
CG Cabinet Meeting Today: छत्तीसगढ़ विधानसभा के आगामी मानसून सत्र की शुरुआत से ठीक पहले आज मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में राज्य मंत्रिमंडल की एक बेहद महत्वपूर्ण बैठक होने जा रही है। यह बैठक शाम 4 बजे मंत्रालय (महानदी भवन) के कैबिनेट हॉल में आयोजित की जाएगी। 13 जुलाई से शुरू हो रहे विधानसभा सत्र को देखते हुए प्रशासनिक और राजनीतिक गलियारों में इस बैठक को लेकर सरगर्मियां तेज हैं। बैठक के दौरान मुख्य रूप से सत्र के एजेंडे को अंतिम रूप देने और सदन के पटल पर रखे जाने वाले कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी जाएगी।
अनुपूरक बजट के प्रस्तावों और नए संशोधन विधेयकों को मिलेगी मंजूरी
मंत्रिमंडल की इस बैठक में चालू वित्तीय वर्ष के पहले अनुपूरक बजट के प्रस्ताव को हरी झंडी मिल सकती है। सरकार सत्र के दौरान वित्तीय आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए इस अनुपूरक बजट को सदन में पेश करेगी। इसके साथ ही, अलग-अलग विभागों से जुड़े कई नए संशोधन विधेयकों के कानूनी प्रारूपों पर भी चर्चा होगी। इन विधेयकों के मसौदे को कैबिनेट से मंजूरी मिलने के बाद ही इन्हें आगामी सत्र में चर्चा और पारित कराने के लिए विधानसभा की कार्यसूची में शामिल किया जाएगा।
प्रदेश में कम बारिश और खरीफ सीजन की तैयारियों की होगी विस्तृत समीक्षा
राज्य में कृषि व्यवस्था को लेकर भी इस बैठक में गंभीर मंथन होना तय है। छत्तीसगढ़ में अब तक सामान्य के मुकाबले करीब 13 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है, जिससे कई जिलों में खरीफ फसलों की बुआई का काम प्रभावित हुआ है। मुख्यमंत्री साय इस बैठक में मौसम की मौजूदा स्थिति, राज्य में खाद और उन्नत बीजों की उपलब्धता तथा कृषि विभाग की तैयारियों की बिंदुवार समीक्षा करेंगे। यदि आने वाले दिनों में मानसून की रफ्तार ऐसी ही रहती है, तो किसानों को राहत देने के लिए सरकार वैकल्पिक कृषि योजना और सिंचाई के अन्य संसाधनों के उपयोग पर भी रणनीति तैयार कर सकती है।
नई ट्रांसफर नीति पर आ सकता है फैसला
प्रदेश के लाखों शासकीय अधिकारी और कर्मचारी पिछले काफी समय से नई स्थानांतरण (तबादला) नीति का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक, आज होने वाली कैबिनेट की बैठक में इस नई ट्रांसफर पॉलिसी के ड्राफ्ट को मंजूरी दी जा सकती है। यदि मंत्रिपरिषद इस प्रस्ताव को अपनी स्वीकृति दे देता है, तो लंबे समय से विभागों में अटकी पड़ी तबादला प्रक्रिया का रास्ता साफ हो जाएगा। अलग-अलग विभागों ने अपनी प्रशासनिक आवश्यकताओं के अनुसार इस नीति के लिए अपने इनपुट पहले ही सामान्य प्रशासन विभाग को भेज दिए हैं।
आगामी धान खरीदी के लिए नई उपार्जन नीति पर मंत्रियों के बीच होगी चर्चा
छत्तीसगढ़ की अर्थव्यवस्था में धान उत्पादक किसानों की सबसे बड़ी भूमिका है। इसे ध्यान में रखते हुए कैबिनेट की बैठक में आगामी खरीफ विपणन सीजन के लिए नई धान उपार्जन नीति के बुनियादी स्वरूप पर भी मंत्रियों के बीच गहन विचार-विमर्श होने की संभावना है। सरकार धान खरीदी की शुरुआत, बारदाने की व्यवस्था, सोसायटियों में तकनीकी सुधार और किसानों के समय पर भुगतान को लेकर एक ठोस कार्ययोजना तैयार करने की दिशा में आगे बढ़ रही है ताकि आने वाले सीजन में पंजीकृत किसानों को धान बेचने में कोई असुविधा न हो।
किसानों, श्रमिकों और उद्योगों से जुड़े नीतिगत प्रस्तावों पर मुहर संभव
अनुपूरक बजट और ट्रांसफर पॉलिसी के अलावा, साय कैबिनेट इस बैठक में समाज के विभिन्न वर्गों के कल्याण के लिए कई अन्य नीतिगत फैसले भी ले सकती है। बताया जा रहा है कि श्रमिकों की सामाजिक सुरक्षा, संगठित-असंगठित क्षेत्र के कामगारों के लिए नई कल्याणकारी योजनाओं और प्रदेश में औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देने के लिए सिंगल विंडो सिस्टम को और मजबूत करने से जुड़े प्रस्तावों को भी मंजूरी के लिए कैबिनेट के समक्ष प्रस्तुत किया जा सकता है।
13 जुलाई से शुरू हो रहे मानसून सत्र के लिए सरकार की रणनीति होगी तय
चूंकि 13 जुलाई से विधानसभा का मानसून सत्र प्रारंभ हो रहा है, इसलिए विपक्ष के हमलों का सामना करने और सरकारी कामकाज को सुचारू रूप से चलाने के लिए कैबिनेट की यह बैठक बहुत अहम है। सदन के भीतर विपक्ष द्वारा उठाए जाने वाले संभावित मुद्दों, जैसे कम बारिश और कानून व्यवस्था पर सरकार के जवाब और रणनीति की रूपरेखा भी इसी बैठक के दौरान तय की जाएगी। कैबिनेट में लिए गए निर्णयों से यह साफ हो जाएगा कि आगामी सत्र में सरकार का मुख्य फोकस किन क्षेत्रों पर रहने वाला है।



