
CG Atmanand School Contract Teachers Protest: छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर समेत पूरे राज्य में स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी और हिंदी माध्यम विद्यालयों के संविदा शिक्षकों और कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर प्रदेशव्यापी मोर्चा खोल दिया है। अपनी छह सूत्रीय मांगों के समर्थन में संविदा कर्मचारियों ने दो दिवसीय धरना-प्रदर्शन शुरू किया है। इस आंदोलन के तहत रायपुर के तूता स्थित धरना स्थल पर प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए सैकड़ों सहायक शिक्षक, व्याख्याता और अन्य कर्मचारी बड़ी संख्या में एकत्र हुए हैं।
स्वामी आत्मानंद संविदा शिक्षकों की प्रमुख मांगें
तूता धरना स्थल पर पहुंचे संविदा कर्मचारियों का कहना है कि वे लंबे समय से पूरी निष्ठा के साथ अपनी सेवाएं दे रहे हैं, लेकिन उन्हें स्थायी कर्मियों जैसी बुनियादी सुविधाएं और सुरक्षा नहीं मिल पा रही है। प्रदर्शनकारियों की छह प्रमुख मांगों में संविदा कर्मचारियों का नियमितीकरण, मानदेय में सम्मानजनक वृद्धि, सेवा सुरक्षा की गारंटी और अन्य शासकीय सुविधाओं का लाभ शामिल है।
मांगों पर जल्द निर्णय न होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी
संविदा शिक्षक संघ के पदाधिकारियों का कहना है कि सरकार को बार-बार ज्ञापन देने के बावजूद उनकी समस्याओं का समाधान नहीं निकाला गया है। संघ ने स्पष्ट किया है कि यदि शासन स्तर पर उनकी मांगों पर जल्द कोई ठोस और सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो यह दो दिवसीय सांकेतिक प्रदर्शन आने वाले दिनों में एक बड़े और अनिश्चितकालीन आंदोलन में बदल जाएगा।
दुर्ग में लंबित भर्ती को लेकर स्पोर्ट्स टीचर्स का प्रदर्शन
एक तरफ जहां रायपुर में संविदा शिक्षक प्रदर्शन कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ दुर्ग में प्रदेशभर के व्यायाम शिक्षक (स्पोर्ट्स टीचर्स) अपनी लंबित भर्ती प्रक्रिया को शुरू कराने की मांग को लेकर लामबंद हो गए हैं। सैकड़ों की संख्या में पहुंचे प्रशिक्षित अभ्यर्थियों ने अपनी मांगों को लेकर शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव से मुलाकात की और अपनी समस्याओं से अवगत कराया।
3000 शिक्षकों की भर्ती से स्पोर्ट्स टीचर के पद हटाने का आरोप
व्यायाम शिक्षक अभ्यर्थियों ने आरोप लगाया है कि हाल ही में शासन द्वारा घोषित 3000 शिक्षकों की नई भर्ती में स्पोर्ट्स टीचर्स का एक भी पद शामिल नहीं किया गया है। अभ्यर्थियों का कहना है कि पूर्व में प्रस्तावित भर्ती प्रक्रिया में व्यायाम शिक्षकों के लगभग 300 पद शामिल थे, लेकिन अंतिम विज्ञापन जारी होते समय इन पदों को हटाकर अन्य विषयों के पदों में जोड़ दिया गया। इससे प्रदेश के हजारों बीपीएड और सीपीएड धारकों में भारी निराशा है।
नई शिक्षा नीति और खेल प्रशिक्षण पर पड़ रहा असर
प्रदर्शनकारी स्पोर्ट्स टीचर रामेश्वरी ने बताया कि नई शिक्षा नीति 2020 के तहत प्राथमिक स्तर से ही शारीरिक शिक्षा को अनिवार्य विषय बनाया गया है और इसके लिए पाठ्यपुस्तकें भी तैयार की जा चुकी हैं। इसके बावजूद सरकारी स्कूलों में व्यायाम शिक्षकों की पदस्थापना न होने से नीति का क्रियान्वयन नहीं हो पा रहा है। स्कूलों में प्रशिक्षकों की कमी के कारण राज्य के बच्चे खेल प्रतियोगिताओं के लिए सही प्रशिक्षण से वंचित हो रहे हैं। अभ्यर्थियों ने ध्यान दिलाया कि प्रदेश में अंतिम बार व्यायाम शिक्षकों की भर्ती वर्ष 2019 में की गई थी।



