
Birejhar Case: छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले से पारिवारिक रिश्तों को झकझोर देने वाला एक बेहद गंभीर मामला सामने आया है. यहां कुरुद थाना क्षेत्र के बिरेझर पुलिस चौकी के अंतर्गत आने वाले ग्राम गोजी में एक मां और उसके छोटे बेटे ने मिलकर अपने ही घर के बड़े बेटे की बेरहमी से हत्या कर दी. पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए महज 48 घंटे के भीतर इस अंधे कत्ल की गुत्थी को सुलझा लिया है. पुलिस की शुरुआती जांच में यह बात सामने आई है कि मृतक युवक को शराब पीने की बुरी लत थी और वह आए दिन नशे के लिए पैसों की मांग करता था. वारदात के दिन भी घर में इसी बात को लेकर विवाद शुरू हुआ था जिसके बाद इस खौफनाक हत्याकांड को अंजाम दिया गया.
फंदे पर मिली लाश
यह पूरी सनसनीखेज वारदात 29 जून 2026 की है. ग्राम गोजी में रहने वाले 23 वर्षीय युवक नरसिंग साहू की लाश संदिग्ध परिस्थितियों में उसके घर के भीतर फंदे पर लटकी हुई पाई गई थी. घटना की जानकारी मिलने के बाद गांव में हड़कंप मच गया और प्राथमिक तौर पर देखने वाले हर व्यक्ति को यही लगा कि युवक ने खुदकुशी की है. कुरुद पुलिस को जब इसकी आधिकारिक सूचना मिली तो उन्होंने मर्ग कायम कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया. हालांकि पुलिस अधीक्षक के सख्त निर्देश पर बिरेझर चौकी प्रभारी और उनकी टीम ने घटनास्थल का बहुत बारीकी से निरीक्षण किया और कुछ संदिग्ध सबूतों को अपने कब्जे में लिया था.

पोस्टमार्टम से खुला राज
धमतरी के एडिशनल एसपी शैलेंद्र पांडेय ने मामले का आधिकारिक खुलासा करते हुए बताया कि डॉक्टरों की टीम द्वारा तैयार की गई पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने इस पूरे अंधे कत्ल की दिशा बदल दी. रिपोर्ट में स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया था कि युवक की मौत आत्महत्या के कारण नहीं बल्कि गला दबाने और रस्सी से गर्दन कसने के कारण दम घुटने की वजह से हुई थी. डॉक्टरों ने अपनी रिपोर्ट में साफ तौर पर इसे हत्यात्मक प्रकृति का मामला करार दिया. इस वैज्ञानिक साक्ष्य के सामने आते ही पुलिस का शक गहरा गया और उन्होंने कुरुद थाने में अज्ञात आरोपियों के खिलाफ हत्या का नया मामला दर्ज कर अपनी तफ्तीश तेज कर दी.
विवाद, रस्सी और जहर
वैज्ञानिक और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस की सुई मृतक के परिवार वालों पर ही आकर टिक गई. पुलिस ने शक के दायरे में आए छोटे भाई नरेश साहू (22 वर्ष) और 60 वर्षीय मां कमला बाई साहू को हिरासत में ले लिया. थाने लाकर जब दोनों से अलग-अलग बिठाकर कड़ाई से पूछताछ की गई, तो दोनों ने अपना गुनाह कबूल करते हुए पूरी कहानी बयां कर दी. आरोपियों ने बताया कि नरसिंग लगातार शराब के लिए पैसों की मांग कर रहा था. जब पैसे देने से मना किया गया तो वह मारपीट पर उतारू हो गया. इससे गुस्साकर दोनों ने पहले हाथ से उसका गला दबाया, फिर नारियल की रस्सी से उसकी गर्दन कस दी. उन्हें डर था कि कहीं वह जिंदा न बच जाए, इसलिए उन्होंने उसे जबरन फसलों में छिड़का जाने वाला कीटनाशक जहर भी पिला दिया.

साजिश हुई नाकाम
नरसिंग की मौत सुनिश्चित करने के बाद आरोपियों ने कानून की आंखों में धूल झोंकने की शातिर साजिश रची थी. उन्होंने पुलिस को गुमराह करने और हत्या को खुदकुशी का रूप देने के लिए मृतक के शव को घर के भीतर ही फंदे से लटका दिया था. इतना ही नहीं, उन्होंने आस-पास के रहने वाले रिश्तेदारों और ग्रामीणों के सामने एक झूठी कहानी भी गढ़ी थी ताकि किसी को उन पर रत्ती भर भी शक न हो. हालांकि पुलिस की सूक्ष्म और वैज्ञानिक जांच के आगे साक्ष्य छिपाने और पुलिस को भटकाने का उनका यह प्रयास पूरी तरह विफल साबित हुआ.
दोनों आरोपी पहुंचे जेल
विवेचना के दौरान जब साक्ष्य छिपाने और एक से अधिक आरोपियों की संलिप्तता पूरी तरह प्रमाणित हो गई, तो पुलिस ने मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की नई और कड़ी धाराओं को शामिल किया. पुलिस ने पर्याप्त सबूत इकट्ठा करने के बाद दोनों आरोपियों को विधिवत गिरफ्तार कर लिया. मां कमला बाई और भाई नरेश साहू के खिलाफ धारा 103(1), 238, और 3(5) बीएनएस के तहत अपराध दर्ज किया गया है. सभी कानूनी कागजी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद दोनों आरोपियों को माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया, जहां से विद्वान न्यायाधीश के आदेश पर उन्हें न्यायिक रिमांड के तहत जेल भेज दिया गया है.



