
Durg Atmanand School Students Faint VIDEO: छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में स्थित एक सरकारी स्कूल से बेहद हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां के एक प्रतिष्ठित स्कूल में अचानक छात्राओं के चीखने-चिल्लाने और फिर बेहोश होने की घटनाओं से हड़कंप मच गया है। सोमवार को हुई इस ताजा घटना के बाद स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों के साथ-साथ उनके माता-पिता भी बुरी तरह सहमे हुए हैं। प्रशासन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए फौरन जांच दल का गठन कर दिया है।
सोमवार को खम्हरिया के आत्मानंद स्कूल में अचानक बिगड़ी दो छात्राओं की तबीयत
यह पूरा अजीबोगरीब मामला खम्हरिया इलाके में संचालित स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम स्कूल का है। सोमवार 14 जुलाई को स्कूल में आम दिनों की तरह ही कक्षाएं चल रही थीं कि अचानक एक छात्रा की तबीयत खराब हो गई। वह बिना किसी वजह के जोर-जोर से रोने और चिल्लाने लगी। देखते ही देखते उसके हाथ-पैर पूरी तरह से अकड़ गए। इस घटना के कुछ ही देर बाद वह और उसकी एक अन्य साथी छात्रा अचानक जमीन पर गिरकर बेहोश हो गईं।
अस्पताल में भर्ती कराई गईं छात्राएं, जांच में एक बच्ची सिकलिन की शिकार निकली
कक्षा के भीतर छात्राओं को इस हालत में देखकर स्कूल प्रबंधन तुरंत हरकत में आया। दोनों पीड़ित छात्राओं को फौरन नजदीकी अस्पताल ले जाया गया जहां डॉक्टरों की टीम ने उनकी सघन चिकित्सा जांच शुरू की। शुरुआती जांच रिपोर्ट में डॉक्टरों ने पाया कि बेहोश हुई दो छात्राओं में से एक बच्ची सिकलिन नाम की बीमारी से पीड़ित है। वहीं दूसरी छात्रा की सभी शारीरिक और पैथोलॉजी रिपोर्ट पूरी तरह से सामान्य आई हैं।
बीते तीन दिनों के भीतर स्कूल में कुल आठ बच्चियां हो चुकी हैं इस स्थिति का शिकार
स्कूल के शिक्षकों और स्थानीय लोगों के मुताबिक यह कोई पहली घटना नहीं है बल्कि पिछले तीन दिनों के भीतर ऐसा आठ बार हो चुका है। इससे पहले सबसे पहली घटना 9 जुलाई को सामने आई थी जब नौवीं कक्षा की पांच छात्राएं अचानक इसी तरह चीखते हुए बेहोश हो गई थीं। इसके बाद दोबारा 11 जुलाई को भी दो अन्य छात्राओं के साथ ठीक ऐसा ही वाकया दोहराया गया था। हालांकि उन सभी बच्चियों को भी अस्पताल ले जाने पर उनकी मेडिकल रिपोर्ट सामान्य ही आई थी।
शिक्षा विभाग ने शुरू की जांच, छात्राओं की मानसिक स्थिति को समझने बुलाई गई साइकोलॉजिकल टीम
लगातार सामने आ रहे इन रहस्यमयी मामलों ने जिला शिक्षा विभाग की चिंता बढ़ा दी है। अधिकारी इस बात का पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि आखिर एक के बाद एक छात्राएं इस तरह का अजीब व्यवहार क्यों कर रही हैं। इस गुत्थी को सुलझाने के लिए शिक्षा विभाग ने अब डॉक्टरों के साथ-साथ एक विशेष साइकोलॉजिकल टीम यानी मनोवैज्ञानिकों के दल को भी स्कूल बुलाया है। यह टीम प्रभावित छात्राओं और उनके सहपाठियों की काउंसिलिंग करेगी ताकि उनके मन की स्थिति को समझा जा सके।
अभिभावकों में फैला डर का माहौल, स्कूल प्रबंधन ने की किसी भी तरह की अफवाह से बचने की अपील
इस सिलसिलेवार घटनाक्रम के बाद खम्हरिया इलाके के स्थानीय अभिभावकों में गहरा डर बैठ गया है और कई लोग अब अपने बच्चों को स्कूल भेजने से कतरा रहे हैं। स्कूल के माहौल को सामान्य बनाए रखने के लिए शिक्षा विभाग और स्कूल प्रशासन ने संयुक्त रूप से लोगों से शांति बनाए रखने को कहा है। उन्होंने अभिभावकों से विशेष अपील की है कि जब तक आधिकारिक जांच पूरी नहीं हो जाती तब तक वे किसी भी तरह की अंधविश्वास या काल्पनिक अफवाहों पर बिल्कुल भी भरोसा न करें।



