
Raipur Sarpanch Mass Resignation: छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के ग्रामीण इलाकों से एक बड़ी खबर सामने आ रही है। जिले की 102 पंचायतों के सरपंचों ने सामूहिक रूप से इस्तीफा देने का मन बना लिया है। ग्रामीण विकास के ठप पड़े कामों और फंड की किल्लत से परेशान पंचायत प्रतिनिधियों ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। सरपंचों का आरोप है कि गांवों में जमीनी स्तर पर कोई काम नहीं हो रहा है और विकास सिर्फ कागजों तक ही सीमित रह गया है। इस प्रशासनिक गतिरोध के कारण ग्रामीण क्षेत्रों में जनप्रतितिधियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
सिर्फ कागजों में सिमटा विकास, फंड के लिए तरस रही पंचायतें
सरपंचों का कहना है कि राज्य सरकार की ओर से बुनियादी ग्रामीण विकास कार्यों के लिए जरूरी फंड जारी नहीं किया जा रहा है। लंबे समय से बजट न मिलने के कारण गलियों की नालियां, पानी की सप्लाई, और सड़कों की मरम्मत जैसे जरूरी काम पूरी तरह रुक गए हैं। पंचायत प्रतिनिधियों के अनुसार, योजनाओं की घोषणाएं तो बड़े स्तर पर की जा रही हैं, लेकिन धरातल पर पैसा नहीं पहुंचने से स्थिति बिगड़ चुकी है। गांवों में काम ठप होने से स्थानीय जनप्रतिनिधियों को जनता के गुस्से का सामना करना पड़ रहा है।
पीएम आवास की नई सूची से बढ़ा विवाद, ग्रामीणों का हंगामा
इस पूरे संकट के बीच प्रधानमंत्री आवास योजना की नई सूची जारी होने के बाद से विवाद और गहरा गया है। ग्रामीणों का आरोप है कि इस सूची में कई पात्र और जरूरतमंद परिवारों के नाम काट दिए गए हैं, जबकि अपात्र लोगों को फायदा पहुंचाया जा रहा है। सूची में गड़बड़ी को लेकर ग्रामीण हर दिन पंचायत भवनों का घेराव कर रहे हैं और जमकर हंगामा मचा रहे हैं। इस प्रशासनिक लापरवाही का सीधा खामियाजा सरपंचों को भुगतना पड़ रहा है, क्योंकि ग्रामीण अपने हक के लिए सीधे तौर पर उनसे जवाब मांग रहे हैं।
जनता के दबाव में पंचायत प्रतिनिधि, सामूहिक इस्तीफे की तैयारी
चारों तरफ से घिरे पंचायत प्रतिनिधि अब खुद को बेबस महसूस कर रहे हैं। एक तरफ सरकार से विकास कार्यों के लिए पैसा नहीं मिल रहा है, तो दूसरी तरफ आवास योजना की सूची को लेकर जनता का भारी दबाव बना हुआ है। सरपंचों का कहना है कि जब वे लोगों की बुनियादी जरूरतें ही पूरी नहीं कर पा रहे हैं, तो पद पर बने रहने का कोई औचित्य नहीं है। इसी गतिरोध के चलते रायपुर जिले के 102 गांवों के सरपंचों ने एकजुट होकर एक साथ अपने पदों से इस्तीफा देने का फैसला किया है।


