Naxalites Spotted Again in Bastar: बस्तर में फिर दिखी नक्सली हलचल, दंतेवाड़ा-बीजापुर में सक्रियता की चर्चा

Naxalites Spotted Again in Bastar: बस्तर में नक्सलवाद के कमजोर पड़ने के सरकारी दावों के बीच एक बार फिर नक्सलियों की सक्रियता की खबरों ने सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है। दंतेवाड़ा और बीजापुर के कुछ इलाकों में सशस्त्र नक्सलियों की मौजूदगी की चर्चा है। वहीं महाराष्ट्र के गढ़चिरौली जिले में सड़क किनारे नक्सली बैनर और पर्चे मिलने के बाद पुलिस ने तलाशी अभियान तेज कर दिया है।

बीजापुर, दंतेवाड़ा और इंद्रावती पार तक हलचल की चर्चा

स्थानीय सूत्रों के अनुसार बीजापुर के गंगालूर इलाके में कुछ दिन पहले नक्सलियों का एक छोटा समूह देखा गया था। दंतेवाड़ा के कुछ ग्रामीण क्षेत्रों में भी नक्सली मूवमेंट की चर्चा है। इसके अलावा इंद्रावती नदी के पार स्थित इलाकों में भी गतिविधियां बढ़ने की जानकारी सामने आई है। हालांकि बस्तर पुलिस ने अब तक इन खबरों की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।

महाराष्ट्र में बैनर-पोस्टर मिलने के बाद अलर्ट

गढ़चिरौली जिले की एटापल्ली तहसील के पिपली बुर्गी गांव के पास सड़क किनारे नक्सली बैनर और पोस्टर मिलने से सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गई हैं। छत्तीसगढ़-महाराष्ट्र सीमा के कुछ इलाकों में धमकी भरे पर्चे मिलने की भी जानकारी सामने आई है। इसके बाद पुलिस ने आसपास के क्षेत्रों में सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया है।

पुलिस का दावा, आंदोलन अंतिम चरण में

सुरक्षा बलों का कहना है कि करीब चार दशक पुराना नक्सली आंदोलन अब अपने अंतिम दौर में पहुंच चुका है। बस्तर रेंज के आईजी के अनुसार नक्सलियों का नेटवर्क काफी सीमित हो गया है और बड़े पैमाने पर उनकी वापसी की संभावना बेहद कम है। हाल की घटनाओं को स्थानीय स्तर की गतिविधि माना जा रहा है।

बस्तर में सुरक्षा कैंप और पुनर्वास का काम जारी

नक्सली गतिविधियों की खबरों के बीच बस्तर में सुरक्षा और विकास से जुड़े काम भी जारी हैं। क्षेत्र में 150 से अधिक नए सुरक्षा कैंप स्थापित किए गए हैं। हिंसा के कारण गांव छोड़ चुके कई परिवार अब वापस लौट रहे हैं और प्रधानमंत्री आवास योजना सहित अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ ले रहे हैं। प्रशासन का कहना है कि सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के साथ-साथ पुनर्वास और विकास कार्यों पर भी लगातार ध्यान दिया जा रहा है।

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Ravi Pratap Pandey

रवि पिछले 7 वर्षों से छत्तीसगढ़ में सक्रिय पत्रकार हैं। उन्होंने राज्य के सामाजिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक पहलुओं पर गहराई से रिपोर्टिंग की है। जमीनी हकीकत को उजागर करने और आम जनता की आवाज़ को मंच देने के लिए वे लगातार लेखन और रिपोर्टिंग करते रहे हैं।

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