
Dhamtari Leopard Death News: छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले के अंतर्गत आने वाले केरेगांव वन परिक्षेत्र से एक बड़ी खबर सामने आई है। यहां जंगल के भीतर एक तीन से चार साल की मादा तेंदुए का संदिग्ध परिस्थितियों में शव बरामद किया गया है। घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंच गई और शव को कब्जे में ले लिया। तेंदुए की मौत का वास्तविक कारण अभी स्पष्ट नहीं हो पाया है, और सभी की निगाहें पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर टिकी हुई हैं।
जाम नाला के पास मिला पांच से छह दिन पुराना शव
Dhamtari News: मिली जानकारी के अनुसार यह मामला केरेगांव वन परिक्षेत्र के अंतर्गत बीजापुर गांव से महज एक किलोमीटर दूर जाम नाला के पास का है। अधिकारियों के मुताबिक मृत मादा तेंदुए की उम्र लगभग तीन से चार वर्ष आंकी गई है। शव की दयनीय और खराब हालत को देखकर यह अनुमान लगाया जा रहा है कि उसकी मौत करीब पांच से छह दिन पहले हो चुकी होगी।

दुर्गंध फैलने पर स्थानीय लोगों को चला तेंदुए के शव का पता
Dhamtari Forest Department Investigation: घटनास्थल के आसपास तेज दुर्गंध फैलने के बाद स्थानीय ग्रामीणों को इस बात की भनक लगी। लोगों ने तुरंत इसकी सूचना वन विभाग के अधिकारियों को दी। मौके पर पहुंचने पर वन कर्मियों ने देखा कि शव काफी हद तक सड़ चुका था और उसमें कीड़े भी पड़ चुके थे। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ अधिकारियों को तुरंत मामले से अवगत कराया गया।
तेंदुए के सभी अंग सुरक्षित मिलने से शिकार की आशंका हुई खारिज
वन विभाग की टीम ने जब शव की बारीकी से जांच की तो राहत की बात यह रही कि तेंदुए के पैर, नाखून, मूंछ, दांत और पूंछ समेत शरीर के सभी महत्वपूर्ण अंग पूरी तरह सुरक्षित मिले। इन अंगों के अपनी जगह पर होने से यह साफ हो गया है कि इस घटना में शिकार या तस्करी जैसी किसी अवैध गतिविधि की संभावना नहीं है, जिससे अधिकारियों ने थोड़ी राहत की सांस ली है।
जहरीला पानी या भूख बनी मौत की वजह, पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार
विशेषज्ञों और वन अधिकारियों के शुरुआती अनुमान के मुताबिक मादा तेंदुए की मौत या तो जहरीला पानी पीने से हुई है या फिर अत्यधिक कमजोरी व भूख के कारण। पशु चिकित्सकों द्वारा किए गए पोस्टमार्टम के दौरान मृत तेंदुए के पेट में भोजन का कोई भी अंश नहीं पाया गया है। फिलहाल विसरा और पोस्टमार्टम की विस्तृत रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की असल वजह का खुलासा हो सकेगा।


