
Tuta Village NRDA Encroachment Notice: छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर से सटे नवा रायपुर के नकटी गांव में हुए भारी बवाल के बाद अब पास के ही तूता गांव में भी जमीन को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है. नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण (एनआरडीए) ने तूता गांव के 35 मकानों को अवैध निर्माण बताते हुए उन पर नोटिस चस्पा कर दिया है. इस नोटिस के जरिए विभाग ने स्थानीय निवासियों से आगामी 6 जुलाई 2026 तक अपना पक्ष रखने को कहा है. अचानक मिले इस शासकीय नोटिस के बाद से पूरे गांव के भीतर अपने आशियाने को खोने की चिंता और हड़कंप साफ देखा जा रहा है.
एनआरडीए ने जमीन को सरकारी बताते हुए पक्ष रखने का दिया मौका
प्राधिकरण की ओर से जारी किए गए आधिकारिक नोटिस में स्पष्ट तौर पर कहा गया है कि ये सभी 35 मकान एनआरडीए की अधिग्रहित जमीन पर बिना किसी अनुमति के बनाए गए हैं. विभाग ने प्रशासनिक प्रक्रिया का पालन करते हुए प्रभावित लोगों को अपना पक्ष और जरूरी दस्तावेज प्रस्तुत करने का एक अंतिम अवसर दिया है. अधिकारियों का कहना है कि यदि तय की गई समय सीमा यानी 6 जुलाई तक संबंधित मकान मालिकों की तरफ से कोई संतोषजनक जवाब या मालिकाना हक के दस्तावेज नहीं सौंपे गए, तो विभाग कानून के मुताबिक आगे की बेदखली कार्रवाई शुरू करने के लिए बाध्य होगा.
ग्रामीणों ने हाथों में नोटिस लेकर किया प्रदर्शन, बोले- कई पीढ़ियों से है हमारा बसेरा
इधर नोटिस चस्पा होने की खबर फैलते ही तूता गांव के ग्रामीण लामबंद हो गए हैं और उन्होंने इस कार्रवाई का विरोध शुरू कर दिया है. शुक्रवार को बड़ी संख्या में स्थानीय महिलाओं और पुरुषों ने हाथों में सरकारी नोटिस लेकर प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और अपना आक्रोश जताया. ग्रामीणों का कहना है कि वे इस जमीन पर कोई नए आकर नहीं बसे हैं, बल्कि उनके परिवार पिछले 25 से 50 सालों से इसी जगह पर अपने पक्के मकान बनाकर रह रहे हैं. उनकी कई पीढ़ियां इसी गांव में पली-बढ़ी हैं. ग्रामीणों ने सवाल उठाया कि अगर यह निर्माण अवैध था, तो इतने वर्षों तक प्रशासन की टीम ने कोई आपत्ति क्यों नहीं जताई.

दोनों पक्षों की सुनवाई के बाद होगा फैसला, फिलहाल कोई बुलडोजर कार्रवाई तय नहीं
गांव में बढ़ते जनाक्रोश और तनावपूर्ण माहौल को देखते हुए नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण के वरिष्ठ अधिकारियों ने इस मामले पर अपनी सफाई दी है. एनआरडीए के अधिकारियों का कहना है कि किसी भी क्षेत्र में नोटिस जारी करना एक सामान्य और वैधानिक प्रक्रिया का हिस्सा है. तूता गांव के कुछ लोगों को केवल अतिक्रमण से संबंधित अपनी बात रखने के लिए कहा गया है. 6 जुलाई तक सभी प्रभावित परिवारों के जवाब और दावों का बारीकी से तकनीकी परीक्षण किया जाएगा. अथॉरिटी ने साफ किया है कि वर्तमान में वहां किसी भी प्रकार की तोड़फोड़ या बुलडोजर चलाने की कार्रवाई प्रस्तावित नहीं है, इसलिए लोगों को डरने की जरूरत नहीं है.
नकटी गांव के ताजा विवाद के कारण तूता के लोगों में बैठी बेघर होने की आशंका
तूता गांव में पैदा हुआ यह जमीनी विवाद ऐसे नाजुक समय में सामने आया है, जब कुछ दिन पहले ही रायपुर के नकटी गांव में बड़े पैमाने पर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की गई थी. नकटी में हुई प्रशासनिक कार्रवाई और वहां चले बुलडोजर के बाद कई गरीब परिवारों के बेघर होने का मुद्दा पूरे प्रदेश में एक बड़ा राजनीतिक विषय बन चुका है. विपक्ष भी इस मुद्दे पर सरकार को लगातार घेर रहा है. ऐसे माहौल में तूता गांव में अचानक नोटिस जारी होने से ग्रामीणों के मन में यह डर बैठ गया है कि कहीं उनके साथ भी नकटी जैसी स्थिति न बन जाए, जिसके कारण पूरे इलाके में असमंजस बना हुआ है.



