
Khairagarh Gram Panchayat Scam: छत्तीसगढ़ के खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिले की छुईखदान जनपद पंचायत क्षेत्र में भ्रष्टाचार की बड़ी शिकायत सामने आई है। ग्राम पंचायत लंजियाटोला और उसके आश्रित गांव बघमर्रा के ग्रामीणों ने सरपंच और सचिव पर विकास कार्यों की आड़ में भारी गबन करने के गंभीर आरोप लगाए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि पिछले दो वर्षों में विकास कार्यों के नाम पर आई लाखों रुपये की सरकारी राशि कागजी बिलों के जरिए निकाल ली गई, जबकि धरातल पर कोई कार्य नहीं कराया गया है। मामले की लिखित शिकायत मिलने के बाद जिला प्रशासन ने जांच टीम का गठन कर दिया है।
फर्जी बिलों के जरिए राशि निकालने का आरोप
Khairagarh Corruption News: पंचायत के पंच पंचम राम चंदेल के अनुसार, गांव में मुरुम बिछाने के नाम पर एक भी ट्रिप काम कराए बिना फर्जी बिल बनाकर सरकारी राशि का आहरण कर लिया गया। इसी प्रकार नाली की सफाई के मद से तीन से चार लाख रुपये निकाले गए, लेकिन नालियों की हालत जस की तस बनी हुई है। प्राथमिक स्कूल में पेयजल के लिए वाटर कूलर लगाने की राशि भी आहरित कर ली गई, जबकि स्कूल में कोई कूलर स्थापित नहीं किया गया। कुल मिलाकर लगभग आठ से दस लाख रुपये के गबन की आशंका जताई गई है।
अधूरी नाली और मजदूरों से अवैध वसूली
CG Panchayat News: आश्रित ग्राम बघमर्रा में एक लाख रुपये की लागत से बनने वाली नाली का निर्माण अधूरा पड़ा हुआ है। बिना गिट्टी और मुरुम का इस्तेमाल किए ही पूरी स्वीकृत राशि का भुगतान आहरित कर लिया गया है। पंच का आरोप है कि नाले की सफाई के नाम पर जेसीबी से काम कराने की जगह मजदूरों से 250-250 रुपये वसूल किए गए। जब किसी ग्रामीण या जनप्रतिनिधि ने इस वित्तीय अनियमितता का विरोध किया, तो उन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना की सूची से नाम हटाने और अन्य योजनाओं का लाभ न देने की धमकियां दी गईं।
कागजों पर निपटाए गए पंचायत के विकास कार्य
Chhuikhadan Sarpanch Corruption: उपसरपंच अंजीता बंजारे ने भी सरपंच के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए बताया कि मुक्तिधाम निर्माण, कचरा प्रबंधन, नाली सफाई और स्कूल भवन की छत मरम्मत जैसे जनहित से जुड़े कार्य केवल दस्तावेजों में पूरे दर्ज हैं। स्कूल की मरम्मत न होने के कारण छोटे बच्चों को पंचायत भवन के सीमित स्थान में बैठकर पढ़ाई करने के लिए विवश होना पड़ रहा है। पंचायत भवन में पर्याप्त जगह न होने के कारण विद्यार्थियों और शिक्षकों दोनों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
पीएम आवास के नाम पर वसूली का भी खुलासा
उपसरपंच ने यह भी उजागर किया कि प्रधानमंत्री आवास योजना में पात्र हितग्राहियों के नाम सूची में आने के बावजूद उनसे 500-500 रुपये की अनुचित वसूली की गई है। रुपये लेने के बाद भी कई पात्र हितग्राहियों के बैंक खातों को अब तक योजना के आधिकारिक पोर्टल पर दर्ज नहीं कराया गया है। इस वजह से कई पात्र ग्रामीण योजना की पहली किस्त से भी वंचित बने हुए हैं और अपने पक्के मकान के लिए भटकने को मजबूर हैं।
जनपद सीईओ ने बनाई जांच टीम, रिपोर्ट के आधार पर होगी कार्रवाई
ग्राम पंचायत में सामने आई इस वित्तीय गड़बड़ी के संबंध में जब जनपद पंचायत छुईखदान की मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) केश्वरी देवांगन से जानकारी ली गई, तो उन्होंने शिकायत की पुष्टि की। सीईओ ने बताया कि ग्रामीणों की लिखित शिकायत को गंभीरता से लेते हुए एक जांच टीम का गठन कर दिया गया है। जांच अधिकारी मौके पर जाकर सभी बिन्दुओं की भौतिक पड़ताल कर रहे हैं। जांच प्रतिवेदन प्राप्त होने के बाद नियमों के तहत कड़ी वैधानिक और प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी।



