
छत्तीसगढ़ के बिलासपुर शहर में शुक्रवार रात दो पक्षों के बीच शुरू हुआ विवाद कुछ ही देर में हिंसक झड़प में बदल गया। खपरगंज से लेकर तेलीपारा रोड तक दोनों पक्षों की ओर से जमकर पथराव और तोड़फोड़ की गई। इस घटना के बाद पूरे इलाके में स्थिति बेहद तनावपूर्ण हो गई। स्थिति बिगड़ने पर पुलिस प्रशासन ने पूरे क्षेत्र में धारा 144 लागू कर दी है। पुलिस ने मामले में कड़ा रुख अपनाते हुए दोनों गुटों के खिलाफ दंगे का मामला दर्ज कर लिया है और उपद्रवियों की धरपकड़ शुरू कर दी है।
8 महीने पुरानी रंजिश और सोशल मीडिया टिप्पणी से भड़का विवाद
इस उपद्रव के पीछे 8 महीने पुराना एक मामला सामने आ रहा है। मुंगेली के रहने वाले नरेश साहू ने सरकंडा में सुसाइड किया था और मौत से पहले एक वीडियो बनाकर सोहेल खान नाम के युवक पर प्रताड़ना का आरोप लगाया था। उस समय पुलिस ने सोहेल को गिरफ्तार किया था, जिसके बाद से दोनों पक्षों में रंजिश चली आ रही थी। हाल ही में सोशल मीडिया पर आवारा मवेशियों को लेकर एक विवादित टिप्पणी की गई थी। इसी टिप्पणी का विरोध करने पर दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए और विवाद ने हिंसक रूप ले लिया।
पथराव में टीआई समेत 9 पुलिसकर्मी घायल, वाहनों में तोड़फोड़
विवाद की सूचना मिलते ही पुलिस की टीम मौके पर पहुंची, लेकिन उग्र भीड़ ने पुलिस वालों को निशाना बनाकर पथराव शुरू कर दिया। इस हमले में तारबाहर टीआई समेत 9 पुलिसकर्मी घायल हो गए। उपद्रवियों ने खपरगंज और तेलीपारा की सड़कों पर खड़ी 12 से अधिक बाइक, स्कूटी और कारों के शीशे तोड़ दिए। इसके अलावा 24 खोली इलाके में घरों पर पत्थर फेंके गए और एक दुकान में आग लगाने का प्रयास भी किया गया, जिसे पुलिस ने समय रहते नाकाम कर दिया।
50 से अधिक नामजद उपद्रवियों पर दंगे का केस दर्ज
सिटी कोतवाली पुलिस ने शनिवार तड़के दोनों पक्षों और घायल पुलिसकर्मियों की शिकायत पर दंगे की धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की है। इस एफआईआर में 50 से अधिक आरोपियों को नामजद किया गया है, जबकि कई अन्य अज्ञात लोगों को भी शामिल किया गया है। पुलिस की विशेष टीमें और क्राइम ब्रांच की टीमें अलग-अलग इलाकों में लगातार दबिश दे रही हैं। शनिवार रात तक पुलिस ने दोनों गुटों के 12 से ज्यादा लोगों को हिरासत में ले लिया था।
सीसीटीवी और ड्रोन कैमरों से की जा रही आरोपियों की पहचान
उपद्रवियों की सटीक पहचान के लिए पुलिस घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाल रही है। इसके साथ ही घटना के दौरान बनाए गए वीडियो और ड्रोन कैमरों की मदद ली जा रही है। शहर के सभी एंट्री और एग्जिट पॉइंट्स पर एएसपी और सीएसपी के नेतृत्व में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। एलआईबी और विशेष शाखा की टीमों को भी अलर्ट पर रखा गया है ताकि किसी भी तरह की नई अफवाह या हिंसा को रोका जा सके।
खपरगंज में पसर रहा सन्नाटा, पुलिस अधिकारियों ने लिया जायजा
घटना के बाद शनिवार को खपरगंज और आसपास के इलाकों में दुकानें पूरी तरह बंद रहीं और सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहा। धारा 144 लागू होने के कारण लोगों को समूह में एकत्र होने की अनुमति नहीं दी गई। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए संभाग आयुक्त सुनील जैन, आईजी रामगोपाल गर्ग, कलेक्टर संजय अग्रवाल और एसएसपी रजनेश सिंह ने कोतवाली थाने पहुंचकर स्थिति की समीक्षा की। वरिष्ठ अधिकारियों ने रात में गश्त बढ़ाने और सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रखने के निर्देश दिए हैं।
एसएसपी की अफवाहों पर ध्यान न देने और शांति बनाए रखने की अपील
एसएसपी रजनेश सिंह ने बताया कि दो गुटों की आपसी रंजिश को कुछ तत्वों द्वारा अनावश्यक रूप से सामाजिक रंग देने का प्रयास किया गया था। फिलहाल स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है। उन्होंने शहरवासियों से सोशल मीडिया पर किसी भी प्रकार की भ्रामक या अपुष्ट जानकारी शेयर न करने और शांति व्यवस्था बनाए रखने में पुलिस का सहयोग करने की अपील की है। साथ ही इलाज के बाद ड्यूटी पर लौटे घायल पुलिसकर्मियों के समर्पण और कर्तव्यनिष्ठा की सराहना की है।



