
Gold Silver Rates Today: धनतेरस, दिवाली और आगामी शादियों के सीजन से ठीक पहले सोना और चांदी खरीदने की योजना बना रहे लोगों के लिए राहत भरी खबर आई है। सर्राफा बाजार में शुक्रवार 23 अक्टूबर 2026 को सोने और चांदी दोनों की कीमतों में नरमी देखने को मिली है। घरेलू बाजार में चौबीस कैरेट सोना लगभग शून्य दशमलव छह-एक प्रतिशत की गिरावट के साथ 1,42,750 रुपये प्रति दस ग्राम पर आ गया है। वहीं चांदी की कीमत में लगभग दो प्रतिशत की बड़ी गिरावट दर्ज की गई है, जिसके बाद चांदी का भाव 1,96,510 रुपये प्रति किलोग्राम तक आ गया है।
अंतरराष्ट्रीय बाजार और क्रूड ऑयल के असर से गिर रहे हैं दाम
Gold Silver Price Drop Today 2026: वैश्विक बाजार में गुरुवार देर रात सोने के दाम दो सप्ताह से अधिक के निचले स्तर पर पहुंच गए। कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के कारण महंगाई को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं, जिससे निवेशकों का ध्यान अमेरिकी फेडरल रिजर्व की आगामी ब्याज दर नीति पर टिक गया है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में स्पॉट गोल्ड 2.2 प्रतिशत गिरकर 4,051.55 डॉलर प्रति औंस पर बंद हुआ, जबकि अमेरिकी गोल्ड फ्यूचर्स में भी गिरावट दर्ज की गई। चूंकि सोना सीधे तौर पर कोई ब्याज नहीं देता, इसलिए बॉन्ड यील्ड और ब्याज दरें बढ़ने पर निवेशक सोने के बजाय अन्य वित्तीय विकल्पों को तरजीह देने लगते हैं।
देश के प्रमुख शहरों में आज का सोना-चांदी का भाव
देश के अलग-अलग महानगरों और प्रमुख शहरों में 23 अक्टूबर 2026 को सोने और चांदी के खुदरा भाव इस प्रकार दर्ज किए गए हैं:
| शहर का नाम | 24 कैरेट सोना (रुपये/10 ग्राम) | 22 कैरेट सोना (रुपये/10 ग्राम) | चांदी 999 शुद्धता (रुपये/किलोग्राम) |
| नई दिल्ली | 1,42,250 | 1,30,396 | 1,95,810 |
| मुंबई | 1,42,320 | 1,30,460 | 1,95,940 |
| कोलकाता | 1,42,130 | 1,30,286 | 1,95,680 |
| बेंगलुरु | 1,42,430 | 1,30,561 | 1,96,090 |
| हैदराबाद | 1,42,550 | 1,30,671 | 1,96,250 |
| चेन्नई | 1,42,740 | 1,30,845 | 1,96,510 |
रायपुर सर्राफा बाजार: सोने और चांदी के आज के ताजा भाव
Gold Price Today Raipur: छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के स्थानीय सर्राफा बाजार में सोना और चांदी की कीमतों की विस्तृत विवरणिका नीचे दी गई है। त्योहारी सीजन के मद्देनजर निवेशक और खरीदार इन दरों के आधार पर अपनी खरीदारी की योजना बना सकते हैं।
| धातु एवं शुद्धता का प्रकार | प्रति 1 ग्राम (रुपये) | प्रति 10 ग्राम (रुपये) | प्रति किलोग्राम (रुपये) |
| 24 कैरेट सोना (शुद्ध सोना – 999) | ₹14,676 | ₹1,46,758 | – |
| 22 कैरेट सोना (गहने वाला सोना – 916) | ₹13,443 | ₹1,34,430 | – |
| 18 कैरेट सोना (लाइटवेट ज्वैलरी) | ₹11,007 | ₹1,10,068 | – |
| चांदी (999 शुद्धता बुलियन) | ₹202 – ₹220 | ₹2,020 – ₹2,200 | ₹1,93,000 – ₹2,20,000 |
नोट: सर्राफा बाजार के इन खुदरा दामों में जीएसटी (3%), मेकिंग चार्ज और स्थानीय एसोसिएशन के शुल्क शामिल नहीं हैं। आभूषण खरीदते समय अंतिम देय राशि में ये शुल्क जुड़ सकते हैं।
वायदा बाजार (MCX) में भी कमजोर हुए सोना और चांदी के सौदे
भारतीय वायदा बाजार यानी मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर भी शुक्रवार सुबह दोनों कीमती धातुओं में सुस्ती दिखाई दी। सुबह के कारोबार में एमसीएक्स पर सोने का वायदा भाव 0.66 प्रतिशत की गिरावट के साथ 1,42,680 रुपये प्रति दस ग्राम पर कारोबार कर रहा था। वहीं चांदी का वायदा अनुबंध लगभग 1.99 प्रतिशत की नरमी के साथ 1,96,390 रुपये प्रति किलोग्राम पर था। जानकारों का कहना है कि वायदा बाजार और स्थानीय खुदरा सर्राफा बाजार के भाव में थोड़ा अंतर हो सकता है, क्योंकि ज्वेलर्स स्थानीय संघों के आधार पर भी दरें तय करते हैं।
22 और 24 कैरेट सोने में क्या अंतर होता है?
आम ग्राहकों को खरीदारी से पहले सोने की शुद्धता का गणित समझना जरूरी है। 24 कैरेट सोना सबसे शुद्ध यानी 99.9 प्रतिशत शुद्ध माना जाता है, लेकिन यह बहुत मुलायम होता है, इसलिए इसका उपयोग मुख्य रूप से बिस्कुट, सिक्के और बार बनाने में होता है। दूसरी ओर, आभूषण बनाने के लिए 22 कैरेट सोने का इस्तेमाल किया जाता है, जिसमें तांबा या जस्ता मिलाकर इसे मजबूत बनाया जाता है। वहीं चांदी की बात करें तो 999 शुद्धता वाली चांदी में 99.9 प्रतिशत चांदी की मात्रा होती है, जिसका उपयोग सिक्के और बर्तन बनाने में होता है।
त्योहारी सीजन में क्या यह सोना खरीदने का सही समय है?
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, केवल एक दिन की गिरावट देखकर निवेश का फैसला नहीं करना चाहिए। यदि आप निजी इस्तेमाल के लिए गहने बनवा रहे हैं, तो 22 कैरेट सोने का रेट आपके लिए अधिक प्रासंगिक होगा। अंतिम बिल तैयार होते समय ज्वेलर्स इसमें मेकिंग चार्ज और तीन प्रतिशत जीएसटी भी जोड़ते हैं। वहीं लंबी अवधि के निवेशकों को केवल तात्कालिक नरमी देखने के बजाय अंतरराष्ट्रीय बाजार में डॉलर की चाल, अमेरिकी फेडरल रिजर्व की बैठकों के नतीजों और घरेलू बाजार की मांग पर नजर रखनी चाहिए।



