा किया जा रहा है. सरकारी अधिकारियों ने दावा किया है कि नए आवासों के ब्लॉक में बिजली, साफ पेयजल और अन्य जरूरी सुविधाएं सुनिश्चित की जा रही हैं ताकि विस्थापितों को कोई असुविधा न हो.



