Nakti Eviction Case Brijmohan Agrawal: नकटी गांव के 70 प्रभावित परिवारों को नवा रायपुर में मिलेगी पक्की छत, सांसद बृजमोहन अग्रवाल के दखल से सुलझा का विवाद

Nakti Eviction Case Brijmohan Agrawal: छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के नकटी इलाके में पिछले कई दिनों से चल रहा बेदखली और तोड़फोड़ का विवाद अब पूरी तरह सुलझ गया है. विधायक कॉलोनी परियोजना के निर्माण के लिए जिन 84 परिवारों को अपनी जमीन और मकान खाली करने का सरकारी नोटिस मिला था, उनके लिए अब राहत की बड़ी खबर आई है. इस पूरे मामले में स्थानीय सांसद बृजमोहन अग्रवाल के सीधे हस्तक्षेप के बाद प्रशासन और प्रभावित ग्रामीणों के बीच सहमति बन गई है जिससे पिछले कई दिनों से चल रहा तनाव अब खत्म हो गया है.

घर उजड़ने के डर से परेशान ग्रामीणों ने सांसद से लगाई गुहार और तुरंत बुलाई गई बड़ी बैठक

यह पूरा विवाद तब और ज्यादा बढ़ गया था जब जिला प्रशासन ने अचानक ग्रामीणों को 48 घंटे के भीतर गांव खाली करने का सख्त अल्टीमेटम थमा दिया था. अपना आशियाना उजड़ने के डर से डरे और परेशान ग्रामीण धरसींवा के पूर्व विधायक देवजीभाई पटेल के नेतृत्व में सीधे सांसद बृजमोहन अग्रवाल के बंगले पर मदद मांगने पहुंचे थे. मामले की गंभीरता और लोगों की लाचारी को देखते हुए सांसद ने बिना वक्त गंवाए फौरन जिले के आला अधिकारियों और ग्रामीणों के प्रतिनिधियों की एक आपात बैठक अपने निवास पर बुलाई.

नवा रायपुर के सेक्टर तीस में सरकारी ईडब्ल्यूएस फ्लैटों के आवंटन पर बनी अंतिम सहमति

लंबी चर्चा के बाद सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से फोन पर बात की और प्रभावितों के दर्द से अवगत कराया. इसके बाद यह तय किया गया कि कुल 84 प्रभावित परिवारों में से 70 जरूरतमंद परिवारों को नवा रायपुर के सेक्टर 30 में बने सरकारी ईडब्ल्यूएस (आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग) फ्लैटों में स्थायी रूप से बसाया जाएगा. इन पात्र परिवारों को तुरंत मकानों का आधिकारिक आवंटन पत्र जारी करने के निर्देश दिए गए हैं ताकि उन्हें बेघर न होना पड़े.

जिनके पास पहले से हैं अन्य जगह मकान वे छोड़ें हक जिससे असली भूमिहीनों को मिल सके छत

सांसद ने बैठक के दौरान अधिकारियों के सामने दो टूक शब्दों में कहा कि किसी भी सरकारी विकास योजना का असली मतलब जन-कल्याण और लोगों की भलाई करना होता है, न कि किसी गरीब को बेघर कर सड़क पर लाना. इसके साथ ही उन्होंने गांव के उन संपन्न लोगों से भी स्वेच्छा से आगे आने की अपील की जिनके पास पहले से शहर या अन्य जगहों पर अपने निजी मकान मौजूद हैं. उन्होंने कहा कि ऐसे लोग प्रशासन का सहयोग करें ताकि जो लोग वाकई भूमिहीन हैं, उन्हें जल्द से जल्द पक्की छत मिल सके.

पुलिस और प्रशासनिक अमले को मानवीय रवैया अपनाने और संवाद जारी रखने के सख्त निर्देश

तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए सांसद ने मौके पर मौजूद पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को साफ हिदायत दी है कि वे ग्रामीणों के साथ किसी भी तरह की सख्ती बरतने के बजाय मानवीय रवैया अपनाएं. प्रभावित परिवारों के साथ लगातार बातचीत का दौर जारी रखा जाए ताकि किसी भी स्तर पर किसी परिवार के साथ कोई अन्याय न हो सके. इस संवेदनशील मुद्दे पर सांसद पहले भी मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर चिंता जता चुके थे जिसके बाद अब जाकर प्रशासनिक अमला नरम पड़ा है.

सिर से छत छिनने का डर हुआ दूर और बेघर हो रहे गरीब परिवारों के चेहरों पर लौटा सुकून

इस महत्वपूर्ण फैसले और पुनर्वास की ठोस व्यवस्था होने के बाद पिछले कई दिनों से आंदोलन कर रहे नकटी गांव के निवासियों ने राहत की सांस ली है. अब ग्रामीणों के चेहरे पर छाए चिंता के बादल दूर हो गए हैं और उन्हें इस बात का सुकून है कि भले ही उनका पुराना गांव छूट रहा है, लेकिन उनके सिर से पक्की छत नहीं छिनेगी. नया रायपुर में घर मिलने की गारंटी के बाद ग्रामीणों ने सांसद बृजमोहन अग्रवाल और जिला प्रशासन के इस मानवीय फैसले का आभार जताया है.

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Ravi Pratap Pandey

रवि पिछले 7 वर्षों से छत्तीसगढ़ में सक्रिय पत्रकार हैं। उन्होंने राज्य के सामाजिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक पहलुओं पर गहराई से रिपोर्टिंग की है। जमीनी हकीकत को उजागर करने और आम जनता की आवाज़ को मंच देने के लिए वे लगातार लेखन और रिपोर्टिंग करते रहे हैं।

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