
Raipur MLA Purandar Mishra: छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में सोशल मीडिया का एक पोस्ट इन दिनों स्थानीय राजनीति और आम लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। रायपुर उत्तर विधानसभा सीट से भारतीय जनता पार्टी के विधायक पुरंदर मिश्रा के खिलाफ फेसबुक पर बेहद अपमानजनक और अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया गया है। इस पूरे मामले को लेकर स्थानीय जनप्रतिनिधियों और कार्यकर्ताओं में भारी नाराजगी देखी जा रही है। शिकायत मिलने के बाद अब पुलिस ने कड़ा रुख अपनाते हुए आरोपी युवक के खिलाफ नामजद प्राथमिकी दर्ज कर ली है।
फेसबुक पर 10 जुलाई को की गई थी विधायक के खिलाफ अमर्यादित टिप्पणी
MLA Purandar Mishra Facebook Controversy: यह पूरा घटनाक्रम राजधानी रायपुर के तेलीबांधा थाना क्षेत्र से सामने आया है। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक पर ‘ललित टांडी ललित’ नाम के एक व्यक्तिगत अकाउंट से बीते 10 जुलाई को विधायक पुरंदर मिश्रा के संदर्भ में एक बेहद आपत्तिजनक पोस्ट लिखी गई थी। इस पोस्ट में इस्तेमाल किए गए शब्दों को लेकर भाजपा कार्यकर्ताओं ने तुरंत आपत्ति जताई जिसके बाद यह विवाद थाने तक पहुंच गया।

भाजपा पार्षद महेश कुमार ध्रुव ने थाने पहुंचकर दर्ज कराई लिखित शिकायत
सोशल मीडिया पर विधायक की प्रतिष्ठा को ठेस पहुंचाने वाली इस टिप्पणी को लेकर भाजपा पार्षद महेश कुमार ध्रुव ने मोर्चा संभाला। उन्होंने तेलीबांधा थाने में मामले की लिखित शिकायत दर्ज कराई। पार्षद ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया कि इस सोची-समझी पोस्ट के माध्यम से सार्वजनिक रूप से विधायक पुरंदर मिश्रा की सामाजिक छवि को धूमिल करने और उनकी राजनीतिक प्रतिष्ठा को जानबूझकर नुकसान पहुंचाने का प्रयास किया गया है।

भारतीय न्याय संहिता की इन गंभीर धाराओं के तहत आरोपी पर दर्ज हुआ मुकदमा
पार्षद की शिकायत और प्राथमिक सबूतों को देखने के बाद तेलीबांधा थाना पुलिस ने मामले को बेहद गंभीरता से लिया है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए संबंधित फेसबुक अकाउंट धारक ललित टांडी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता यानी बीएनएस की विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज कर लिया है। पुलिस ने मुख्य रूप से धारा 296 (अश्लील कृत्य या अभद्र भाषा का उपयोग) और धारा 353 (2) (विभिन्न वर्गों के बीच नफरत, घृणा या द्वेष पैदा करने वाले बयान देना) के तहत मामला कायम किया है।
विधायक पुरंदर मिश्रा की सामाजिक प्रतिष्ठा को धूमिल करने की कोशिश
स्थानीय पुलिस अधिकारियों का कहना है कि किसी भी जनप्रतिनिधि या नागरिक के खिलाफ सोशल मीडिया पर इस तरह की अमर्यादित भाषा का इस्तेमाल करना कानूनन अपराध की श्रेणी में आता है। शिकायतकर्ता का पक्ष मजबूत होने के कारण प्रथम दृष्टया यह माना गया कि पोस्ट का उद्देश्य केवल और केवल अपमान करना था। पुलिस की एक विशेष टीम अब उस फेसबुक प्रोफाइल की तकनीकी जांच कर रही है ताकि आरोपी की वास्तविक लोकेशन का पता लगाया जा सके।
सोशल मीडिया के दुरुपयोग पर पुलिस की बढ़ी निगरानी और सख्त चेतावनी
इस घटना के बाद रायपुर पुलिस ने एक बार फिर आम लोगों और इंटरनेट उपभोक्ताओं के लिए जरूरी हिदायत जारी की है। हाल के दिनों में फेसबुक, एक्स और इंस्टाग्राम जैसे मंचों पर अभद्र टिप्पणियों के मामले लगातार बढ़े हैं जिसके बाद पुलिस की सोशल मीडिया सेल हर संदिग्ध पोस्ट पर करीब से नजर रख रही है। अधिकारियों ने साफ कहा है कि डिजिटल प्लेटफॉर्म पर किसी भी व्यक्ति के मान-सम्मान को ठेस पहुंचाने वाली सामग्री डालने पर सीधे कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
साइबर सेल की मदद से फेसबुक प्रोफाइल और इंटरनेट डेटा की हो रही जांच
फिलहाल तेलीबांधा पुलिस साइबर सेल की मदद लेकर संबंधित फेसबुक अकाउंट के यूआरएल और इंटरनेट प्रोटोकॉल एड्रेस की बारीकी से जांच कर रही है। पुलिस यह सुनिश्चित करना चाहती है कि यह अकाउंट असली है या किसी ने फर्जी नाम से इसे बनाया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि डिजिटल साक्ष्य जुटाने की यह प्रक्रिया पूरी होते ही आरोपी को नोटिस भेजा जाएगा और मामले में आगे की वैधानिक गिरफ्तारी या अन्य कानूनी कदम उठाए जाएंगे।



