
AI Fake Marriage Bureau Fraud Durg: छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में कृत्रिम बुद्धिमत्ता यानी एआई (AI) तकनीक का दुरुपयोग कर लोगों को शादी का झांसा देने और ठगी करने वाले एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश हुआ है। थाना सुपेला पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए फर्जी मैरिज ब्यूरो का संचालन करने वाले मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी सोशल मीडिया पर काल्पनिक युवतियों की खूबसूरत तस्वीरें अपलोड कर विवाह के इच्छुक भोले-भाले लोगों को अपने जाल में फंसाता था और उनसे पैसे ऐंठता था।
उत्तर गंगोत्री इलाके में चल रहा था फर्जी कॉल सेंटर
Durg Fake Marriage Bureau Busted: पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार उनतीस अक्टूबर दो हजार छब्बीस को सुपेला पुलिस को यह पुख्ता सूचना मिली थी कि उत्तर गंगोत्री भवन के पास स्थित एक कमरे में एलिट मैच मैट्रिमोनी के नाम से एक फर्जी कार्यालय संचालित किया जा रहा है। इस स्थान पर संदिग्ध गतिविधियों के जरिए लोगों से ऑनलाइन धोखाधड़ी को अंजाम दिया जा रहा था। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस टीम ने गवाहों की उपस्थिति में मौके पर पहुंचकर औचक दबिश दी।
मौके से संचालक समेत चार युवतियां मिलीं हिरासत में
Cyber Fraud News Supela Durg: पुलिस की रेड कार्रवाई के दौरान कार्यालय के भीतर मैरिज ब्यूरो का मुख्य संचालक परमानंद यादव और चार अन्य युवतियां मौजूद मिलीं। तलाशी के दौरान पुलिस ने मौके से एक कंप्यूटर सेट, इंटरनेट वाई-फाई राउटर, कई कीपैड और एंड्रॉयड मोबाइल फोन, सोलह सिम कार्ड, विभिन्न बैंकों की चेकबुक, पासबुक, क्यूआर कोड और ग्राहकों के नाम दर्ज रजिस्टर बरामद किए हैं। पुलिस ने सभी सामग्री को जब्त कर लिया है।

7000 महीने की तनख्वाह पर रखी गई थीं युवतियां
AI Generated Girls Photo Scam CG: कार्यालय में काम कर रही युवतियों ने पूछताछ के दौरान पुलिस को बताया कि उन्हें एक अच्छी कंपनी में नौकरी दिलाने का भरोसा देकर बुलाया गया था। आरोपी उन्हें सात हजार रुपये प्रतिमाह वेतन देने का लालच देकर दो दिन का प्रशिक्षण भी दिया था। उन्हें मैरिज काउंसलर की जिम्मेदारी सौंपी गई थी, जिसके तहत उन्हें फोन पर ग्राहकों से बात करने और भुगतान के लिए क्यूआर कोड भेजने का काम करना होता था।
AI तकनीक से तैयार की जाती थीं काल्पनिक तस्वीरें
Durg Cyber Crime Arrest 2026: मुख्य आरोपी परमानंद यादव ने पुलिस पूछताछ में खुलासा किया कि वह फ्यूचर पार्टनर, कल्याण मैट्रिमोनी और एलिट मैच मैट्रिमोनी जैसे फर्जी नामों से फेसबुक और इंस्टाग्राम पर पेज चलाता था। वह एआई सॉफ्टवेयर की मदद से सुंदर और काल्पनिक युवतियों की तस्वीरें तैयार करता था और फर्जी मोबाइल नंबरों का इस्तेमाल करके शादी के विज्ञापन प्रसारित करता था, जिससे अन्य राज्यों के लोग उसकी बातों में आ जाते थे।
रजिस्ट्रेशन और बातचीत के नाम पर वसूले जाते थे दो हजार
विवाह के इच्छुक लोग जब विज्ञापन देखकर उससे संपर्क करते थे, तो आरोपी उन्हें उनकी पसंद की लड़की से रिश्ता तय कराने का भरोसा दिलाता था। इसके बाद मैरिज काउंसलर के नाम पर बने बैंक खातों के क्यूआर कोड के जरिए पंजीकरण शुल्क और अन्य मदों में दो हजार रुपये या उससे अधिक की राशि जमा कराई जाती थी। पैसे ट्रांसफर होने के बाद वह पीड़ितों के नंबर ब्लॉक कर देता था।
रोजाना 50 से अधिक लोगों को साधे जाते थे फोन
प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि आरोपी पिछले लगभग तीन महीने से इस अवैध धंधे को संचालित कर रहा था। उसके कार्यालय से प्रतिदिन बीस से पचास लोगों को फोन किए जाते थे और प्राप्त किए जाते थे। जब पुलिस ने उसके बैंक खातों की जांच की, तो पता चला कि भारत सरकार के समन्वय पोर्टल पर इन खातों के खिलाफ पहले से ही कई शिकायतें दर्ज हैं।
विभिन्न बैंकों की पासबुक और एक लाख से अधिक नकदी जब्त
पुलिस ने आरोपी के पास से भारी मात्रा में अवैध सामग्री और नकदी बरामद की है। इनमें बैंक ऑफ बड़ौदा, इंडियन बैंक, फेडरल बैंक, एसबीआई और आईडीबीआई बैंक की चेकबुक व पासबुक शामिल हैं। इसके अलावा मौके से एक लाख चौसठ हजार रुपये नगद, सोलह सिम कार्ड, बाइस कीपैड मोबाइल, चार एंड्रॉयड फोन, एक आईफोन, कंप्यूटर और वाई-फाई उपकरण जब्त किए गए हैं, जिनकी कुल कीमत हजारों में है।
अहिवारा क्षेत्र का रहने वाला है गिरफ्तार मुख्य आरोपी
पुलिस द्वारा गिरफ्तार किया गया मुख्य आरोपी परमानंद यादव चौबीस वर्ष का है और मूल रूप से दुर्ग जिले के नंदनी थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम ओटेबंद का निवासी है। वर्तमान में वह नेहरू नगर ईस्ट क्षेत्र में रह रहा था। पुलिस ने थाना सुपेला में भारतीय न्याय संहिता की धारा ३१७(2) और ३१९(2) के तहत अपराध दर्ज कर उसे न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।
नागरिकों के लिए दुर्ग पुलिस की जरूरी एडवाइजरी
इस मामले के खुलासे के बाद दुर्ग पुलिस ने आम जनता के लिए सतर्कता संदेश जारी किया है। पुलिस ने अपील की है कि शादी या अन्य किसी भी काम के लिए अनजान लोगों द्वारा मांगे जाने वाले पैसे देने से पहले संस्था की सत्यता जरूर जांच लें। सोशल मीडिया पर दिखने वाली तस्वीरों पर आंख मूंदकर भरोसा न करें। किसी भी अनजान व्यक्ति को अपने दस्तावेज, बैंक विवरण या ओटीपी साझा न करें। ऑनलाइन धोखाधड़ी होने पर तुरंत साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क करें।



