
EOW Congress Leader Ramgopal Agrawal Arrested: छत्तीसगढ़ की राजनीति और प्रशासनिक हलकों से इस वक्त की सबसे बड़ी खबर सामने आ रही है। राज्य के बहुचर्चित शराब, कोयला परिवहन (कोल लेवी) और कस्टम मिलिंग घोटाले के मुख्य आरोपियों में शामिल वरिष्ठ कांग्रेस नेता रामगोपाल अग्रवाल को आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (EOW) ने अपनी हिरासत में ले लिया है। रामगोपाल अग्रवाल प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व कोषाध्यक्ष होने के साथ-साथ नागरिक आपूर्ति निगम (NAN) के अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी भी संभाल चुके हैं। केंद्रीय जांच एजेंसी प्रवर्तन निदेशालय (ED) और राज्य की ईओडब्ल्यू पिछले करीब तीन वर्षों से उनकी सरगर्मी से तलाश कर रही थी।
बेटे वैभव अग्रवाल से लंबी पूछताछ के बाद ईओडब्ल्यू दफ्तर पहुंचे रामगोपाल
लंबे समय से कानूनी समन और वारंट से बच रहे रामगोपाल अग्रवाल की यह हिरासत एक दिलचस्प घटनाक्रम के बाद हुई है। दरअसल, कस्टम मिलिंग प्रोत्साहन राशि घोटाले में ईओडब्ल्यू ने उन्हें बयान दर्ज कराने के लिए बार-बार नोटिस जारी किया था। इसी सिलसिले में मंगलवार को जांच एजेंसी ने रामगोपाल अग्रवाल के बेटे वैभव अग्रवाल को तलब कर कई घंटों तक तीखे सवाल-जवाब किए थे। बेटे से हुई इस लंबी पूछताछ के तुरंत बाद, पिछले तीन साल से भूमिगत चल रहे कांग्रेस नेता खुद ईओडब्ल्यू के दफ्तर पहुंचे, जहां मौजूद अधिकारियों ने उन्हें तत्काल हिरासत में ले लिया।

क्या है कस्टम मिलिंग घोटाला, जिसमें राइस मिलर्स को अनुचित लाभ देने का आरोप है
रामगोपाल अग्रवाल जिस पहले बड़े मामले में घिरे हैं, उसे छत्तीसगढ़ का कस्टम मिलिंग प्रोत्साहन घोटाला कहा जाता है। यह पूरा मामला सरकारी धान की मिलिंग (कुटाई) के बदले निजी राइस मिलर्स को दी जाने वाली प्रोत्साहन राशि में की गई कथित गड़बड़ियों से जुड़ा है। ईओडब्ल्यू की शुरुआती जांच के मुताबिक, साल 2015 से लेकर 2023 के बीच नियमों को ताक पर रखकर चुनिंदा राइस मिलर्स को फायदा पहुंचाने के लिए इस राशि में बेतहाशा बढ़ोतरी की गई। जांच एजेंसी का अनुमान है कि इस पूरी प्रक्रिया में सरकारी खजाने को करीब 127 करोड़ रुपये का चूना लगाया गया है, जिसमें कई बड़े रसूखदारों की भूमिका की जांच चल रही है।
540 करोड़ रुपये का कोल लेवी घोटाला, जिसमें आईएएस और बिचौलिए आए थे जद में
दूसरा बड़ा मामला कोयला परिवहन से जुड़ा है, जिसने राज्य की सियासत में भारी भूचाल ला दिया था। जांच एजेंसियों के अनुसार, साल 2020 से 2022 के बीच प्रदेश में खनन होने वाले और बाहर भेजे जाने वाले कोयले पर प्रति टन के हिसाब से एक निश्चित रकम की अवैध वसूली की जाती थी। ईडी और ईओडब्ल्यू का दावा है कि इस समानांतर वसूली नेटवर्क के जरिए लगभग 540 करोड़ रुपये की अवैध लेवी जमा की गई थी। इस हाई-प्रोफाइल मामले में राज्य के कई वरिष्ठ आईएएस अधिकारी, रसूखदार कारोबारी, बिचौलिए और राजनेता पहले ही जेल की हवा खा चुके हैं।
3200 करोड़ रुपये का शराब घोटाला, जिसने हिला दी थी आबकारी विभाग की नींव
रामगोपाल अग्रवाल के खिलाफ चल रही जांच का तीसरा और सबसे बड़ा सिंडिकेट शराब घोटाले से जुड़ा है। जांच एजेंसियों की फाइलों के मुताबिक, साल 2019 से 2022 के बीच छत्तीसगढ़ की सरकारी शराब बिक्री प्रणाली में एक सोची-समझी साजिश के तहत समानांतर व्यवस्था खड़ी की गई थी। इस सिंडिकेट पर बिना होलोग्राम की अवैध शराब बेचने, भारी कमीशनखोरी करने और सरकारी राजस्व को सीधे तौर पर नुकसान पहुंचाने के गंभीर आरोप हैं। एजेंसियों का अनुमान है कि इस पूरे खेल में लगभग 3,200 करोड़ रुपये का गबन किया गया, जिसमें आबकारी विभाग के शीर्ष अफसरों की संलिप्तता पाई गई थी।
पिछले तीन साल से चल रही थी धरपकड़ की कोशिशें, लुकआउट नोटिस भी था जारी
तीनों घोटालों की कड़ियों को आपस में जोड़ने के बाद जांच एजेंसियों ने रामगोपाल अग्रवाल को मुख्य साजिशकर्ताओं की सूची में रखा था। उनके लगातार गायब रहने के कारण एजेंसियों ने उनके खिलाफ लुकआउट सर्कुलर भी जारी करवा रखा था ताकि वे देश छोड़कर बाहर न भाग सकें। उनके भिलाई, रायपुर और अन्य ठिकानों पर पहले भी कई बार छापेमारी की गई थी, लेकिन वे हाथ नहीं आ रहे थे। अब उनकी हिरासत के बाद ईओडब्ल्यू इन तीनों घोटालों में पैसों के लेनदेन और राजनीतिक कड़ियों को जोड़ने के लिए उनसे कड़ाई से पूछताछ करेगी।
न्यायिक पुष्टि होना अभी बाकी, अदालत में जारी है सभी मामलों की कानूनी लड़ाई
हालांकि, यह ध्यान रखना बेहद जरूरी है कि प्रवर्तन निदेशालय और आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा द्वारा लगाए गए इन सभी वित्तीय और आपराधिक आरोपों की अभी तक अदालत में न्यायिक पुष्टि नहीं हुई है। इन तीनों घोटालों से जुड़े अलग-अलग मामलों की जांच अभी भी प्रगति पर है और विशेष अदालतों में इसकी कानूनी सुनवाई चल रही है। रामगोपाल अग्रवाल की टीम भी इन आरोपों को राजनीति से प्रेरित बताते हुए कानूनी मंचों पर अपनी बेगुनाही साबित करने की तैयारी में जुटी है, लेकिन फिलहाल वे पुलिस की कस्टडी में हैं।



