
Sawan 2026 Date: हिंदू कैलेंडर में सावन के महीने को बेहद पवित्र माना जाता है। यह पूरा महीना देवाधिदेव महादेव और माता पार्वती की आराधना के लिए समर्पित होता है। इस साल सावन की शुरुआत की तारीख को लेकर लोगों में थोड़ा भ्रम बना हुआ है कि यह 30 जुलाई से शुरू हो रहा है या 31 जुलाई से। ज्योतिषीय पंचांग के अनुसार तिथियों के उतार-चढ़ाव की वजह से यह स्थिति बनी है। आइए विस्तार से जानते हैं कि इस वर्ष सावन का महीना किस दिन से प्रारंभ हो रहा है और इस दौरान सोमवार के व्रत किन तारीखों पर पड़ रहे हैं।
उदया तिथि के अनुसार 30 जुलाई से होगा सावन का आगाज
sawan somwar 2026: द्रिक पंचांग की गणना के मुताबिक इस साल श्रावण मास के कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा तिथि 29 जुलाई की रात 8 बजकर 5 मिनट से शुरू हो जाएगी। यह तिथि अगले दिन यानी 30 जुलाई की रात 9 बजकर 30 मिनट तक बनी रहेगी। हिंदू धर्म में किसी भी पर्व या महीने की शुरुआत सूर्योदय के समय मौजूद तिथि यानी उदया तिथि से मानी जाती है। इस नियम के आधार पर सावन के पवित्र महीने की शुरुआत 30 जुलाई 2026, गुरुवार से हो रही है।

इस बार पूरे 31 दिनों का होने जा रहा है सावन का महीना
Sawan Somwar 2026 kab se hai: इस साल शिव भक्तों को महादेव की उपासना करने के लिए पूरा समय मिलेगा क्योंकि सावन का महीना पूरे 31 दिनों का रहने वाला है। 30 जुलाई से शुरू होकर यह महीना अगस्त के आखिरी हफ्ते तक चलेगा। सावन का समापन श्रावण पूर्णिमा के दिन होता है। पंचांग के अनुसार पूर्णिमा तिथि 27 अगस्त की सुबह 9 बजकर 8 मिनट से शुरू होकर 28 अगस्त की सुबह 9 बजकर 48 मिनट तक रहेगी, जिसके साथ ही सावन मास खत्म होगा और इसी दिन रक्षाबंधन का त्योहार भी मनाया जाएगा।
शिवलिंग पर इन विशेष सामग्रियों को चढ़ाने से प्रसन्न होते हैं शिवजी
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार सावन के महीने में भगवान शिव पृथ्वी पर निवास करते हैं। इस दौरान शिवलिंग का सच्चे मन से जलाभिषेक या दुग्धाभिषेक करने से भक्तों के कष्ट दूर होते हैं। पूजा के दौरान महादेव को प्रिय सामग्रियां जैसे बेलपत्र, धतूरा, आक के फूल, गन्ने का रस और भांग अर्पित करने की परंपरा है। माना जाता है कि सावन के दिनों में की गई साधारण पूजा भी बाकी दिनों के मुकाबले कई गुना ज्यादा फलदायी साबित होती है।
वर्ष 2026 में पड़ने वाले सावन सोमवार व्रतों की पूरी सूची
सावन के महीने में सोमवार के दिन रखे जाने वाले व्रतों का खास महत्व होता है। इस साल के पंचांग के हिसाब से सावन के महीने में कुल 4 सोमवार पड़ने जा रहे हैं। इन सभी तारीखों पर व्रत रखकर भगवान शिव की विशेष पूजा-अर्चना की जाएगी।
नीचे दी गई तालिका में आप इस साल पड़ने वाले सभी सावन सोमवार की सही तारीखें देख सकते हैं:
| सावन सोमवार व्रत | निश्चित तारीख (वर्ष 2026) |
| पहला सावन सोमवार | 3 अगस्त |
| दूसरा सावन सोमवार | 10 अगस्त |
| तीसरा सावन सोमवार | 17 अगस्त |
| चौथा सावन सोमवार | 24 अगस्त |
शिवपुराण में वर्णित है सावन मास की महिमा और इसके पुण्य
सनातन धर्म के प्रमुख ग्रंथों में सावन के महीने की महिमा का विस्तृत वर्णन मिलता है। शिवपुराण के एक श्लोक के अनुसार जो व्यक्ति सावन के महीने में भक्ति भाव से शिवलिंग की पूजा करता है, वह अपने सभी पापों से मुक्त होकर अंत में शिवलोक को प्राप्त करता है। ग्रंथ में स्पष्ट लिखा है कि इस मास में गंगाजल और बेलपत्र चढ़ाने से मिलने वाला पुण्य कई बड़े यज्ञों के आयोजन से मिलने वाले फल के बराबर माना गया है।

स्कन्दपुराण के अनुसार दुखों से मुक्ति दिलाती है सावन की पूजा
इसी तरह स्कन्दपुराण में भी सावन के महीने को लेकर विशेष बातें कही गई हैं। स्कन्दपुराण के मुताबिक श्रावण मास में पवित्र नदियों में स्नान करने, अपनी सामर्थ्य के अनुसार दान देने और भगवान शिव के मंत्रों का निरंतर जप करने से मनुष्य को हर तरह के सांसारिक दुखों से छुटकारा मिल जाता है। इस महीने में की गई साधना से इंसान की सभी अधूरी मनोकामनाएं बहुत जल्द पूरी होती हैं।
पद्मपुराण में बताया गया है सोमवार व्रत का वास्तविक महत्व
पद्मपुराण की मान्यताओं के अनुसार सावन के हर सोमवार को व्रत रखने और भगवान शिव के साथ माता पार्वती का स्मरण करने से पारिवारिक जीवन में हमेशा सुख-शांति बनी रहती है। यह व्रत रखने से वैवाहिक जीवन की परेशानियां दूर होती हैं, उत्तम स्वास्थ्य की प्राप्ति होती है और संतान सुख का आशीर्वाद मिलता है। सावन का सोमवार भौतिक सुखों के साथ-साथ इंसान की आध्यात्मिक उन्नति का भी मार्ग प्रशस्त करता है।



