CG Top 10 News Today: छत्तीसगढ़ की 10 बड़ी खबरें महिला बाल विकास विभाग में साड़ी विवाद के बाद भारी फेरबदल, मैनपाट में बॉक्साइट खदान और कोनी के 200 करोड़ के अस्पताल को पीपीपी मॉडल पर देने का उग्र विरोध, रायपुर में लापरवाही पर डायल-112 आरक्षक निलंबित, भिलाई स्टील प्लांट में 10 हजार करोड़ के लोहा चोरी के दावे पर विधानसभा में आएगा प्रस्ताव, प्रदेश के कॉलेजों में 700 प्राध्यापकों की भर्ती के निर्देश, सीमांकन रिपोर्ट में देरी पर हाईकोर्ट सख्त, राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग का वसूली आदेश निरस्त और अपराधियों के बैंक खाते सीज करने व बिना सहमति नार्को टेस्ट पर रोक के बिलासपुर हाईकोर्ट के बड़े फैसले समेत पढ़ें छत्तीसगढ़ की बड़ी खबरें…

CG Top 10 News Today: छत्तीसगढ़ की सभी बड़ी और छोटी खबरें रोजाना हमारी नजर में रहती हैं। दक्षिण कोसल के विशेष सेगमेंट ‘CG की 10 बड़ी खबरें’ में हम आपको समाचार जगत की हर गतिविधि का अपडेट सरल और सहज भाषा में प्रदान करेंगे। तो आइए, पत्रकारिता की इस दुनिया में बने रहें और छत्तीसगढ़ की हर ताजातरीन खबर से अपनी जानकारी को और विस्तृत करे

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महिला बाल विकास विभाग में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, कई अफसरों के बदले प्रभार

रायपुर के महिला एवं बाल विकास विभाग में मुख्यमंत्री निर्धन कन्या विवाह योजना और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की साड़ी खरीदी को लेकर विवाद खड़ा हो गया था। अनियमितता की शिकायतों के बाद गुरुवार को संचालनालय स्तर पर बड़ा फेरबदल किया गया है। इंद्रावती भवन से जारी नए आदेश के अनुसार, अपर संचालक अर्चना राणा सेठ को अब एकीकृत बाल विकास सेवा (ICDS) शाखा का अहम प्रभार दिया गया है। इसके अलावा उन्हें मिशन वात्सल्य और स्थापना शाखा की जिम्मेदारी भी सौंपी गई है। वहीं, उप संचालक अभय कुमार देवांगन को आईसीडीएस से हटाकर महिला सशक्तिकरण शाखा में भेज दिया गया है। विभाग ने इस नए कार्य विभाजन को तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया है।

मैनपाट में बॉक्साइट खदान का भारी विरोध, ग्रामीणों ने किया जनसुनवाई का बहिष्कार

सरगुजा जिले के मैनपाट में सरभंजा क्षेत्र में प्रस्तावित बॉक्साइट खदान को लेकर स्थानीय लोगों का गुस्सा फूट पड़ा है। गुरुवार को आयोजित आखिरी जनसुनवाई का सैकड़ों ग्रामीणों ने पूरी तरह बहिष्कार कर दिया। तेज बारिश के बीच भी लोग पंडाल से बाहर आ गए और ‘मैनपाट बचाओ’ के नारे लगाने लगे। इस विरोध प्रदर्शन में स्थानीय तिब्बती समाज के लोग भी शामिल हुए, जिन्होंने एल्यूमिनियम प्लांट का खुलकर विरोध किया। ग्रामीणों का आरोप है कि अधिकारियों ने खदान का समर्थन करने वालों को ही अंदर रुकने को कहा। यह पूरी खदान लगभग 225 हेक्टेयर क्षेत्र में प्रस्तावित है, जिसमें तिब्बती पुनर्वास और मांझी जनजाति की जमीन भी शामिल है।

बिलासपुर के 200 करोड़ के अस्पताल को पीपीपी मॉडल पर देने का विरोध, कांग्रेस ने खड़े किए सवाल

बिलासपुर के कोनी में जनता के पैसे से बने 240 बिस्तरों वाले सुपर स्पेशियलिटी और 100 बिस्तरों वाले कैंसर केयर अस्पताल को पीपीपी (सार्वजनिक-निजी भागीदारी) मॉडल पर चलाने की तैयारी चल रही है। कांग्रेस ने इस फैसले पर सरकार को घेरना शुरू कर दिया है। पूर्व जिला अध्यक्ष विजय केशरवानी ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में सरकार से पूछा कि जब यह अस्पताल सरकारी धन से बना है, तो इसका नियंत्रण निजी हाथों में क्यों दिया जा रहा है। कांग्रेस ने मांग की है कि सरकार इस फैसले से जुड़े सभी कागजात सार्वजनिक करे और गरीब मरीजों के मुफ्त इलाज की लिखित गारंटी दे। यह अस्पताल पिछले डेढ़ साल से डॉक्टरों की कमी के कारण पूरी क्षमता से शुरू नहीं हो पाया है।

ड्यूटी में लापरवाही बरतने पर डायल-112 का आरक्षक सस्पेंड, डीसीपी ने की कार्रवाई

राजधानी रायपुर के देवेंद्र नगर थाना क्षेत्र में स्थित सिटी सेंटर मॉल के पास 30 जून की रात एक सड़क हादसा हुआ था। इस हादसे की सूचना मिलने के बाद भी आपातकालीन सेवा डायल-112 की गाड़ी मौके पर काफी देरी से पहुंची। वाहन में तैनात आरक्षक संदीप शर्मा पर आरोप है कि उन्होंने घटनास्थल पर मौजूद पीड़ितों और चश्मदीदों के साथ बहुत खराब व्यवहार किया। इस मामले की शिकायत जब उच्च अधिकारियों तक पहुंची, तो पुलिस उपायुक्त उमेश प्रसाद गुप्ता ने इसे अनुशासनहीनता माना। डीसीपी ने आरक्षक संदीप शर्मा को तुरंत प्रभाव से सस्पेंड कर पुलिस लाइन अटैच कर दिया है।

भिलाई स्टील प्लांट से 10 हजार करोड़ के लोहा चोरी का दावा, विधानसभा में आएगा प्रस्ताव

वैशाली नगर से भाजपा विधायक रिकेश सेन ने भिलाई स्टील प्लांट (BSP) में पिछले 40 साल से संगठित रूप से लोहा चोरी होने का एक बड़ा दावा किया है। उन्होंने कहा कि इस अवधि में 10 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा की राष्ट्रीय संपत्ति लूटी गई है। विधायक ने इस मामले की सीबीआई जांच की मांग की है और कहा है कि वह आगामी मानसून सत्र में विधानसभा के भीतर एक अशासकीय संकल्प लाएंगे। उन्होंने छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में भी इसके खिलाफ एक याचिका दायर की है। विधायक का कहना है कि अगर स्वतंत्र एजेंसी से जांच हुई, तो कई बड़े अधिकारियों और ठेकेदारों के नाम सामने आएंगे।

छत्तीसगढ़ के कॉलेजों में 700 प्राध्यापकों की होगी भर्ती, मंत्री ने दिए सख्त निर्देश

छत्तीसगढ़ के उच्च शिक्षा मंत्री टंक राम वर्मा ने राज्य के सरकारी कॉलेजों में शिक्षकों की कमी दूर करने के लिए एक बड़ा फैसला लिया है। मंत्रालय में हुई समीक्षा बैठक में सहायक प्राध्यापकों के 700 खाली पदों पर भर्ती प्रक्रिया तुरंत शुरू करने की मंजूरी दी गई है। इसके साथ ही मंत्री ने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिया है कि 31 जुलाई 2026 तक सभी स्नातक कॉलेजों में नियमित प्राचार्यों की पदोन्नति का काम पूरा कर लिया जाए। इसके अलावा, ग्रामीण इलाकों के छात्रों की अंग्रेजी सुधारने के लिए कॉलेजों में ’90 घंटे, 90 दिन’ का एक विशेष अंग्रेजी संप्रेषण कोर्स भी शुरू किया जाएगा।

सीमांकन रिपोर्ट देने में देरी पर हाईकोर्ट नाराज, तहसीलदार को दिया 15 दिन का समय

बिलासपुर के सरकंडा इलाके में रहने वाले सुधीर मिश्रा ने अपनी जमीन का सीमांकन कराने के लिए राजस्व विभाग में आवेदन किया था। राजस्व टीम ने 15 अप्रैल 2026 को मौके पर जाकर जमीन नाप भी ली थी और अपनी रिपोर्ट दफ्तर में जमा कर दी थी। इसके बावजूद पीड़ित को उसकी जमीन की सीमांकन रिपोर्ट की सरकारी कॉपी नहीं दी जा रही थी। परेशान होकर उन्होंने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया। इस मामले की सुनवाई करते हुए जस्टिस अमितेंद्र किशोर प्रसाद की एकलपीठ ने अधिकारियों की लापरवाही पर नाराजगी जताई। कोर्ट ने बिलासपुर तहसीलदार को साफ आदेश दिया है कि वे 15 दिनों के भीतर याचिकाकर्ता को रिपोर्ट की प्रमाणित प्रति उपलब्ध कराएं।

हाईकोर्ट ने पलटा राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग का फैसला, कहा- आयोग वसूली का आदेश नहीं दे सकता

छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने एक मामले की सुनवाई के दौरान राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग के अधिकारों की सीमा तय कर दी है। कोर्ट ने पिछड़ा वर्ग आयोग के उस पुराने आदेश को रद्द कर दिया, जिसमें आयोग ने एक कमर्शियल विवाद के बाद कमला मोटर्स से 1 लाख 26 हजार 500 रुपये वसूल कर खरीदार को देने के लिए कलेक्टर को निर्देश दिया था। जस्टिस अमितेंद्र किशोर प्रसाद की कोर्ट ने स्पष्ट किया कि पिछड़ा वर्ग आयोग केवल सरकार को सलाह और सिफारिशें देने वाली संस्था है। कानून ने आयोग को कोई ऐसा वैधानिक अधिकार नहीं दिया है जिससे वह सिविल कोर्ट की तरह किसी व्यक्ति से पैसों की रिकवरी का आदेश जारी कर सके।

बिलासपुर रेंज में फरार अपराधियों के बैंक खाते और पैन कार्ड होंगे सीज, आईजी की बैठक

बिलासपुर पुलिस रेंज के अंतर्गत आने वाले आठ जिलों में अब लंबे समय से फरार चल रहे अपराधियों पर कानून का शिकंजा और कसने जा रहा है। पुलिस महानिरीक्षक रामगोपाल गर्ग ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सभी पुलिस अधीक्षकों की एक अहम बैठक ली। आईजी ने निर्देश दिए हैं कि फरार आरोपियों का आर्थिक नेटवर्क तोड़ने के लिए उनके बैंक खातों, पैन कार्ड और आधार से जुड़ी जानकारियां निकाली जाएं। आवश्यकता पड़ने पर उनके बैंक खातों से पैसों का लेन-देन तुरंत रोका जाए। इसके साथ ही उन लोगों पर भी कड़ी कार्रवाई होगी जो इन अपराधियों को फरारी के दौरान गाड़ी, पैसा या छिपने की जगह दे रहे हैं।

बिना मर्जी के नहीं होगा नार्को और पॉलीग्राफ टेस्ट, हाईकोर्ट का मानवाधिकारों पर बड़ा फैसला

छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने पुलिस और जांच एजेंसियों के लिए एक बेहद महत्वपूर्ण कानूनी गाइडलाइन जारी की है। चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस रविन्द्र कुमार अग्रवाल की डिवीजन बेंच ने रायगढ़ जिले के एक मामले की सुनवाई करते हुए साफ कहा है कि किसी भी व्यक्ति का नार्को, पॉलीग्राफ या ब्रेन मैपिंग टेस्ट उसकी मर्जी के बिना नहीं कराया जा सकता। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि इसके लिए व्यक्ति की स्वतंत्र सहमति होना जरूरी है और यह सहमति केवल किसी ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट के सामने ही दर्ज कराई जाएगी। कोर्ट ने कहा कि जांच के नाम पर किसी भी नागरिक के संवैधानिक और मौलिक अधिकारों का हनन नहीं किया जा सकता है।

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Ravi Pratap Pandey

रवि पिछले 7 वर्षों से छत्तीसगढ़ में सक्रिय पत्रकार हैं। उन्होंने राज्य के सामाजिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक पहलुओं पर गहराई से रिपोर्टिंग की है। जमीनी हकीकत को उजागर करने और आम जनता की आवाज़ को मंच देने के लिए वे लगातार लेखन और रिपोर्टिंग करते रहे हैं।

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