Balrampur Woman Sarpanch Boycott: भाजपा नेता से माला पहनना महिला सरपंच को पड़ा महंगा, समाज ने किया पूरे 1 साल के लिए बहिष्कार, वापसी के लिए रखी अनोखी शर्त

Balrampur Woman Sarpanch Boycott: छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले से सामाजिक रूढ़िवादिता और हुक्का-पानी बंद करने का एक बेहद हैरान करने वाला मामला सामने आया है. वाड्रफनगर ब्लॉक के हरिगवां गांव की महिला सरपंच मनबसिया बाई को एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान मंच पर भाजपा नेता द्वारा माला पहनाना भारी पड़ गया. इस घटना को स्थानीय खैरबार समाज के पंचों ने अपनी सामाजिक मर्यादा के खिलाफ माना है. समाज ने कड़ा रुख अपनाते हुए महिला सरपंच और उनके पूरे परिवार का सामाजिक बहिष्कार कर दिया है जिसके बाद से पीड़ित परिवार गांव में अलग-थलग पड़ गया है.

मंच पर स्वागत के दौरान भाजपा नेता ने पहनाई थी माला

हरिगवां पंचायत की महिला सरपंच मनबसिया बाई ने कुछ समय पहले ही चुनाव जीता था. जीत के बाद आयोजित एक सार्वजनिक कार्यक्रम में क्षेत्र के भाजपा नेता मंशाराम साहू मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए थे. कार्यक्रम के दौरान जब अतिथियों के स्वागत की बारी आई तो भाजपा नेता मंशाराम साहू ने मंच पर मौजूद महिला सरपंच को सम्मान स्वरूप फूलों की माला पहना दी. इस कार्यक्रम में गांव के सैकड़ों लोग और समाज के प्रतिनिधि भी मौजूद थे जिन्होंने इस स्वागत प्रक्रिया को अपनी परंपराओं के विपरीत माना.

समाज का तर्क, पति के अलावा कोई दूसरा पुरुष नहीं पहना सकता माला

इस पूरे विवाद को लेकर महिला सरपंच के पति देवेंद्र खैरबार ने भी समाज की दलीलों का समर्थन किया है. उनका कहना है कि खैरबार समाज की परंपरा के अनुसार किसी भी विवाहित महिला को केवल उसका पति ही गले में माला पहना सकता है. सामाजिक तौर पर किसी अन्य बाहरी पुरुष द्वारा महिला के गले में सीधे माला डालना अनुचित और मर्यादा के खिलाफ माना जाता है. समाज के लोगों का कहना है कि भाजपा नेता को माला महिला सरपंच के हाथ में देनी चाहिए थी न कि सीधे उनके गले में डालनी चाहिए थी.

एक साल से सामाजिक कार्यक्रमों का न्योता बंद, वापसी के लिए दंड की मांग

सरपंच परिवार का दावा है कि इस घटना के बाद से पिछले एक साल से उनके परिवार को गांव के किसी भी शादी, छट्टी या अन्य सामाजिक आयोजनों में नहीं बुलाया जा रहा है. समाज के लोगों ने उनसे पूरी तरह दूरी बना ली है. समाज के पंचों ने पीड़ित परिवार के सामने शर्त रखी है कि यदि वे दोबारा समाज की मुख्यधारा में शामिल होना चाहते हैं तो उन्हें अपनी इस भूल के लिए सामाजिक दंड भुगतना होगा. इस दंड के तहत पूरे समाज के लोगों को बकरा और भात (चावल) की बड़ी दावत खिलानी होगी.

परेशान होकर महिला सरपंच ने भाजपा नेता के खिलाफ थाने में की शिकायत

सामाजिक प्रताड़ना झेल रही महिला सरपंच मनबसिया बाई ने अब इस मामले में कानूनी रास्ता चुना है. उन्होंने रघुनाथनगर थाने में भाजपा नेता मंशाराम साहू के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है. सरपंच का आरोप है कि भाजपा नेता इस घटना की आड़ लेकर पंचायत के विकास कार्यों में लगातार बाधा उत्पन्न कर रहे हैं. इसके साथ ही उन्होंने भाजपा नेता पर मुरमीकरण जैसे निर्माण कार्यों को रुकवाने और उन्हें मानसिक रूप से परेशान कर अवैध रूप से पैसों की मांग (जबरन वसूली) करने का भी गंभीर आरोप लगाया है.

एसपी और आईजी तक पहुंचा मामला, पुलिस जांच में जुटी

थाने में शिकायत दर्ज कराने के साथ ही पीड़ित महिला सरपंच ने मामले की गंभीरता को देखते हुए बलरामपुर एसपी और सरगुजा आईजी को भी लिखित आवेदन भेजकर सुरक्षा और न्याय की गुहार लगाई है. पुलिस ने शिकायत के आधार पर आरोपी भाजपा नेता को पूछताछ के लिए थाने भी तलब किया था. रघुनाथनगर थाना प्रभारी धीरेंद्र तिवारी ने बताया कि मामले के सभी पहलुओं की बारीकी से जांच की जा रही है और तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी.

प्रशासन की दो टूक, सामाजिक बहिष्कार पूरी तरह अनुचित, दी जाएगी समझाइश

इस अजीबोगरीब मामले की जानकारी जब प्रशासनिक अधिकारियों तक पहुंची तो उन्होंने भी इस पर चिंता जताई. वाड्रफनगर के एसडीएम नीर निधि नन्देहा ने इस संबंध में कहा कि महिला सरपंच द्वारा थाने में शिकायत दर्ज कराने की जानकारी उन्हें मिली है. उन्होंने स्पष्ट किया कि केवल स्वागत में माला पहनाने जैसी बात को लेकर किसी परिवार का सामाजिक बहिष्कार करना पूरी तरह से गलत और कानून के खिलाफ है. प्रशासन जल्द ही समाज के प्रमुख लोगों की बैठक बुलाकर उन्हें समझाइश देगा ताकि विवाद को शांत किया जा सके.

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Ravi Pratap Pandey

रवि पिछले 7 वर्षों से छत्तीसगढ़ में सक्रिय पत्रकार हैं। उन्होंने राज्य के सामाजिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक पहलुओं पर गहराई से रिपोर्टिंग की है। जमीनी हकीकत को उजागर करने और आम जनता की आवाज़ को मंच देने के लिए वे लगातार लेखन और रिपोर्टिंग करते रहे हैं।

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