
Raipur Lawrence Bishnoi Extortion Call Fake: रायपुर में लॉरेंस बिश्नोई गैंग के नाम पर पूर्व महापौर एजाज ढेबर से 50 करोड़ रुपये की फिरौती मांगने के मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। इस सनसनीखेज साजिश का मास्टरमाइंड कोई नामी गैंगस्टर नहीं, बल्कि पूर्व मेयर का सगा भतीजा शोएब ढेबर निकला है। पुलिस कमिश्नरेट की टीम ने टेक्निकल सर्विलांस और साइबर सेल की मदद से बीती रात गुप्त ठिकाने पर दबिश देकर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। अपने ही परिवार के सदस्य द्वारा इतनी बड़ी रकम वसूलने की साजिश रचे जाने से पुलिस अफसर भी हैरान हैं।
विदेशी नंबर से आई थी कॉल, 50 करोड़ न देने पर दी थी धमकी
Shoaib Dhebar Arrested Extortion Case Raipur: करीब एक हफ्ता पहले रायपुर के ढेबर परिवार (पूर्व मेयर एजाज ढेबर और अनवर ढेबर) को एक अनजान विदेशी नंबर से धमकी भरा फोन आया था। कॉल करने वाले ने खुद को लॉरेंस बिश्नोई गैंग का सक्रिय सदस्य बताते हुए सीधे 50 करोड़ रुपये की मांग की थी। पैसे न देने की स्थिति में जान से मारने की चेतावनी दी गई थी। पीड़ित परिवार की शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने तत्काल मामला दर्ज कर जांच शुरू की और कॉल की लोकेशन तथा डिजिटल साक्ष्यों को खंगालना शुरू किया।

डिजिटल सबूतों ने खोला सगे भतीजे की साजिश का पर्दाफाश
Lawrence Bishnoi Gang Fake Threat Call: साइबर सेल ने जब फोन कॉल के रूट और डिजिटल फुटप्रिंट्स का मिलान किया, तो कड़ियां सीधे परिवार के भीतर ही जुड़ती दिखीं। जांच में सामने आया कि आरोपी भतीजे शोएब ढेबर ने चाचा की संपत्ति को ध्यान में रखकर ही 50 करोड़ रुपये का भारी-भरकम आंकड़ा तय किया था। आरोपी ने पुलिस की नजरों से बचने के लिए विदेशी नंबर का सहारा लिया था। गहन पड़ताल के बाद जब पर्याप्त सबूत हाथ लग गए, तब पुलिस ने दबिश देकर आरोपी को हिरासत में ले लिया।
कांग्रेस नेता से भी 25 करोड़ वसूलने की कोशिश का शक
जांच के दौरान पुलिस के सामने कई अन्य चौंकाने वाले तथ्य भी आए हैं। सूत्रों के अनुसार कुछ महीने पहले स्थानीय कांग्रेस नेता आनंद कुकरेजा को भी लॉरेंस बिश्नोई गैंग के नाम पर 25 करोड़ रुपये की रंगदारी का फोन आया था। पुलिस को संदेह है कि वह कॉल भी शोएब ढेबर ने ही किया था। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि यह गिरोह सिर्फ ढेबर परिवार तक सीमित था या राज्य के अन्य प्रमुख कारोबारियों को भी इस तरह के फर्जी कॉल करके डराया गया है।

रिमांड पर लेकर पुलिस करेगी गिरोह के अन्य साथियों की तलाश
पुलिस अधिकारियों का मानना है कि इस पूरे घटनाक्रम में शोएब ढेबर अकेला शामिल नहीं था। इतनी बारीकी से साजिश रचने और फर्जी नंबरों की व्यवस्था करने में उसके कुछ करीबी साथियों का हाथ हो सकता है। फिलहाल पुलिस आरोपी से कड़ाई से पूछताछ कर रही है। साक्ष्यों को मजबूत करने के बाद आरोपी को अदालत में पेश कर पुलिस रिमांड पर लिया जाएगा, ताकि इस फर्जी नेटवर्क से जुड़े बाकी चेहरों को भी सामने लाया जा सके।



