CG Top 10 News Today: छत्तीसगढ़ की 10 बड़ी खबरें दुर्ग में गुटखा फैक्ट्री पर सेंट्रल GST की रेड, रायपुर में 22 करोड़ का फर्जीवाड़ा, बिलासपुर में बांग्लादेशियों की जांच, कैंसर बना अधिसूचित बीमारी, 36 सरकारी दफ्तरों के बिजली कनेक्शन कटे, झीरम फैसले के खिलाफ अपील, निलंबित DSP का 2 करोड़ विवाद, अमित जोगी की कांग्रेस वापसी अटकी, बीजापुर में नक्सलियों का खजाना जब्त और ओडिशा CM से मिले सीएम साय समेत पढ़ें छत्तीसगढ़ की 10 बड़ी खबरें…

CG Top 10 News Today: छत्तीसगढ़ की सभी बड़ी और छोटी खबरें रोजाना हमारी नजर में रहती हैं। दक्षिण कोसल के विशेष सेगमेंट ‘CG की 10 बड़ी खबरें’ में हम आपको समाचार जगत की हर गतिविधि का अपडेट सरल और सहज भाषा में प्रदान करेंगे। तो आइए, पत्रकारिता की इस दुनिया में बने रहें और छत्तीसगढ़ की हर ताजातरीन खबर से अपनी जानकारी को और विस्तृत करे
दुर्ग में गुटखा फैक्ट्री पर सेंट्रल GST का छापा: 2 मशीनें और 30 बोरा माल जब्त
Crime Update: छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में स्थित कुम्हारी के स्टेशन चौक इलाके में रविवार को सेंट्रल GST इंटेलिजेंस की टीम ने एक अवैध गुटखा निर्माण फैक्ट्री पर औचक छापेमारी कर बड़ी सफलता हासिल की है। विभागीय सूचना के आधार पर तीन वाहनों में सवार होकर पहुंचे करीब 12 अधिकारियों के दल ने एक बड़े गोदाम में दबिश दी, जहां नामी brand ‘सितार’ का गुटखा अवैध रूप से तैयार किया जा रहा था। कार्रवाई के दौरान अधिकारियों ने मौके से गुटखा बनाने की 2 आधुनिक मशीनें और लगभग 30 बोरा तैयार गुटखा जब्त किया है, जिसकी बाजार कीमत लाखों रुपये आंकी गई है। स्थानीय सूत्रों के अनुसार जिस गोदाम में यह अवैध कारोबार संचालित हो रहा था, वह सुरेश गुप्ता नामक व्यक्ति का बताया जा रहा है, हालांकि GST अधिकारियों ने आधिकारिक तौर पर इसके मालिकाना हक को लेकर जांच जारी रहने की बात कही है। सेंट्रल GST की टीम केवल अवैध निर्माण ही नहीं, बल्कि बड़े पैमाने पर की जा रही टैक्स चोरी, खरीद-बिक्री के बिल और स्टॉक रिकॉर्ड खंगाल रही है। जब्ती के बाद सभी मशीनों और गुटखे को रायपुर मुख्यालय भेज दिया गया है, जहां दस्तावेजों के विस्तृत मिलान के बाद संबंधित संचालकों के खिलाफ कड़ी कानूनी और वित्तीय कार्रवाई की जाएगी।
रायपुर में 22 करोड़ का GST घोटाला: मास्टरमाइंड अमन अग्रवाल पर FIR, 10 फर्जी फर्में बेनकाब
Crime Update: राजधानी रायपुर में राज्य GST विभाग ने एक बड़े इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) घोटाले का पर्दाफाश करते हुए मेसर्स अगस्त्य इंटरप्राइजेस के संचालक अमन कुमार अग्रवाल के खिलाफ प्राथमिक प्राथमिकी (FIR) दर्ज कराई है। विभाग की व्यापक जांच में खुलासा हुआ है कि आरोपियों ने कुल 10 फर्जी फर्में बनाकर 22 करोड़ रुपये से अधिक का बोगस कारोबार दिखाया और करोड़ों का अवैध टैक्स लाभ उठाया। इस जालसाजी में सबसे चौंकाने वाला तथ्य यह सामने आया कि फर्में बनाने के लिए चाय बेचने वालों, बिजली मिस्त्रियों, दिहाड़ी मजदूरों और यहां तक कि एक मृतक व्यक्ति के नाम का दुरुपयोग किया गया था। जांच के दौरान अधिकारियों को पता चला कि विकास यदु नामक एक पूर्व चाय विक्रेता के नाम पर अगस्त्य इंटरप्राइजेस गठित कर करोड़ों का लेन-देन किया गया, जिससे वह पूरी तरह अनजान था। इसी तरह गरियाबंद की एक फर्जी फर्म के लिए साल 2010 में मर चुके फूल सिंह नामक मकान मालिक के नाम पर 2025 में फर्जी किरायानामा तैयार किया गया। पुलिस ने GST विभाग की शिकायत पर अमन अग्रवाल के खिलाफ जालसाजी, कूटरचना और धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है, और उम्मीद जताई जा रही है कि आने वाले दिनों में इस रैकेट से जुड़े कई अन्य बड़े चेहरों की गिरफ्तारी हो सकती है।
बिलासपुर में संदिग्ध बांग्लादेशियों का सच: 18 निकले भारतीय, 5 की गहन जांच जारी
Police Action: बिलासपुर जिले के सिरगिट्टी औद्योगिक क्षेत्र में विशेष सर्च अभियान के दौरान संदिग्ध बांग्लादेशी नागरिक होने के संदेह में हिरासत में लिए गए 23 लोगों के मामले में एक बड़ा नया मोड़ आया है। पुलिस की विशेष जांच टीम और पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद व जंगीपुर में कराए गए भौतिक सत्यापन के बाद 18 लोगों के भारतीय नागरिक होने की आधिकारिक पुष्टि हो गई है। नागरिकता के दस्तावेज सही पाए जाने के बाद इन 18 व्यक्तियों को रायपुर स्थित होल्डिंग सेंटर से ससम्मान रिहा कर दिया गया है, जिससे स्थानीय प्रशासन ने राहत की सांस ली है। बिलासपुर पुलिस ने पिछले दो महीनों में सिरगिट्टी क्षेत्र में 1,162 बाहरी कामगारों के कागजातों की जांच की थी, जिसमें से इन 23 लोगों के दस्तावेजों में पिता की जगह ससुर का नाम दर्ज होने जैसी विसंगतियां मिली थीं। ये सभी लोग क्षेत्र में कबाड़, बाल के बदले बर्तन देने और टेंट-पंडाल लगाने जैसे छोटे-मोटे कार्यों से जुड़े हुए हैं। फिलहाल बचे हुए 5 व्यक्तियों के सरकारी रिकॉर्ड और एसआईआर (SIR) डेटा का मिलान किया जा रहा है, और अतिरिक्त दस्तावेज मंगाए गए हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अंतिम सत्यापन रिपोर्ट आते ही नियमानुसार अगली कानूनी प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
छत्तीसगढ़ में कैंसर बना अधिसूचित रोग: हर मरीज की रिपोर्ट 30 दिन में देना अनिवार्य
Health News: छत्तीसगढ़ सरकार के स्वास्थ्य विभाग ने राज्य में कैंसर के बढ़ते मामलों पर प्रभावी रोक लगाने और सटीक डेटा एकत्र करने के उद्देश्य से कैंसर को एक ‘अधिसूचित रोग’ (Notified Disease) घोषित कर दिया है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी नए दिशा-निर्देशों के अनुसार, अब राज्य के सभी सरकारी अस्पतालों, निजी नर्सिंग होम, पैथोलॉजी लैब, मेडिकल कॉलेजों और कैंसर केयर एनजीओ के लिए अनिवार्य होगा कि वे कैंसर की पुष्टि होने के 30 दिनों के भीतर मरीज की पूरी जानकारी निर्धारित प्रारूप में शासन को भेजें। यह ऐतिहासिक निर्णय सुप्रीम कोर्ट द्वारा 11 अगस्त 2026 को राज्यों को दी गई उस सलाह के संदर्भ में लिया गया है, जिसमें राष्ट्रीय स्तर पर कैंसर रजिस्ट्री को मजबूत करने और अनिवार्य रिपोर्टिंग लागू करने का निर्देश दिया गया था। अब तक स्वैच्छिक रिपोर्टिंग के कारण राज्य के पास कैंसर मरीजों का सटीक और अद्यतन आंकड़ा उपलब्ध नहीं हो पाता था। इस नई व्यवस्था से न केवल अनुसंधान, प्रशिक्षण और क्षेत्रीय प्रभाव के अध्ययन में मदद मिलेगी, बल्कि सरकार को कैंसर की रोकथाम और मेडिकल इन्फ्रास्ट्रक्चर के लिए बजट व संसाधन तय करने में भी बेहद आसानी होगी।
बिजली बिल बकायादारों पर सख्त कार्रवाई: रायपुर में 36 सरकारी दफ्तरों के कनेक्शन कटे
Administrative Action: बिजली बिलों की बकाया वसूली को लेकर छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत वितरण कंपनी ने राजधानी रायपुर में आक्रामक रुख अपनाते हुए बड़े पैमाने पर डिस्कनेक्शन अभियान शुरू कर दिया है। समय सीमा बीतने के बावजूद 1.73 करोड़ रुपये से अधिक का बिल जमा न करने पर बिजली कंपनी ने अब तक 36 प्रमुख सरकारी कार्यालयों के बिजली कनेक्शन काट दिए हैं। इस कार्रवाई की जद में रजिस्ट्री ऑफिस और नगर निगम के कई जोन कार्यालय भी आए हैं, जिससे प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप मच गया है। कंपनी के अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि वसूली अभियान में सरकारी और निजी उपभोक्ताओं के बीच कोई भेदभाव नहीं किया जाएगा। रायपुर के सर्किलों में 3,000 रुपये से अधिक के बकाया वाले 322 सरकारी भवनों को नोटिस थमाए गए थे, जिनमें से कई ने ध्यान नहीं दिया। दूसरी ओर, उरला, भनपुरी, रावांभाठा और सिलतरा जैसे औद्योगिक क्षेत्रों में भी व्यावसायिक व निजी इकाइयों पर करीब 5 करोड़ रुपये का बकाया है। लगातार दी जा रही चेतावनी के बाद अब तक 1.28 करोड़ रुपये की रिकवरी की जा चुकी है, जबकि बिल जमा न करने वाले स्मार्ट मीटरों को सीधे काटा जा रहा है।
झीरम घाटी फैसले के खिलाफ अपील: बस्तर का आदिवासी समाज जुटाएगा 20 रुपये चंदा
Legal Update: 25 मई 2013 को हुए दर्दनाक झीरम घाटी नक्सली हमले पर एनआईए (NIA) विशेष अदालत के हालिया फैसले से असंतुष्ट बस्तर के आदिवासी समाज ने मामले को हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट ले जाने का बड़ा फैसला लिया है। बस्तर संभाग के छह जिलों—बस्तर, दंतेवाड़ा, बीजापुर, सुकमा, कोंडागांव और नारायणपुर—के आदिवासी प्रतिनिधियों और सजा पाए आरोपियों के परिजनों की एक उच्च स्तरीय बैठक में अदालत के निष्कर्षों और एनआईए की जांच प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाए गए। कानूनी लड़ाई का वित्तीय बोझ उठाने के लिए समाज ने बस्तर संभाग के प्रत्येक आदिवासी परिवार से 20-20 रुपये का सहयोग अंशदान जुटाने का निर्णय लिया है। समाज की मांग है कि आत्मसमर्पित नक्सलियों के बयानों का पुनर्मूल्यांकन किया जाए और घटना के पीछे छिपी राजनीतिक साजिश की नए सिरे से निष्पक्ष जांच हो। दूसरी ओर, इस मुद्दे पर प्रदेश कांग्रेस भी राजीव भवन में प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज की अध्यक्षता में बैठक कर आगे की कानूनी व राजनीतिक रणनीति तैयार कर रही है, जिसमें पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और शहीद नेताओं के परिजन शामिल होंगे।
निलंबित DSP कल्पना वर्मा विवाद: कारोबारी ने 2 करोड़ के गिफ्ट देने में बेचा घरबार
Crime Update: छत्तीसगढ़ पुलिस सेवा की निलंबित डीएसपी कल्पना वर्मा और बिलासपुर के होटल कारोबारी दीपक टंडन के बीच का विवाद अब वित्तीय लेन-देन के बेहद संगीन खुलासों के साथ पुलिस मुख्यालय पहुंच गया है। दुर्ग आईजी अमरेश मिश्रा द्वारा डीजीपी को सौंपी गई 1,482 पन्नों की विस्तृत जांच रिपोर्ट में सामने आया है कि कारोबारी दीपक टंडन ने डीएसपी को आकर्षित करने और संबंध बनाए रखने के चक्कर में लगभग 2 करोड़ रुपये के नकद, ऑनलाइन ट्रांसफर और महंगे सोने-हीरे के आभूषण उपहार स्वरूप दिए। बैंक स्टेटमेंट्स और फॉरेंसिक जांच के मुताबिक, इन महंगे उपहारों को खरीदने के लिए कारोबारी ने अपनी फॉर्च्यूनर कार बेची, 65 लाख और 19 लाख रुपये में अपने दो मकान बेचे, वर्धमान ज्वैलर्स के पास सोना गिरवी रखकर 26 लाख रुपये लिए और बैंकों से भारी-भरकम होम लोन टॉप-अप कराया। सिविल सेवा आचरण नियमों के गंभीर उल्लंघन के आधार पर कल्पना वर्मा को फरवरी 2026 में निलंबित किया गया था। हालांकि, जांच रिपोर्ट 14 जनवरी 2026 को पुलिस मुख्यालय भेजे जाने के बावजूद अंतिम अनुशासनात्मक कार्रवाई अधर में लटकी हुई है, जिस पर पुलिस महानिदेशक ने जांच जारी रहने की बात कही है।
कांग्रेस में अमित जोगी की वापसी पर फिर ब्रेक: 36 निष्कासित नेताओं की अर्जी पर मंथन
Politics: प्रदेश कांग्रेस कमेटी की अनुशासन समिति की राजीव भवन में हुई महत्वपूर्ण बैठक के बाद जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) के अध्यक्ष अमित जोगी, उनकी माता डॉ. रेणु जोगी और पूर्व विधायक बृहस्पति सिंह की कांग्रेस में वापसी का मामला एक बार फिर ठंडे बस्ते में चला गया है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज और अनुशासन समिति के अध्यक्ष धनेन्द्र साहू की मौजूदगी में विधानसभा व नगरीय निकाय चुनावों के दौरान पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल रहे करीब 36 नेताओं के आवेदनों पर बिंदुवार चर्चा की गई। यद्यपि कई स्थानीय नेताओं की वापसी पर सहमति बनी है, लेकिन जोगी परिवार के आवेदन पर प्रदेश संगठन के शीर्ष नेताओं के बीच एकराय नहीं बन सकी है। जोगी कांग्रेस का कांग्रेस में विलय करने के अमित जोगी के प्रस्ताव को समिति ने फिलहाल ‘विचाराधीन’ रखते हुए टाल दिया है। इसी तरह चुनाव के बाद सार्वजनिक बयानबाजी करने वाले बृहस्पति सिंह के मामले में भी संबंधित जिला कांग्रेस कमेटियों से अंतिम अभिमत मांगा गया है। अनुशासन समिति की अगली बैठक में प्राप्त रिपोर्टों के आधार पर ही इन प्रमुख चेहरों के भविष्य पर अंतिम फैसला लिया जाएगा।
बीजापुर के जंगलों में पुलिस की बड़ी कामयाबी: नक्सलियों का हथियारों का खजाना जब्त
Security Forces: छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग अंतर्गत बीजापुर जिले में सुरक्षाबलों ने नक्सल उन्मूलन अभियान के तहत एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए नक्सलियों द्वारा जमीन के नीचे छिपाया गया हथियारों का बड़ा जखीरा (डंप) बरामद किया है। पुलिस अधीक्षक उमेश प्रसाद गुप्ता के मार्गदर्शन और एएसपी (नक्सल) अमन झा के नेतृत्व में चलाए गए इस ऑपरेशन में डीआरजी (DRG) और भैरमगढ़ थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने उतला गांव के घने जंगलों में दबिश देकर इस डंप को सुरक्षित बाहर निकाला। जब्त की गई हथियार सामग्री में 1 नग AK-47 रायफल, 1 नग .315 बोर रायफल, 1 नग सिंगल शॉट रायफल, 1 नग 9 एमएम पिस्टल, AK-47 की 2 मैगजीन तथा 45 जिंदा कारतूस, 9 एमएम के 25 कारतूस और .315 बोर के 6 जिंदा राउंड शामिल हैं। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, यह महत्वपूर्ण सफलता हाल ही में आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों से की गई कड़ी पूछताछ और उनके द्वारा दी गई सटीक खुफिया जानकारी के आधार पर मिली है। पुलिस अब इस इलाके में सर्चिंग अभियान और तेज कर चुकी है ताकि नक्सलियों के अन्य संभावित ठिकानों को भी ध्वस्त किया जा सके।
महानदी जल विवाद का जल्द होगा स्थायी समाधान: CM साय ने ओडिशा CM माझी से की मुलाकात
Government: छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने रविवार को भुवनेश्वर स्थित मुख्यमंत्री निवास में ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी से एक सौहार्दपूर्ण माहौल में शिष्टाचार मुलाकात की। इस उच्च स्तरीय बैठक में दोनों पड़ोसी राज्यों के बीच सामाजिक, सांस्कृतिक और आर्थिक संबंधों को मजबूत करने के साथ-साथ बुनियादी ढांचे के विकास और जनहित से जुड़े साझा मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई। दोनों राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने माना कि भौगोलिक निकटता के कारण दोनों प्रदेशों का विकास एक-दूसरे पर काफी हद तक निर्भर है। बैठक के बाद मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सबसे संवेदनशील ‘महानदी जल विवाद’ पर बड़ा बयान देते हुए कहा कि लंबे समय से चले आ रहे इस अंतरराज्यीय विवाद के समाधान के लिए अब बेहद सकारात्मक माहौल बन चुका है। उन्होंने रेखांकित किया कि वर्तमान में छत्तीसगढ़ और ओडिशा दोनों ही राज्यों में भारतीय जनता पार्टी की सरकारें हैं और केंद्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार है। इस ट्रिपल-इंजन समन्वय और सकारात्मक संवाद के बल पर महानदी के जल बंटवारे से जुड़े जटिल मुद्दे का बहुत जल्द दोनों राज्यों के किसानों और जनता के हित में सर्वसम्मति से स्थायी समाधान निकाल लिया जाएगा।
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