धमतरी जिले में नदी के एनीकट पर मछली पकड़ रहा युवक बहा, युवक की तलाश में जुटी गोताखोर टीम

धमतरी जिले में पिछले चार दिनों से जारी मूसलाधार बारिश ने आम जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है। लगातार बारिश की वजह से जिले की बालका नदी और सीतानदी समेत कई छोटे-बड़े नाले उफान पर हैं। इस बीच नगरी क्षेत्र के पास एक दर्दनाक हादसा सामने आया है, जहां बालका नदी के एनीकट पर मछली पकड़ने गया एक युवक नदी के तेज बहाव में बह गया। घटना के 48 घंटे बीत जाने के बाद भी उसका कोई पता नहीं चल सका है।

मछली पकड़ने के दौरान अचानक बढ़े जलस्तर की चपेट में आया युवक

नगरी क्षेत्र का रहने वाला धनंजय बुधवार को बालका नदी पर बने एनीकट के पास मछली पकड़ने गया था। उसी दौरान उपरी इलाके में हुई भारी बारिश की वजह से नदी का जलस्तर अचानक बहुत तेजी से बढ़ गया। पानी के तेज बहाव और जलस्तर में अचानक हुई बढ़ोतरी के कारण धनंजय संतुलन खो बैठा और नदी की तेज धारा में बह गया।

प्रत्यक्षदर्शियों के सामने आंखों के ओझल हुआ धनंजय

घटना के वक्त आसपास कुछ अन्य लोग भी मौजूद थे। धनंजय को पानी के तेज बहाव में बहता देख लोगों ने अपने स्तर पर उसे बचाने की कोशिश की। हालांकि नदी का रुख इतना खतरनाक और पानी की रफ्तार इतनी तेज थी कि देखते ही देखते वह गहरे पानी में समा गया और नजरों से ओझल हो गया। इसके बाद स्थानीय लोगों ने तुरंत सिहावा पुलिस स्टेशन को हादसे की जानकारी दी।

सूचना मिलते ही सिहावा पुलिस और रेस्क्यू टीम ने संभाला मोर्चा

हादसे की खबर मिलते ही सिहावा थाने की पुलिस टीम दल-बल के साथ मौके पर पहुंची। पुलिस ने स्थानीय गोताखोरों की मदद से तुरंत नदी के तटीय इलाकों में खोजबीन शुरू कराई। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए आपदा प्रबंधन और राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) की रेस्क्यू टीम को भी मौके पर तैनात किया गया है।

48 घंटे से लगातार जारी है सर्च ऑपरेशन

हादसे को दो दिन बीत चुके हैं और रेस्क्यू टीम लगातार नदी के बहाव क्षेत्र में धनंजय की तलाश कर रही है। हालांकि लगातार हो रही बारिश और नदी में पानी की आवक बने रहने के कारण सर्च ऑपरेशन चलाने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। पुलिस प्रशासन के अनुसार अगर जरूरत पड़ी तो आसपास के जिलों से अतिरिक्त बचाव दलों को भी बुलाया जा सकता है।

चार दिनों की भारी बारिश से उफान पर जिले के नदी-नाले

धमतरी जिले में चार दिनों से रुक-रुक कर हो रही तेज बारिश के कारण नदी-नालों का जलस्तर खतरे के निशान के करीब पहुंच गया है। ग्रामीण इलाकों को जोड़ने वाले कई छोटे पुल और एनीकट पानी में पूरी तरह डूब चुके हैं। एनीकटों के ऊपर से पानी बहने की वजह से कई गांवों का आपस में संपर्क कट गया है और आवागमन बाधित हुआ है।

उफनते जल स्रोतों के पास न जाने की प्रशासन ने की अपील

हादसे के बाद जिला प्रशासन और पुलिस विभाग ने नागरिकों के लिए चेतावनी जारी की है। अधिकारियों ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि बारिश के मौसम में उफनती नदियों, नालों या एनीकटों के पास कोई भी व्यक्ति न जाए। उफनते पानी में नहाने, मछली पकड़ने या जान जोखिम में डालकर नदी पार करने के प्रयासों पर पूरी तरह रोक लगाने को कहा गया है।

आपात स्थिति के लिए नियंत्रण कक्ष स्थापित, मुस्तैद हुआ प्रशासन

जिले में बने बाढ़ जैसे हालात को देखते हुए प्रशासन ने अलर्ट जारी कर दिया है। राजस्व और पुलिस अधिकारियों को संवेदनशील इलाकों पर नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं। नागरिकों से कहा गया है कि किसी भी आपात स्थिति या जलभराव की सूचना तुरंत स्थानीय कंट्रोल रूम या नजदीकी पुलिस थाने में दें, ताकि समय रहते राहत कार्य शुरू किया जा सके।

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Ravi Pratap Pandey

रवि पिछले 7 वर्षों से छत्तीसगढ़ में सक्रिय पत्रकार हैं। उन्होंने राज्य के सामाजिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक पहलुओं पर गहराई से रिपोर्टिंग की है। जमीनी हकीकत को उजागर करने और आम जनता की आवाज़ को मंच देने के लिए वे लगातार लेखन और रिपोर्टिंग करते रहे हैं।

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