छत्तीसगढ़ में खाद वितरण की नई व्यवस्था, अब मोबाइल से होगी बुकिंग और QR कोड से मिलेगा यूरिया

Digital Fertilizer Distribution CG: छत्तीसगढ़ के किसानों को रासायनिक खाद प्राप्त करने में आ रही दिक्कतों को दूर करने के लिए उर्वरक वितरण प्रणाली को पूरी तरह डिजिटल किया जा रहा है। अब किसान अपने मोबाइल फोन के जरिए खाद की बुकिंग कर सकेंगे और डिजिटल टोकन तथा क्यूआर कोड के माध्यम से निर्धारित बिक्री केंद्रों से आसानी से उर्वरक प्राप्त कर सकेंगे। केंद्र और राज्य सरकार की इस पहल का मुख्य उद्देश्य खाद वितरण को पूरी तरह पारदर्शी, व्यवस्थित और किसान-केंद्रित बनाना है। बालोद जिले में कलेक्टर दिव्या उमेश मिश्रा के निर्देशों के बाद कृषि विभाग ने इस नई व्यवस्था का प्रभावी क्रियान्वयन शुरू कर दिया है।

फ्रेमवर्क फॉर फर्टिलाइजर सेल ऐप से होगी ऑनलाइन बुकिंग

Framework For Fertilizer Sale App CG: इस नई डिजिटल व्यवस्था का लाभ उठाने के लिए किसानों को ‘फ्रेमवर्क फॉर फर्टिलाइजर सेल’ यानी एफएफएस मोबाइल ऐप का उपयोग करना होगा। किसान गूगल प्ले स्टोर से इस ऐप को अपने स्मार्टफोन में डाउनलोड कर सकते हैं। इसके बाद निर्धारित प्रक्रिया के तहत पंजीयन पूरा करके अपनी जरूरत के अनुसार खाद की बुकिंग की जा सकती है। बुकिंग पूरी होने के बाद किसान के मोबाइल पर एक डिजिटल टोकन नंबर और क्यूआर कोड जनरेट हो जाता है, जिसे दिखाकर वे खाद प्राप्त कर सकते हैं।

बालोद जिले में शुरू हुई डिजिटल प्रक्रिया, किसानों को मिला यूरिया

QR Code Based Urea Distribution CG: बालोद जिले में इस डिजिटल प्रणाली के माध्यम से उर्वरक वितरण का कार्य मैदानी स्तर पर शुरू हो चुका है। कृषि विभाग से मिली जानकारी के अनुसार गुरुर विकासखंड के अंतर्गत आने वाले ग्राम रजोली के किसान रिसन चंद्राकर, ग्राम परसदा के उदयमन लाल साहू और ग्राम भरदाकला के प्रहलाद निषाद को सहकारी समिति के माध्यम से क्यूआर कोड दिखाकर एक-एक बोरी यूरिया खाद का सफल वितरण किया गया है। इस नई प्रक्रिया के लागू होने से किसानों को बार-बार बिक्री केंद्रों के चक्कर काटने से राहत मिलने की उम्मीद है।

स्मार्टफोन न होने वाले किसानों के लिए कॉमन सर्विस सेंटर की सुविधा

CG Fertilizer Booking Mobile App FFS: जिन किसानों के पास स्मार्टफोन या इंटरनेट की सुविधा उपलब्ध नहीं है, उनके लिए प्रशासन ने वैकल्पिक व्यवस्था भी तैयार की है। ऐसे किसान अपने परिवार के किसी अन्य सदस्य के मोबाइल फोन में ऐप का उपयोग कर सकते हैं। इसके अलावा ग्रामीण क्षेत्रों के किसान अपने नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर यानी सीएससी की मदद से भी खाद की बुकिंग करवा सकते हैं और डिजिटल टोकन या क्यूआर कोड प्राप्त कर सकते हैं। इससे तकनीक से दूर रहने वाले किसानों को भी इस योजना का पूरा लाभ मिल सकेगा।

समितियों के कर्मचारियों को दिया गया विशेष प्रशिक्षण

Balod Collector Initiative Fertilizer System: डिजिटल खाद वितरण प्रणाली के सुचारु संचालन के लिए सहकारी समितियों के प्रबंधकों और अधिकृत उर्वरक विक्रेताओं को विशेष प्रशिक्षण दिया गया है। मास्टर ट्रेनर्स ने संबंधित मैदानी कर्मचारियों को मोबाइल ऐप के संचालन, डिजिटल टोकन जनरेट करने तथा क्यूआर कोड के जरिए उर्वरक वितरण की पूरी प्रक्रिया सिखाई है। इसके साथ ही ग्रामीण स्तर पर किसानों को जागरूक करने के लिए विभिन्न गतिविधियां चलाई जा रही हैं ताकि वे इस नई तकनीक का आसानी से उपयोग कर सकें।

कृषि विभाग की मदद और पारदर्शी वितरण प्रणाली के लाभ

यदि किसी किसान को ऐप डाउनलोड करने, पंजीयन करने या खाद की बुकिंग के दौरान किसी भी प्रकार की तकनीकी परेशानी का सामना करना पड़ता है, तो वह अपने क्षेत्र के ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी से संपर्क कर सहायता ले सकता है। कृषि विभाग का मानना है कि इस डिजिटल टोकन व्यवस्था से खाद की कालाबाजारी रुकेगी, बिक्री केंद्रों पर लगने वाली लंबी कतारें खत्म होंगी और किसानों को उनकी वास्तविक जरूरत के अनुसार समय पर उर्वरक मिल सकेगा।

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Ravi Pratap Pandey

रवि पिछले 7 वर्षों से छत्तीसगढ़ में सक्रिय पत्रकार हैं। उन्होंने राज्य के सामाजिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक पहलुओं पर गहराई से रिपोर्टिंग की है। जमीनी हकीकत को उजागर करने और आम जनता की आवाज़ को मंच देने के लिए वे लगातार लेखन और रिपोर्टिंग करते रहे हैं।

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