हिंदी और अंग्रेजी में 100-100 बार गालियां लिखने की सजा! अभिभावकों में नाराजगी, शिक्षा विभाग ने शुरू कराई जांच, जांच के आदेश, जानें पूरा मामला

अंबिकापुर के एक निजी स्कूल में छात्र को दी गई कथित सजा को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। सरगुजा जिले के सरगंवा स्थित बिरला ओपन माइंड्स इंटरनेशनल स्कूल की एक शिक्षिका पर आरोप है कि उन्होंने कक्षा आठवीं के छात्र को अनुशासन के नाम पर हिंदी और अंग्रेजी में 100-100 बार कथित गालियां लिखने का निर्देश दिया। मामला सामने आने के बाद अभिभावकों ने स्कूल पहुंचकर विरोध जताया, वहीं जिला शिक्षा अधिकारी ने तत्काल जांच के आदेश जारी कर दिए हैं।

क्या है पूरा मामला? छात्र को 100-100 बार गालियां लिखने का आरोप

जानकारी के अनुसार, कक्षा आठवीं ‘ए’ के दो छात्रों के बीच किसी बात को लेकर विवाद हुआ था। शिकायत मिलने पर शिक्षिका ने एक छात्र को दंड देने का फैसला किया। आरोप है कि छात्र को पहले अंग्रेजी में 100 बार और उसके बाद वही शब्द हिंदी में 100 बार लिखने के लिए कहा गया।

बताया जा रहा है कि छात्र को यह भी निर्देश दिया गया कि वह अपनी कॉपी पर अभिभावकों के हस्ताक्षर कराकर अगले दिन स्कूल लेकर आए। जब बच्चे ने घर पर कॉपी दिखाई तो परिजन हैरान रह गए और अगले ही दिन स्कूल पहुंचकर इस पर आपत्ति दर्ज कराई।।

अभिभावकों का आरोप, छात्र को जमीन पर बैठाया और मानसिक रूप से किया प्रताड़ित

परिजनों का कहना है कि शिक्षिका ने पहले पूरी कक्षा से पूछा कि क्या छात्र ने गाली दी थी, लेकिन किसी भी बच्चे ने इसकी पुष्टि नहीं की। इसके बावजूद छात्र को कथित तौर पर जमीन पर बैठने के लिए कहा गया और चेतावनी दी गई कि जब तक वह लिखित कार्य पूरा नहीं करेगा, तब तक उसे बेंच पर बैठने की अनुमति नहीं मिलेगी।

अभिभावकों का आरोप है कि शिक्षिका ने छात्र को कॉपी में अशोभनीय शब्द लिखवाए और हस्ताक्षर करवाने के लिए कहा। उनका कहना है कि स्कूल बच्चों को शिक्षा और संस्कार देने की जगह है, ऐसे में इस तरह की सजा पूरी तरह अनुचित है। घटना के बाद छात्र मानसिक रूप से परेशान बताया जा रहा है।

जिला शिक्षा अधिकारी ने दिए जांच के आदेश, कार्रवाई की बात कही

मामले की जानकारी मिलने के बाद जिला शिक्षा अधिकारी डॉ. दिनेश कुमार झा ने तत्काल सहायक संचालक शिक्षा को जांच के लिए स्कूल भेज दिया। उन्होंने कहा कि मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच कराई जा रही है और रिपोर्ट मिलने के बाद नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

डीईओ ने स्पष्ट कहा कि विद्यार्थियों से इस प्रकार के अशोभनीय शब्द लिखवाना स्वीकार्य नहीं है। स्कूल बच्चों को बेहतर शिक्षा और नैतिक मूल्य देने का स्थान है। यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित जिम्मेदार लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

स्कूल पहले भी विवादों में रह चुका है

यह पहली बार नहीं है जब बिरला ओपन माइंड्स इंटरनेशनल स्कूल विवादों में आया हो। इससे पहले भी शिक्षा का अधिकार (RTE) अधिनियम के उल्लंघन और निजी प्रकाशकों की किताबों के उपयोग समेत अन्य अनियमितताओं के मामले में जिला शिक्षा विभाग स्कूल पर एक लाख रुपये का जुर्माना लगा चुका है।

मौजूदा मामले में स्कूल प्रबंधन का पक्ष जानने के लिए प्राचार्य से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन समाचार लिखे जाने तक उनकी ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई। वहीं छात्र संगठनों और अभिभावकों ने निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

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Ravi Pratap Pandey

रवि पिछले 7 वर्षों से छत्तीसगढ़ में सक्रिय पत्रकार हैं। उन्होंने राज्य के सामाजिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक पहलुओं पर गहराई से रिपोर्टिंग की है। जमीनी हकीकत को उजागर करने और आम जनता की आवाज़ को मंच देने के लिए वे लगातार लेखन और रिपोर्टिंग करते रहे हैं।

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