
Raipur Blue Water Drowning Rescue: छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर से सटे नकटी गांव स्थित खदान क्षेत्र (ब्लू वाटर) में डूबे युवक आदिल की तलाश लगातार जारी है। हादसे के 48 घंटे बीत जाने के बावजूद गोताखोरों की टीम को युवक का कोई सुराग नहीं मिल सका है। स्टेट डिजास्टर रिस्पांस फोर्स (SDRF) और नेशनल डिजास्टर रिस्पांस फोर्स (NDRF) की टीमें संयुक्त रूप से राहत और बचाव कार्य चला रही हैं। खदान में पानी अत्यधिक गहरा होने के कारण गोताखोरों को पानी के निचले स्तर तक पहुंचने में खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
दोस्तों के साथ तैरने की शर्त बनी हादसे की वजह, गहरे पानी में समाया युवक
SDRF NDRF Search In Raipur: प्राथमिक जांच में यह बात सामने आई है कि आदिल अपने कुछ दोस्तों के साथ नकटी गांव के पास स्थित इस लोकप्रिय स्थान पर घूमने आया था। वहां रुकने के दौरान दोस्तों के बीच खदान के पानी में तैरने को लेकर शर्त लग गई। शर्त के चक्कर में आदिल पानी में उतर गया और तैरते हुए आगे निकल गया। कुछ दूर जाने के बाद वह पानी की अत्यधिक गहराई में चला गया और डूबने लगा। दोस्तों ने उसे बचाने का प्रयास किया लेकिन गहराई अधिक होने के कारण वह पानी में पूरी तरह समा गया और वापस बाहर नहीं आ पाया।

48 घंटे से जारी है सर्च ऑपरेशन, अत्यधिक गहराई के कारण आ रही रुकावट
Blue Water Nakti News: घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय थाना पुलिस के साथ एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की टीमें मौके पर पहुंचीं। दो दिनों से विशेषज्ञ गोताखोर बोट और सर्चिंग उपकरणों की मदद से पानी के भीतर युवक की तलाश कर रहे हैं। रेस्क्यू टीम के सदस्यों का कहना है कि खदान का यह तालाबनुमा हिस्सा सामान्य तालाबों से काफी अलग है। इसकी गहराई अचानक बहुत ज्यादा बढ़ जाती है, जिससे नीचे का दृश्य बेहद धुंधला हो जाता है और सर्च ऑपरेशन में समय लग रहा है।

रेस्क्यू देखने के लिए उमड़ी सैकड़ों लोगों की भीड़, किनारे पर खड़े होकर देख रहे लोग
Raipur Blue Water Nakti News: सर्च ऑपरेशन की खबर फैलते ही आसपास के इलाकों से करीब 100 से 200 लोग घटनास्थल पर जमा हो गए हैं। कई लोग अपनी जान जोखिम में डालकर गहरे और फिसलन भरे पानी के बिल्कुल किनारे तक पहुंच रहे हैं। रेस्क्यू देख रहे लोगों में से किसी के भी संतुलन बिगड़ने पर दूसरा बड़ा हादसा होने की आशंका बनी हुई है। मौके पर मौजूद आम नागरिकों का कहना है कि पुलिस और प्रशासन को इस भीड़ को किनारे से पीछे हटाने के लिए सख्त घेराबंदी करनी चाहिए।

चेतावनी बोर्ड और सुरक्षा घेरे की भारी कमी, खदान क्षेत्र में पहले भी हो चुके हैं हादसे
नकटी का यह खदान क्षेत्र अपनी नीली दिखती पानी की वजह से युवाओं के बीच काफी चर्चित है, लेकिन इसके गहरे पानी का अंदाजा नहीं होने से यहां पूर्व में भी डूबने की घटनाएं दर्ज की जा चुकी हैं। इसके बावजूद प्रशासन की ओर से इस खतरनाक हिस्से में कोई स्पष्ट चेतावनी बोर्ड या सुरक्षा घेरा नहीं लगाया गया है। लोगों का बेरोक-टोक इस क्षेत्र में प्रवेश करना और गहरे पानी के पास जाना सीधे तौर पर सुरक्षा व्यवस्था में ढिलाई को दर्शाता है।

प्रशासन से बैरिकेडिंग की मांग, आदिल के परिजन और स्थानीय लोग चिंतित
आदिल की खोजबीन में जुटे परिजनों की चिंता समय बीतने के साथ बढ़ती जा रही है। इस हादसे के बाद स्थानीय नागरिकों और जनप्रतिनिधियों ने मांग की है कि इस संवेदनशील स्थल पर तत्काल प्रभाव से स्थायी बैरिकेडिंग की जाए। साथ ही, सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की जाए ताकि भविष्य में कोई भी व्यक्ति शर्त लगाने या मनोरंजन के नाम पर इस जानलेवा पानी में न उतर सके।



