VIDEO: शिक्षक भर्ती स्थगित होने पर भड़के मंत्री गजेंद्र यादव, अभ्यर्थियों को लेकर कही बड़ी बात

CG Teacher Bharti Stay Gajendra Yadav Statement: छत्तीसगढ़ में सहायक शिक्षक और शिक्षक भर्ती परीक्षा पर हाई कोर्ट द्वारा रोक लगाए जाने के बाद राज्य की राजनीति और प्रशासनिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है। प्रदेश के शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने इस पूरे घटनाक्रम पर सख्त प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा है कि भर्ती प्रक्रिया को इस तरह कानूनी अड़चनों में उलझाने से हजारों बेरोजगार अभ्यर्थियों का भविष्य सीधे तौर पर प्रभावित हो रहा है। उन्होंने अभ्यर्थियों को आश्वस्त किया है कि राज्य सरकार अदालत के समक्ष अपना पक्ष पूरी मजबूती और पारदर्शिता के साथ रखेगी ताकि भर्ती प्रक्रिया जल्द से जल्द दोबारा शुरू हो सके।

दुर्ग में शिक्षा मंत्री का बड़ा बयान: युवाओं के भविष्य से जुड़ा है फैसला

CG Teacher Recruitment High Court Order: दुर्ग में मीडिया से चर्चा करते हुए शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने कहा कि यह बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण और दुखद बात है। उन्होंने बताया कि हमारी सरकार ने हाल ही में दिव्यांगों के लिए विशेष तौर पर स्पेशल एजुकेटर के पद निकाले थे, जिनमें से 100 पदों में मुश्किल से 65 लोग ही भर पाए थे। इसके बावजूद इस शिक्षक भर्ती प्रक्रिया को जानबूझकर कानूनी दांव-पेच में उलझाते हुए कोर्ट में याचिका दायर कर दी गई, जबकि 11 अक्टूबर को इसकी परीक्षा प्रस्तावित थी। मंत्री ने याचिकाकर्ताओं से अपील करते हुए कहा कि इस तरह की अड़चनों से हजारों युवा अभ्यर्थी जो महीनों से कढ़ी मेहनत कर तैयारी कर रहे थे, उनका भविष्य अधर में लटक गया है और उनका करीब छह महीने का बहुमूल्य समय खराब हो चुका है। उन्होंने कहा कि हालांकि हमें अदालत के आदेश का पालन करना होगा और सरकार अपना पक्ष भी मजबूती से रखेगी, लेकिन साथ ही मैं न्यायालय से प्रार्थना करता हूँ कि बाकी बची हुई परीक्षाओं को जारी रखने की अनुमति दी जानी चाहिए।

देखें वीडियो-

हाई कोर्ट ने दृष्टिबाधित अभ्यर्थियों को अवसर न देने पर राज्य सरकार से मांगा जवाब

CG Shikshak Bharti 2026 Legal Controversy: यह पूरा विवाद बिलासपुर हाई कोर्ट की चीफ जस्टिस कृष्ण राम महापात्र और जस्टिस संतोष शर्मा की खंडपीठ के समक्ष पहुंचा है। याचिकाकर्ताओं की ओर से अदालत में दलील दी गई थी कि भर्ती विज्ञापन और शुद्धिपत्र में सामान्य प्रशासन व समाज कल्याण विभाग के दिशा-निर्देशों की अनदेखी की गई है। विज्ञापन में अन्य दिव्यांग श्रेणियों को आरक्षण दिया गया, लेकिन पूर्णतः दृष्टिबाधित अभ्यर्थियों को इस प्रक्रिया से बाहर रखा गया, जो उनके संवैधानिक अधिकारों का उल्लंघन है। खंडपीठ ने प्रथम दृष्टया राज्य के इस रुख पर सवाल उठाते हुए सरकार को नोटिस जारी किया है।

11 और 25 अक्टूबर को होने वाली दोनों परीक्षाएं टलीं, 3 हफ्ते बाद होगी अगली सुनवाई

CG High Court Teacher Recruitment Stay: हाई कोर्ट के कड़े रुख के बाद कर्मचारी चयन मंडल (व्यापमं) ने परीक्षा स्थगित करने का आदेश जारी कर दिया है। अदालत के निर्देशानुसार:

  • 11 अक्टूबर 2026: सहायक शिक्षक भर्ती परीक्षा का आयोजन नहीं किया जाएगा।
  • 25 अक्टूबर 2026: शिक्षक चयन परीक्षा को भी स्थगित कर दिया गया है।

न्यायालय ने स्पष्ट किया है कि यह अंतरिम रोक तब तक प्रभावी रहेगी जब तक कि विज्ञापन में सभी आरक्षित श्रेणियों को शामिल कर पात्र उम्मीदवारों को आवेदन का अवसर नहीं दे दिया जाता। मामले की अगली सुनवाई तीन सप्ताह बाद तय की गई है।

नया शुद्धिपत्र या नया विज्ञापन जारी करने के लिए स्वतंत्र है राज्य सरकार

CG Vyapam Teacher Exam Cancelled Today: अदालत ने अपने आदेश में यह भी साफ कर दिया है कि यह अंतरिम स्थगन आदेश राज्य शासन को प्रचलित नियमों और आरक्षण नीति के अनुरूप नया शुद्धिपत्र जारी करने या सभी श्रेणियों को शामिल करते हुए संशोधित भर्ती प्रक्रिया शुरू करने से नहीं रोकता है। ऐसे में अब सभी की निगाहें शिक्षा विभाग और राज्य सरकार के अगले कानूनी कदम पर टिकी हुई हैं। विभाग जल्द ही हाई कोर्ट में जवाब पेश कर संशोधित रोस्टर के साथ भर्ती को पटरी पर लाने का प्रयास करेगा।

Also Read: CG Atmanand School Recruitment 2026: आत्मानंद स्कूलों में 1812 पदों पर बंपर भर्ती जारी! जानिए आवेदन तिथि, योग्यता और पूरी प्रक्रिया

दक्षिण कोसल का Whatsapp Group ज्वाइन करे

Ravi Pratap Pandey

रवि पिछले 7 वर्षों से छत्तीसगढ़ में सक्रिय पत्रकार हैं। उन्होंने राज्य के सामाजिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक पहलुओं पर गहराई से रिपोर्टिंग की है। जमीनी हकीकत को उजागर करने और आम जनता की आवाज़ को मंच देने के लिए वे लगातार लेखन और रिपोर्टिंग करते रहे हैं।

Related Articles

Back to top button