छत्‍तीसगढ़ में आफत की बारिश: 12 साल बाद जलमग्न हुआ रायपुर का महादेवघाट पुल, धमतरी में बही कार, दुर्ग व बस्तर में फंसे सैकड़ों लोग

रायपुर. Chhattisgarh Flood News:छत्तीसगढ़ में बीते 36 घंटों से जारी मूसलाधार बारिश ने प्रदेश भर में तबाही मचा दी है। हालांकि अब बारिश की रफ्तार थोड़ी थमी है, लेकिन नदियों-नालों के उफान और बांधों से लगातार छोड़े जा रहे पानी की वजह से कई शहरों व ग्रामीण इलाकों में बाढ़ जैसी गंभीर स्थिति पैदा हो गई है। राजधानी रायपुर में 12 साल बाद ऐसा नजारा देखने को मिला, जब ऐतिहासिक महादेवघाट पुल पूरी तरह पानी में डूब गया। पुल के ऊपर करीब 2 फीट तक पानी बह रहा है।

मौसम विभाग के अनुसार, बंगाल की खाड़ी में बने डिप्रेशन के दक्षिण ओडिशा और दक्षिण छत्तीसगढ़ की तरफ बढ़ने के कारण नमी बढ़ी, जिससे पूरे प्रदेश में भीषण बारिश दर्ज की गई।

रायपुर में जलभराव से हाहाकार, करंट का खतरा

राजधानी रायपुर के निचले इलाकों की हालत बेहद खराब है। इंद्रप्रस्थ कॉलोनी (फेस-2, EWS B ब्लॉक), प्रोफेसर कॉलोनी और काठाडीह BSUP कॉलोनी के सैकड़ों घरों में पानी घुस चुका है। सुरक्षा के मद्देनजर कई क्षेत्रों की बिजली काट दी गई है, वहीं पैनल बोर्ड में करंट आने की शिकायतों से लोगों में दहशत का माहौल है। भाटागांव इलाके में सड़कों पर पानी भरने से कई कारें और ट्रक बीच रास्ते में फंस गए। हालात को देखते हुए प्रदेश के सभी स्कूलों में आज छुट्टी घोषित कर दी गई है।

धमतरी: उफनते नाले में बही कार, गंगरेल बांध के 14 गेट खुले

धमतरी जिले में हालात बेहद नाजुक बने हुए हैं। भखारा-जोरातराई मार्ग पर जलमग्न पुल को पार करने की कोशिश में एक कार तेज बहाव में बह गई। कार में सवार दो युवकों ने सूझबूझ दिखाते हुए कार का कांच तोड़ा और तैरकर अपनी जान बचाई।

जिले के सबसे बड़े गंगरेल बांध के सभी 14 गेट खोल दिए गए हैं, जिनसे करीब 2.51 लाख क्यूसेक पानी महानदी में छोड़ा जा रहा है। इसके अलावा सोढूर, दुधावा और मुरुमसिल्ली बांधों के गेट खोलकर पानी की निकासी की जा रही है। गंगरेल के निचले इलाकों के 12 गांवों में अलर्ट जारी कर 25 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट किया गया है।

दुर्ग: शिवनाथ नदी का तांडव, SDRF ने रातभर में 100 से अधिक लोगों को निकाला

दुर्ग में शिवनाथ नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। राजनांदगांव के बैराजों से लगातार पानी छोड़े जाने के कारण महमरा एनीकट पर पानी 12 फीट ऊपर तक चला गया है। कुम्हारी के परसदा स्थित जगदीश बाड़ी में पानी घुसने के बाद देर रात से सुबह तक नगर सेना और SDRF की टीमों ने मोर्चा संभाला।

बचाव दल ने बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों सहित 100 से अधिक लोगों को सुरक्षित रेस्क्यू कर राहत शिविरों में पहुंचाया। शिवनाथ के पुराने पुल पर गणेश विसर्जन की प्रक्रिया को एहतियातन रोक दिया गया है।

राजिम में त्रिवेणी संगम उफान पर, एनएच पर 4 फीट पानी

धार्मिक नगरी राजिम में त्रिवेणी संगम के उफान पर आने से भगवान कुलेश्वरनाथ जी का प्राचीन मंदिर चारों तरफ से पानी से घिर गया है। तट पर स्थित लोमश ऋषि का आश्रम भी जलमग्न हो चुका है। नेशनल हाईवे पर करीब 4 फीट तक पानी भर जाने से यातायात पूरी तरह ठप हो गया है।

बस्तर में रेल और हवाई सेवाएं ठप, 380 लोग राहत शिविरों में

दक्षिण छत्तीसगढ़ यानी बस्तर संभाग में भी बारिश ने भारी तबाही मचाई है। इंद्रावती नदी का जलस्तर बढ़ने और मालिगुड़ा-छतरिपुट के बीच हुए लैंडस्लाइड की वजह से विशाखापट्टनम और राउरकेला रूट की 6 यात्री ट्रेनें रद्द कर दी गई हैं। जगदलपुर-हैदराबाद फ्लाइट भी रद्द करनी पड़ी। बस्तर जिला प्रशासन ने 9 राहत शिविर बनाकर 380 से अधिक बाढ़ प्रभावितों को सुरक्षित वहां ठहराया है।

अगले 24 घंटे फिर भारी बारिश का अलर्ट

मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि अगले 24 घंटों के दौरान छत्तीसगढ़ के कई हिस्सों में गरज-चमक के साथ फिर तेज बारिश हो सकती है। इस दौरान 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और आकाशीय बिजली गिरने की आशंका है। प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि वे उफनती नदियों, नालों और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहें।

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