
Dhamtari Police Reshuffle: छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में पुलिस व्यवस्था को चाक-चौबंद करने के उद्देश्य से पुलिस विभाग में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया गया है। पुलिस अधीक्षक भावना पांडेय ने जिले के विभिन्न थानों, चौकियों और शाखाओं में पदस्थ 46 अधिकारियों-कर्मचारियों के तबादले का आदेश जारी किया है। इस फेरबदल में 3 उप निरीक्षक (एसआई), 10 सहायक उप निरीक्षक (एएसआई), 21 प्रधान आरक्षक और 12 आरक्षक शामिल हैं। सभी को तत्काल प्रभाव से नई पदस्थापना पर कार्यभार संभालने के निर्देश दिए गए हैं।
पुलिसिंग को मजबूत बनाने के लिए उठाया गया कदम
पुलिस अधीक्षक का पदभार संभालने के बाद भावना पांडेय का यह पहला बड़ा प्रशासनिक कदम माना जा रहा है। तबादले का मुख्य उद्देश्य जिला पुलिस बल की कार्यक्षमता बढ़ाना, थानों के कामकाज में समन्वय लाना और आम नागरिकों को त्वरित न्याय दिलाना है। स्थानांतरण की इस प्रक्रिया में रक्षित केंद्र, यातायात शाखा, साइबर थाना, जिला विशेष शाखा के साथ-साथ अर्जुनी, कुरूद, नगरी, मगरलोड, भखारा, सिहावा, रुद्री, दुगली और बोराई जैसे प्रमुख थानों व चौकियों के मैदानी अमले को नए सिरे से तैनात किया गया है।

थानों से लेकर रीडर शाखाओं तक बदली जिम्मेदारी
इस प्रशासनिक सर्जरी में एसपी कार्यालय और वरिष्ठ अधिकारियों की रीडर शाखाओं का भी पुनर्गठन किया गया है। नगरी, कुरूद, भखारा, कोतवाली और रुद्री थानों के कर्मचारियों को विभिन्न शाखाओं में रीडर की जिम्मेदारी दी गई है। इसके अतिरिक्त एडिशनल एसपी डीसी पटेल और एडिशनल एसपी शैलेंद्र पांडे की शाखाओं के साथ-साथ शिकायत शाखा और विशेष शाखा में भी नए रीडर नियुक्त किए गए हैं। एसपी कार्यालय की शाखाओं में लंबे समय बाद इतना बड़ा बदलाव देखा गया है।

तत्काल प्रभाव से नए पद पर कार्यभार संभालने का निर्देश
एसपी भावना पांडेय ने तबादला सूची जारी करते हुए सभी स्थानांतरित अधिकारियों और कर्मचारियों को बिना किसी विलंब के नए पदस्थापना स्थल पर आमद दर्ज कराने का कड़ा निर्देश दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पुलिसकर्मी अपने नए दायित्वों का निर्वहन पूरी निष्ठा, ईमानदारी और अनुशासन के साथ करें। लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई की बात भी कही गई है।

धमतरी जिले की कानून-व्यवस्था में सुधार की उम्मीद
जिले में एक साथ 46 पुलिसकर्मियों के तबादले से पुलिस महकमे में हलचल तेज हो गई है। लंबे समय से एक ही स्थान या शाखा में जमे कर्मचारियों के स्थान पर नए चेहरों को जिम्मेदारी मिलने से मैदानी पुलिसिंग में कसावट आने की संभावना है। स्थानीय नागरिकों को उम्मीद है कि इस फेरबदल से थानों में लंबित मामलों के निपटारे में तेजी आएगी और अपराध नियंत्रण में मदद मिलेगी।



